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चीन एवरेस्ट के शिखर पर ‘विभाजन रेखा’ क्यों खींचना चाहता है?
चीन ने कहा है कि नेपाल से आने वाले पर्वतारोहियों को अपने पर्वतारोहियों से घुलने-मिलने से बचाने के लिए वह माउंट एवरेस्ट के शिखर पर एक 'विभाजन की रेखा' खींच रहा है.
एक सप्ताह पहले नेपाल के बेस कैंप में पर्वतारोहियों और प्रशासन ने पर्वत पर चढ़ाई करने वालों में कोविड के मामले बढ़ने को लेकर चेतावनी दी थी.
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एवरेस्ट चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित है और इस पर दोनों ओर से पर्वतारोही चढ़ाई करते हैं.
हालांकि, यह अभी तक साफ़ नहीं है कि चीन पहाड़ पर नियम कैसे लागू करेगा.
एवरेस्ट के शिखर पर भारी बर्फ़ रहती है और एक समय पर केवल 6 लोग ही वहाँ खड़े हो सकते हैं, जिस समय अधिक पर्वतारोही रास्ते में होते हैं तो वहाँ लाइन लग जाती है.
चीन ने क्या किया है
चीन ने तिब्बत के पर्वतारोही गाइड्स की एक टीम को शिखर के लिए रवाना किया है ताकि वह वहाँ पर एक विभाजन रेखा बना सकें. चीन के पर्वतारोहियों का एक समूह अभी रास्ते में है और वे वहाँ पहुँचने ही वाले हैं.
चीन की ओर से चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों को नेपाल की ओर से आने वाले किसी भी शख़्स से संपर्क करने से प्रतिबंधित किया गया है और शिखर पर रखी हुई चीज़ों को भी छूने की अनुमति नहीं दी गई है.
यह अभी तक साफ़ नहीं है कि इन प्रतिबंधों को बरक़रार रखने के लिए तिब्बती गाइड इस इलाक़े में कब तक रहेंगे.
तिब्बत के स्पोर्ट्स ब्यूरो के डायरेक्टर ने चीन के सरकारी मीडिया से कहा है कि उत्तर और दक्षिण की ओर से चढ़ाई करने वाले पर्वतारोही केवल एवरेस्ट के शिखर पर ही एक-दूसरे के संपर्क में आ सकते हैं.
किसको पर्वतारोहण की है अनुमति
वर्तमान में बिना अनुमति के अभी पर्यटकों को चीन के बेस कैम्प में जाने की अनुमति नहीं है. चीन ने विदेशी लोगों के पर्वतारोहण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.
वहीं, नेपाल जिसकी अधिकतर आय एवरेस्ट के अभियानों पर निर्भर करती है, उसने विदेशी पर्वतारोहियों को अनुमति दी हुई है और इस सीज़न में 400 लोगों को अनुमति दी गई है.
नेपाल में इस समय कोरोना वायरस की दूसरी लहर जारी है और हालिया हफ़्तों में नेपाल की तरफ़ से चढ़ाई करने वाले 30 से अधिक बीमार पर्वतारोहियों को बचाया गया है.
बीते सप्ताह बेस कैंप में मेडिकल क्लीनिक चलाने वाले एक सरकारी संगठन हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन ने बीबीसी से कहा था कि उन्हें कुछ पर्वतारोहियों में कोरोना के पॉज़िटिव मामले मिले थे जिन्हें खोजी अभियान दल काठमांडू ले गए थे.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, बीते तीन सप्ताह में नेपाल में सक्रिय मामलों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है और पांच में से दो लोग पॉज़िटिव पाए जा रहे हैं.
नेपाल में इस समय 3,94,667 से अधिक कोरोना के मामलों की पुष्टि हो चुकी है जबकि इसके कारण 3,720 लोगों की मौत हुई है.
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