भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर सऊदी अरब ने बताई अपनी सोच

इमरान ख़ान और मोहम्मद बिन सलमान

इमेज स्रोत, Reuters

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर अपनी राय प्रकट की है और कहा है कि उनका देश दोनों के बीच तनाव कम करने को लेकर प्रयास करेगा.

सऊदी विदेश मंत्री ने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के सऊदी अरब के तीन दिन के दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में कही.

प्रिंस फ़ैसल ने पाकिस्तान के सरकारी मीडिया को दिये इस इंटरव्यू में कहा, "पाकिस्तान-भारत संबंधों पर, मैं सचमुच इस बात की सराहना करना चाहता हूँ कि हाल के समय में तनाव कम हुआ है और युद्धविराम हुआ. ये सही दिशा में उठाया गया एक शानदार क़दम है."

रेडियो पाकिस्तान और पीटीवी पर प्रसारित इस इंटरव्यू में प्रिंस फ़ैसल ने कहा, "हम इस प्रक्रिया का उत्साह बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे और ये सुनिश्चित करेंगे कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता रहे."

उन्होंने कहा, "हमारे नज़रिए से हर किसी नीति में मुख्य ज़ोर उस देश के लोगों को समृद्ध करने पर रहना चाहिए."

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

पाकिस्तान ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा

पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के तीन दिन के सऊदी दौरे में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया.

इमरान ख़ान के दफ़्तर के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने 'राष्ट्रीय आर्थिक विकास के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक शांतिपूर्ण पड़ोसी की ज़रूरत को रेखांकित किया.'

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

इमरान ख़ान के दफ्तर ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के महत्व पर बल दिया."

"प्रधानमंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुलह के समर्थन के लिए पाकिस्तान के लगातार प्रयासों पर भी प्रकाश डाला."

सऊदी-पाकिस्तान संबंध

सऊदी अरब, भारत और पाकिस्तान दोनों का क़रीबी समझा जाता रहा है, मगर हाल के वर्षों में भारत के साथ उसकी क़रीबी बढ़ी है.

वहीं इस दौरान पाकिस्तान के साथ उसके संबंधों में थोड़ी खटास दिखाई देने लगी.

हाल के सालों में दोनों देश कई मुद्दों पर साथ नहीं दिखाई दिए. उनके बीच तनाव 2015 में शुरू हुआ जब यमन में हो रही सैन्य कार्रवाई में सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना में शामिल होने के लिए पाकिस्तान ने अपनी सेना भेजने से इनकार कर दिया.

अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ काबा में उमरा करते इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ काबा में उमरा करते इमरान ख़ान

इसके बाद भी कई मुद्दों पर दोनों देशों में मतभेद देखा गया.

पाकिस्तान कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के विरोध में था. लेकिन सऊदी अरब ने इसे भारत का अंदरूनी मामला बताया जिसे पाकिस्तान में पसंद नहीं किया गया.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने तब इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को चुनौती देते हुए अलग से एक बैठक करवाने की धमकी दी थी. इसे मुस्लिम जगत में सऊदी अरब की अगुआई को चुनौती देने के क़दम के तौर पर देखा गया था.

शाह महमूद क़ुरैशी ने अब इमरान ख़ान के दौरे के समय कहा है कि 'प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के सऊदी अरब के दौरे से दोनों देशों के बीच भाईचारे के रिश्ते को नया बल मिलेगा.'

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

संबंध सुधारने का प्रयास

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के सऊदी अरब दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने का एक प्रयास बताया जा रहा है.

शुक्रवार को इमरान ख़ान के सऊदी अरब पहुँचने पर सऊदी अरब के सबसे ताक़तवर नेता समझे जाने वाले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान ने उनका स्वागत किया.

वीडियो कैप्शन, सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सुर ईरान पर क्यों बदल रहे हैं?

क्राउन प्रिंस और इमरान ख़ान ने इसके बाद जेद्दा में मुलाक़ात की जिसके बाद दोनों देशों ने दो समझौतो और दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए.

पीएम इमरान ख़ान के दफ़्तर ने ट्वीट कर बताया कि दोनों देशों ने सामाजिक और आर्थिक मुद्दों से जुड़े एमओयू पर दस्तख़त किए.

सऊदी अरब प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ पाकिस्तान ने सऊदी फंड ऑफ़ डिवेलपमेंट (एसएफडी) के साथ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, परिवहन, जल और संचार के क्षेत्र में वित्तीय मदद से जुड़े एक एमओयू पर दस्तखत़ किए हैं.

इमरान ख़ान सऊदी अरब के दौरे में मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थल काबा भी गए. वहाँ उन्होंने अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ उमरा किया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)