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मंदिर से पानी पीने पर मुस्लिम लड़के की पिटाई, विदेशी मीडिया ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद शहर में एक मंदिर से पानी पीने के लिए पीटे गये मुस्लिम लड़के की ख़बर को विदेशी मीडिया ने, ख़ासकर मुस्लिम देशों के मीडिया ने प्रमुखता से छापा है.
पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने लिखा है कि एक मुसलमान लड़के को मंदिर में प्रवेश करने और पानी पीने के लिए बुरी तरह पीटा गया.
अख़बार लिखता है कि गुरुवार को ग़ाज़ियाबाद ज़िले (यूपी) के डासना कस्बे में मंदिर के केयरटेकर श्रृंगी नंदन यादव ने मंदिर से पानी पीने के लिए 14 वर्षीय मुस्लिम लड़के की पिटाई की.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में मुस्लिम लड़के के पिता का बयान छापा है, जिन्होंने कहा, "मेरा बेटा प्यासा था, इसलिए वो मंदिर में लगी एक टंकी से पानी पीने चला गया. उससे उसकी पहचान पूछने के बाद उसे पीटा गया. उसे काफ़ी चोट आई है. उसके सिर में चोट है. यह सरासर ग़लत है. क्या पानी का भी कोई धर्म होता है? मुझे नहीं लगता कि किसी भी धर्म में प्यासे को पानी देने से मना किया गया है. इस मंदिर में भी पहले इस तरह की पाबंदी नहीं थी, लेकिन कुछ नियम अब बदले गये हैं."
ग़ाज़ियाबाद पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात को ही पुलिस ने अभियुक्त श्रृंगी नंदन यादव को गिरफ़्तार कर लिया था जो बिहार के रहने वाले हैं और ख़ुद को दक्षिणपंथी उपदेशक यति नरसिंघानंद सरस्वती का शिष्य बताते हैं. पुलिस के मुताबिक़, यादव छह महीने पहले ही गाज़ियाबाद शिफ़्ट हुए थे.
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सह-अभियुक्त शिवानंद ने लड़के की बर्बर पिटाई का वीडियो रिकॉर्ड किया था. इस संबंध में दोनों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-504 (शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर किया गया अपमान), 505 (सार्वजनिक उपद्रव के लिए दिया गया बयान) और 352 (हमला करना) के तहत केस दर्ज किया गया है.
लेकिन इस घटना की चर्चा ना सिर्फ़ भारतीय सोशल मीडिया में हुई, बल्कि अन्य देशों तक यह ख़बर पहुँची.
बांग्लादेश के अंग्रेज़ी भाषा के दैनिक अख़बार ढाका ट्रिब्यून ने लिखा है कि 'सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने की वजह से श्रृंगी नंदन यादव द्वारा की गई हरकत पर सबकी नज़र गई.'
अख़बार लिखता है, "वायरल वीडियो में यादव को उस लड़के से उसका और उसके पिता का नाम पूछते हुए देखा जा सकता है. फिर लड़के से पूछा जाता है कि वो मंदिर में क्या कर रहा था, तो वो कहता है कि 'वो पानी पीने आया था.'
इसके बाद अभियुक्त उस लड़के का हाथ मरोड़कर उसे मारना शुरू कर देता है. वो उसके ज़मीन पर गिर जाने के बाद भी उसे मारता रहता है और उसका सहयोगी वीडियो बनाता रहता है."
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट ने लिखा है, ''इस वीडियो को सबसे पहले 'हिन्दू एकता संघ' नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया.''
पाकिस्तान के जंग मीडिया समूह के अंग्रेज़ी अख़बार द न्यूज़ इंटरनेशनल ने भी इस घटना पर रिपोर्ट प्रकाशित की है.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस अधिकारी के बयान को शामिल किया है, जिसमें लिखा है कि "दोनों अभियुक्त पिछले तीन महीने से मंदिर में ही रह रहे थे. दोनों ने ही इस वीडियो को वायरल करने की कोशिश की. दोनों मंदिर में सेवा करते थे."
पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार द एक्स्प्रेस ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में घटना का पूरा ब्यौरा देने के साथ-साथ नेशनल कमिशन फ़ॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो का बयान छापा, जिन्होंने कहा है कि 'एनसीपीसीआर बच्चे के अधिकारों की रक्षा करेगा.'
ब्रिटेन के अख़बार द मुस्लिम न्यूज़ ने भी इस ख़बर को जगह दी है. अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, "भारत की राजधानी दिल्ली से महज़ 30 किलोमीटर दूर एक मुस्लिम लड़के को इसलिए बुरी तरह पीटा गया, क्योंकि उसने मंदिर की टंकी से पानी पिया था."
अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस इस मामले के पीछे की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है.
अख़बार लिखता है, "साल 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से, मुसलमानों समेत अन्य अल्पसख्यक समुदायों पर हमलों की संख्या बढ़ी है. पिछले साल ही देश की राजधानी (दिल्ली) में सांप्रदायिक दंगे हुए थे. इन दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गये थे जिनमें से अधिकांश मुसलमान थे." अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में ह्यूमन राइट्स वॉच और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट का ज़िक्र भी किया है.
तुर्की के अख़बार डेली सबाह ने भी हूबहू वही रिपोर्ट अपने यहाँ प्रकाशित की है जो ब्रितानी अख़बार द मुस्लिम न्यूज़ ने की है. अख़बार ने अपनी ख़बर में अमेरिकी संस्था फ़्रीडम हाउस की उस रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया है, जिसमें भारत के स्टेटस को 'फ़्री' से गिराकर 'आशिंक रूप से फ़्री' कर दिया गया है.
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस घटना पर ट्वीट किया है. काउंसिल ने लिखा, "गाज़ियाबाद (यूपी) से आयी एक वायरल वीडियो में ख़ुद को हिंदुत्ववादी चरमपंथी बताने वाले श्रृंगी नंदन यादव को एक नाबालिग मुस्लिम लड़के को बर्बतापूर्वक पीटते और गाली देते हुए देखा जा सकता है. श्रृंगी को डासना देवी मंदिर के पास से गिरफ़्तार कर लिया गया."
पत्रकार सीजे वेर्लेमैन ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए, ट्विटर पर लिखा, "जघन्य. गाज़ियाबाद (यूपी) में हिन्दू चरमपंथियों की भीड़ एक मुसलमान लड़के को इसलिए पीटती है क्योंकि उसने एक मंदिर से पानी पिया. इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों को पता है कि ऐसी हिंसा को सरकार का समर्थन प्राप्त है, इसलिए वो इस घटना की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाल रहे हैं."
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