तालिबान प्रमुख ने अपने नेताओं से कहा, "कम शादियाँ करें, दुश्मन को प्रोपगैंडा का मौका मिलता है''- पाकिस्तान से उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों के मुताबिक़, इस हफ़्ते सरकार और विपक्ष के बीच विदेशी फ़ंडिंग को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ ने सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ़ पार्टी के ख़िलाफ़ जारी विदेशी फ़ंडिग केस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'चुनाव आयोग इस पर क्यों फ़ैसला नहीं कर रहा है.'

शनिवार को लंदन से वीडियो लिंक के ज़रिए अपने भाषण में नवाज़ शरीफ़ ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा कि 'विदेशी फ़ंडिंग केस छह साल से लटका हुआ है, जबकि उनके मुताबिक़ ठोस सुबूत मौजूद हैं.'

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि 11 विपक्षी पार्टियों का गुट पीडीएम (पाकिस्तान डेमोक्रैटिक मूवमेंट) ने 19 जनवरी को चुनाव आयोग के दफ़्तर के सामने विरोध प्रदर्शन करने का फ़ैसला किया है.

शरीफ़ ने कहा कि अब तो इमरान ख़ान ने भी स्वीकार कर लिया कि विदेशी फ़ंडिंग मामले में ख़राबियाँ हैं, लेकिन उन्होंने अपनी आदत के मुताबिक़, इसके लिए एजेंटों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

शरीफ़ ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान ने चुनाव आयोग को पीटीआई के 23 बैंक खातों की जानकारी दी है जिनमें बाहर से पैसे आते थे. शरीफ़ ने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान ने इनमें से 15 बैंक खातों की जानकारी चुनाव आयोग को दी ही नहीं.

फ़ैसला वक़्त पर आता तो इमरान अयोग्य घोषित किये जाते: मुस्लिम लीग

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी के नेतृत्व में इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि 'पीटीआई के 23 बैंक खातों में इसराइल और भारत से भी पैसे आये.'

अख़बार जंग के अनुसार, मुस्लिम लीग (नवाज़) के महासचिव एहसान इक़बाल ने कहा कि अगर विदेशी फ़ंडिंग केस का फ़ैसला वक़्त पर आ जाता तो इमरान ख़ान सियासत के लिए अयोग्य क़रार दिए जाते और उनकी पार्टी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाता.

इमरान ख़ान ने विपक्ष और नवाज़ शरीफ़ के हमलों का जवाब दिया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, इमरान ख़ान ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि पीडीएम वाले चुनाव में धांधली के आरोप के बाद अब चुनाव आयोग में विदेशी फ़ंडिंग पर आ गये हैं. मैं चुनाव आयोग से अपील करता हूँ कि वो हमारा, पीपीपी, मुस्लिम लीग (नवाज़) और मौलाना फ़ज़लुर्रहमान का हिसाब-किताब सामने रख दें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा."

इमरान ने कहा, "मैं गारंटी देता हूँ कि इन दोनों पार्टियों ने बाहर के मुल्कों से पैसा लिया है. शेख़ रशीद (मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री) सब बता सकते हैं, जब वे मुस्लिम लीग में थे और नवाज़ शरीफ़ के साथ बाहर गए तो किन-किन मुल्कों ने इनको पैसा दिया."

इमरान ने कहा, "मुझे भी दो मुल्कों ने फ़ंडिंग की पेशकश की थी जो उन दोनों बड़ी पार्टियों को फ़ंडिंग कर रहे हैं. उनमें इसराइल शामिल नहीं लेकिन नाम इसलिए नहीं बता सकता कि इन मुल्कों के साथ संबंध ख़राब हो जाएंगे."

इमरान ने कहा कि 'उनकी पार्टी पाकिस्तान के इतिहास में पहली पार्टी है जिसने आधिकारिक रूप से सबको बताकर सियासी फ़ंड रेज़िंग की.'

इमरान ख़ान की पार्टी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वो मुस्लिम लीग (नवाज़) और पीपीपी के ख़िलाफ़ विदेशी फ़ंडिंग के केस की रोज़ाना सुनवाई करे.

पीटीआई का कहना है कि इन दोनों के ख़िलाफ़ केस चार सालों से लटका हुआ है इसलिए इसे फ़ौरन निपटाया जाए.

पाकिस्तान में असल लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है: इमरान ख़ान

इमरान ख़ान ने विपक्षी पार्टियों पर एक और हमला करते हुए कहा कि 'पाकिस्तान में इस वक़्त असल लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है.'

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार, एक निजी टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में इमरान ख़ान ने कहा, "पाकिस्तान में इस वक़्त सामंती प्रथा है, मतलब ये कि नाम तो लोकतंत्र का लेते हैं लेकिन परिवार शासक बन जाते हैं और 25 साल का नौजवान अपनी माँ की वसीयत पर आ जाता है."

इमरान ख़ान ने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि ये दोनों (शरीफ़ और भुट्टो) ख़ानदान पहले क्या थे और सत्ता में आने के बाद कहाँ पहुँचे.

उन्होंने ख़ुद का बचाव करते हुए कहा, "मैं पाकिस्तान का अकेला राजनेता हूँ जो जीएचक्यू (सेना मुख्यालय) की नर्सरी में नहीं पला, अय्यूब (फ़ील्ड मार्शल अय्यूब ख़ान) की कैबिनेट में ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो अकेले सिविलियन मंत्री थे और नवाज़ शरीफ़ को पाल कर राजनेता बनाया गया."

तालिबान नेता ज़्यादा शादियाँ ना करें: अफ़ग़ान तालिबान प्रमुख

अख़बार दुनिया के अनुसार, अफ़ग़ान तालिबान प्रमुख मुल्ला हैबतुल्लाह ने एक बयान जारी कर अफ़ग़ान तालिबान नेताओं से अपील की है कि वो ज़्यादा शादियाँ ना करें क्योंकि इससे दुश्मन को उन लोगों के ख़िलाफ़ प्रोपगैंडा करने का मौक़ा मिल जाता है.

बयान में कहा गया है कि अगर कोई दूसरी शादी करना चाहता है तो उसे अफ़ग़ान तालिबान प्रमुख से लिखित इजाज़त लेनी होगी.

बयान में कहा गया है कि ज़्यादा शादियों के कारण तालिबान नेताओं की तरफ़ से इस काम (शादियों) के लिए फ़ंडिंग की माँग बढ़ने लगी थी.

बयान में एक से ज़्यादा शादी पर फ़िलहाल पाबंदी नहीं लगाई गई है लेकिन इतना ज़रूर कहा गया है कि अगर तालिबान नेतृत्व और तालिबान के कमांडर ज़्यादा शादियाँ ना करें तो वो इस तरह की परेशानियों से बच जाएंगे और दुश्मन को उनके ख़िलाफ़ प्रोपगैंडा का भी मौक़ा नहीं मिलेगा.

ज़्यादातर तालिबान नेताओं ने एक से ज़्यादा शादियाँ कर रखी हैं. अफ़ग़ान तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर और उनके बाद प्रमुख मुल्ला अख़्तर मंसूर की तीन-तीन पत्नियां थीं.

तालिबान के मौजूदा प्रमुख की दो पत्नियाँ हैं. दोहा में तालिबान के सबसे वरिष्ठ नेता मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर की तीन बीवियां हैं.

पाकिस्तानी अदालत के आदेश पर नवाज़ गिरफ़्तार नहीं हो सकते: ब्रिटेन

उधर लंदन में रह रहे नवाज़ शरीफ़ को वहाँ के क़ानून की वजह से राहत मिली है.

अख़बार जंग के अनुसार, ब्रितानी सरकार ने कहा है कि लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की तरफ़ से नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी करने के आधार पर सरकार उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकती है.

ब्रितानी सरकार का कहना है कि यह मामला नवाज़ शरीफ़ और पाकिस्तान सरकार के बीच है और ब्रिटेन की पुलिस ब्रिटेन से बाहर किसी अदालत के आदेश पर अपने मुल्क में रह रहे किसी आदमी को गिरफ़्तार नहीं कर सकती.

ब्रिटेन ने कहा कि पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि भी नहीं है. ब्रिटेन की सरकार ने हालांकि आगे कहा कि संधि नहीं होने के बावजूद किसी को प्रत्यर्पित किया जा सकता है लेकिन इसका एक प्रॉपर चैनल होता है.

सरकार और विपक्षी महागठबंधन पीडीएम के बीच जारी गतिरोध के दौरान सरकार ने सुलह सफ़ाई की भी कोशिश की है.

विपक्ष से बात करने के लिए कमेटी का गठन: गृहमंत्री शेख़ रशीद

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने उनकी (शेख़ रशीद) अध्यक्षता में विपक्ष से बात करने के लिए एक कमेटी बना दी है.

लाहौर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष की रैली और विरोध प्रदर्शन में कोई रुकावट नहीं डाली जाएगी, लेकिन इजाज़त देने का मतलब खुली छूट नहीं है, शांति भंग करने की कोशिश की गई तो क़ानून अपना काम करेगा.

उन्होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि विपक्षी सांसद इस्तीफ़ा नहीं देंगे और विपक्षी पार्टियाँ सीनेट और उप-चुनाव में हिस्सा भी लेंगी.

उन्होंने पीडीएम के अंदर के मतभेद को उजागर करने की कोशिश करते हुए कहा कि हमें पीडीएम के नेतृत्व से कोई डर नहीं है. मौलाना फ़ज़लुर्रहमान पाँच ओवर का मैच खेलना चाहते हैं और पीपीपी टेस्ट मैच खेल रही है, जबकि आसिफ़ अली ज़रदारी ग्राउंड के दोनों तरफ़ खेल रहे हैं.

16 अक्तूबर से अब तक विपक्ष सरकार के ख़िलाफ़ गुजरांवाला, कराची, क्वेटा, पेशावर, मुल्तान, लाहौर और बूनं में बड़ी रैलियां कर चुका है जिनमें हज़ारों लोग शरीक हुए थे.

कश्मीर भारत का अंदुरूनी मामला नहीं: पाकिस्तानी विदेश मंत्री

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि इस हफ़्ते ब्रितानी संसद में भारत प्रशासित कश्मीर के मुद्दे पर हुई बहस से यह बात स्पष्ट हो गई है कि यह भारत का अंदुरूनी मामला नहीं है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार, क़ुरैशी ने कहा कि जो बात उनकी सरकार पिछले दो साल से कहती आ रही है, आज पूरी दुनिया उस बात का समर्थन कर रही है.

उन्होंने कहा कि ब्रितानी संसद में हुई बहस ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत प्रशासित कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विवादित मसला है जिस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्ताव मौजूद हैं और यह भारत का अंदुरूनी मामला हरगिज़ नहीं है.

उन्होंने कहा कि अमेरिकी संसद, ब्रितानी संसद और यूरोपीय संसद का एक प्रतिनिधि मंडल भारत प्रशासित कश्मीर का दौरा करेगा.

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