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कोरोना: यूरोप के कई देशों में पहुँचा वायरस का नया स्ट्रेन, बढ़ी चिंता
यूरोप के कई देशों ने अपने यहाँ कोरोना वायरस के नए और ज़्यादा संक्रामक वैरिएंट के पाए जाने की पुष्टि की है. ये वायरस का वही स्ट्रेन है जिसकी पहचान सबसे पहले ब्रिटेन में हुई थी.
अब स्पेन, स्वीडन और स्विटज़रलैंड ने बताया है कि ब्रिटेन की यात्रा से लौटे उसके नागरिकों के कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
ब्रिटेन में वायरस के नए स्ट्रेन की ख़बर मिलने के बाद कई देशों ने अपने नागरिकों की वहाँ आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था.
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में गुरुवार को ब्रिटेन से लौटे एक शख़्स के तीन रिश्तेदारों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है. यह जानकारी शहर के डिप्टी हेल्थ चीफ़ एंटोनियो ज़ापातेरो ने दी है.
उन्होंने कहा, "संक्रमण का चौथा मामला भी ब्रिटेन से लौटे एक व्यक्ति का है. हालाँकि कोई भी मरीज़ गंभीर रूप से बीमार नहीं है इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं है."
उन्होंने कहा कि तीन अन्य संदिग्ध मामले हैं जिनमें नए वैरिएंट का संक्रमण हो सकता है लेकिन उनके टेस्ट के नतीजे मंगलवार या बुधवार से पहले नहीं आएंगे.
फ़्रांस, स्विटज़रलैंड, स्पेन और स्वीडन में भी मामले
इससे पहले शनिवार की सुबह फ़्रांस ने भी अपने यहाँ ब्रिटेन की यात्रा से लौटे एक व्यक्ति के नए स्ट्रेन से संक्रमित होने की ख़बर दी थी. संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं हैं और फ़िलहाल उन्होंने ख़ुद को घर में ही आइसोलेट कर लिया है.
वायरस के नए वैरिएंट की पुष्टि के बाद फ़्रांस ने ब्रिटेन से लगी अपनी सीमाएँ बंद कर दी थीं. हालाँकि बुधवार को उसने यूरोपीय संघ के नागरिकों के लिए सीमाएँ खोल दी थीं, बशर्ते यात्रा करने से पहले वे अपनी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट पेश करें.
स्पेन और फ़्रांस के अलावा स्विटज़रलैंड ने भी अपने यहाँ तीन लोगों के वायरस के नए वैरिएंट से संक्रमित होने की जानकारी दी है. इनमें से दो ब्रितानी नागरिक हैं जो क्रिसमस की छुट्टियाँ मनाने स्विटज़रलैंड गए थे.
स्विटज़रलैंड एकमात्र ऐसा देश है जिसने क्रिसमस के मौक़े पर विदेशी सैलानियों के लिए अपनी सीमाएं खोल रखी थीं और यही वजह है कि पिछले कुछ हफ़्तों में हज़ारों ब्रितानी नागरिक छुट्टियाँ मनाने यहाँ पहुँचे थे.
स्वीडन की एक ट्रैवल एजेंसी ने बताया है कि वहाँ ब्रिटेन से लौटे एक व्यक्ति की तबीयत ख़राब है और उन्होंने ख़ुद को आइसोलेट कर लिया है.
डेनमार्क, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया में भी लोगों के कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की चपेट में आने की पुष्टि हो चुकी है.
जापान ने शुक्रवार को बताया कि ब्रिटेन से लौटे पाँच जापानी नागरिक भी संक्रमित पाए गए हैं.
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कोरोना वायरस का नया वैरिएंट क्या है?
कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन की पहचान सबसे पहले लंदन, दक्षिण-पूर्वी ब्रिटेन और पूर्वी ब्रिटेन में हुई थी.
ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार इन दिनों देश में कोरोना पॉज़िटिव हो रहे लोगों में दो-तिहाई संख्या नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों की हो सकती है. हालाँकि ये एक अनुमान भर है.
वायरस के बारे में तीन प्रमुख बातें हैं जो दुनिया को चिंता में डाल रही हैं:
- ये बहुत जल्दी कोरोना वायरस के अन्य रूपों की जगह ले रहा है.
- इसके म्यूटेशन से वायरस के उन हिस्सों में बदलाव हुआ है जो इंसानी कोशिकाओं पर असर डालता है. इसमें N501Y नाम का म्यूटेशन हुआ है जो शरीर की कोशिकाओं को प्रभावित करता है.
- लैब में देखा गया है कि इनमें से कुछ म्यूटेशन की वजह से वायरस की इंसानी कोशिकाओं को संक्रमित करने की क्षमता बढ़ जाती है.
बीबीसी के स्वास्थ्य और विज्ञान संवाददाता जेम्स गैलाघर का कहना है कि इन सब वजहों से वायरस का नया वैरिएंट ज़्यादा आसानी से फैल सकता है.
हालाँकि राहत की बात ये है कि विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में तैयार हुई प्रमुख वैक्सीन वायरस के बदले हुए रूप पर भी प्रभावी होंगी.
कई देशों ने ब्रिटेन की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध
इस बीच 40 से ज़्यादा देशों ने इस महीने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सऊदी अरब, ओमान और कुवैत ने एक कदम आगे जाकर एक हफ़्ते के लिए अपनी सीमाएं पूरी तरह से बंद कर दी हैं.
वहीं, शनिवार को जापान ने जनवरी के आख़िर तक के लिए लगभग सभी ब्रितानी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी हैं. हालाँकि जापानी नागरिक और जापान में काम कर रहे लोगों को लौटने की इजाज़त होगी.
ब्रिटेन के अलावा दक्षिण अफ़्रीका में भी कोरोना वायरस का एक अन्य वैरिएंट मिला है. यह ब्रिटेन के वैरिएंट से अलग है.
दक्षिण अफ़्रीका के वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस का नया स्ट्रेन स्वस्थ और युवा लोगों को भी तेज़ी से अपनी चपेट में ले रहा है.
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