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पाकिस्तानी सेना पर चुनी हुई सरकार हटाने के लिए दबाव डाला जा रहा है: इमरान ख़ान - उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इकबाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान की सरकार और विपक्षी महागठबंधन के बीच जारी रस्साकशी और कोरोना से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
विपक्षी महागठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रैटिक मूवमेंट (पीडीएम) और इमरान ख़ान के बीच जारी राजनीतिक जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है.
इमरान ख़ान ने एक निजी टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि विपक्ष उन्हें सत्ता से हटाने के लिए सेना को ब्लैकमेल कर रहा है.
इमरान ख़ान का यह इंटरव्यू पाकिस्तान के सारे अख़बारों में पहले पन्ना पर छाया रहा.
अख़बार एक्सप्रेस ने इस पर सुर्ख़ी लगाई है, 'हुकूमत को हटाने के लिए विपक्ष सेना को ब्लैकमेल कर रहा है, जनरल बाजवा (पाकिस्तानी सेना प्रमुख) बर्दाश्त कर रहे हैं.'
अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि "विपक्ष सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई प्रमुख जनरल फ़ैज़ को निशाना बना रहा है, जिसका मक़सद सेना पर दबाव डालना है ताकि चुनी हुई सरकार को हटा दिया जाए."
इमरान ख़ान ने कहा कि विपक्षी नेता जो बयान दे रहे हैं उस पर ग़द्दारी का केस बन सकता है और इस पर सेना एक्ट का आर्टिकल छह लग सकता है.
इमरान ख़ान ने सेना प्रमुख जनरल बाजवा की तारीफ़ करते हुए कहा, "विपक्षी नेताओं के सेना प्रमुख पर दिए गए बयान से सेना में ग़म और ग़ुस्सा है लेकिन जनरल बाजवा सुलझे हुए इंसान हैं, उनमें ठहराव है. इसलिए बर्दाश्त कर रहे हैं क्योंकि वो लोकतंत्र पर विश्वास रखते हैं. अगर कोई और सेना प्रमुख होता तो फ़ौरन तीव्र प्रतिक्रिया होती.''
उन्होंने पाकिस्तानी सेना का एक दफ़ा फिर बचाव करते हुए कहा कि सेना उनके ऊपर नहीं बल्कि उनके नीचे काम करती है. उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तानी सेना के काम से बहुत ख़ुश हैं.
उन्होंने नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा कि उनको पाकिस्तान वापस लाने की पूरी कोशिश हो रही है लेकिन वो नहीं कह सकते कि नवाज़ शरीफ़ कब वापस आएंगे. उन्होंने कहा कि नवाज़ शरीफ़ से देश छोड़ कर जाने की इजाज़त पाने के लिए ऐसी अदाकारी की कि अगर हॉलीवुड में होते तो उन्हें ऑस्कर अवार्ड मिल जाता.
नवाज़ शरीफ़ की वतन वापसी पर गृह मंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि, नवाज़ शरीफ़ और इसहाक़ डार को अल्लाह ही लाएगा तो आएंगे. शेख़ रशीद ने कहा कि पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है इसलिए नवाज़ शरीफ़ को वतन वापस लाना मुश्किल है.
इमरान ख़ान और विपक्षी महागठबंध की लड़ाई पहुँची लाहौर
विपक्षी महागठबंधन पीडीएम के लॉन्ग मार्च के फ़ैसले पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को पता चल जाएगा कि इस्तीफ़ा किसी देना पड़ेगा उन्हें या इमरान ख़ान को.
इमरान ख़ान ने लाहौर जलसे को फ़ेल क़रार दिया था.
पीडीएम ने 13 दिसंबर को लाहौर में जलसा किया था और इसे सरकार के ख़िलाफ़ लोगों का अंतिम फ़ैसला क़रार दिया था. लेकिन सरकार ने उसे ख़ारिज करते हुए कहा था कि जलसा पूरी तरह नाकाम रहा था.
पीडीएम नेता अहसन एक़बाल ने कहा था कि सरकार क्लीन बोल्ड हो चुकी है लेकिन पिच छोड़ने को तैयार नहीं.
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि "विपक्ष ने लाहौर के जलसे को आर-पार की लड़ाई कहा था लेकिन रैली के बाद पता चला कि न आर हुआ न पार सिर्फ़ विपक्ष हुआ ख़ार."
लाहौर के जलसे के बाद विपक्षी महागठबंधन ने राजधानी इस्लामाबाद में लॉन्ग मार्च करने की घोषणा की है. विपक्ष के अनुसार 31 जनवरी के बाद से कभी भी लॉन्ग मार्च शुरू हो सकती है.
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने विपक्ष की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि अगर वो राजधानी इस्लामाबाद में एक हफ़्ते भी धरना देते हुए गुज़ार लें तो वो इस्तीफ़े के बारे में सोचेंगे.
लाहौर के जलसे पर भले ही सरकार और विपक्ष के अपने-अपने दावे हों, लेकिन इससे पहले विपक्ष सरकार के ख़िलाफ़ अब तक गुजरानवाला, कराची, क्वेटा, पेशावर और मुल्तान में बड़ी रैलियां कर चुका है जिनमें हज़ारों लोग शरीक हुए थे.
पाकिस्तान-चीन वायुसेना की संयुक्त अभ्यास
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने पाकिस्तान और चीनी वायुसेना के संयुक्त अभ्यास का जायज़ा लिया.
इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास उभरते हुए सामरिक चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए दोनों देशों की जंगी तैयारी को बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं.
पाकिस्तान और चीन की वायुसेना साल 2011 से एयर ऑपरेशनल बेसेज़ पर संयुक्त अभ्यास कर रही हैं.
पाकिस्तान कोरोना प्रोग्राम के प्रमुख संक्रमित
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तान में कोरोना पर क़ाबू पाने के लिए बनाए गए संगठन नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन कंट्रोल (एनसीओसी) के प्रमुख असद उमर कोरोना संक्रमित हो गए हैं. वो घर पर ही आइसोलेट हो गए हैं.
असद उमर पाकिस्तान के केंद्रीय योजना मंत्री हैं और उन्हीं के अंतर्गत एनसीओसी काम करती है.
एनसीओसी के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख 51 हज़ार 494 हो गई है जिनमें 43 हज़ार से ज़्यादा केस एक्टिव हैं. पाकिस्तान में कोरोना से अब तक नौ हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. मरने वालों में 77 फ़ीसद लोग 50 साल से ज़्यादा उम्र के थे.
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कराची समेत कई इलाक़ों में माइक्रो स्मार्ट लॉकडाउन लागू कर दिया गया है.
एनसीओसी का कहना है कि अगले साल की तिमाही तक पाकिस्तान में कोरोना वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू होगा और देश के सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी.
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