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हाफ़िज़ सईद को एंटी टेरर कोर्ट ने साढ़े 10 साल क़ैद की सज़ा सुनाई
पाकिस्तान में लाहौर की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को दो अलग-अलग मामलों में दोषी पाते हुए साढ़े दस साल क़ैद की सज़ा सुनाई है.
हाफ़िज़ सईद को मुंबई हमलों (26 नवंबर 2008) का भी मास्टर माइंड माना जाता है.
अदालत ने उनकी संपत्ति को ज़ब्त करने के भी आदेश दिए हैं.
इसके अलावा उन पर एक लाख 10 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.
अदालत ने इस मामले में तीन और लोगों को सज़ा सुनाई है.
अब तक चार मुक़दमों में सज़ा
हाफ़िज़ सईद के साथी ज़फ़र इक़बाल और यहया अज़ीज़ को भी साढ़े दस साल क़ैद और जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है, जबकि अब्दुर्रहमान मक्की को छह महीने क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
हाफ़िज़ सईद जुलाई, 2019 से ही गिरफ़्तार हैं और उनके ख़िलाफ़ अब तक चार मुक़दमों के फ़ैसले सुनाए जा चुके हैं.
इससे पहले इसी साल फ़रवरी में लाहौर की इसी अदालत ने हाफ़िज़ सईद को दो मामलों में 11 साल क़ैद और तीस हज़ार रुपए जुर्मने की सज़ा सुनाई थी.
हालांकि हाफ़िज़ सईद और उनके साथी कहते रहे हैं कि वो बेक़सूर हैं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण उनको सज़ा सुनाई गई है.
हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके प्रतिबंधित संगठन के नेताओं के ख़िलाफ़ पंजाब भर में क़रीब दो दर्जन मुक़दमे दर्ज हैं.
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