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अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव 2020: आख़िरी क्षणों में वोटरों को लुभाने की कोशिश
सिर्फ़ दो दिन बाद यानी (अमरीकी समय के अनुसार तीन नवंबर और भारत के समयानुसार चार नवंबर) को अमरीकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होगा जिसका इंतज़ार शायद सारी दुनिया कर रही है.
दोनों उम्मीदवारों आख़िरी पलों में ज़ोरदार प्रचार कर रहे हैं और वोटरों को लुभाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ रहे हैं.
दोनों ही उम्मीदवार अपने कैंपेन जेट से प्रचार के लिए निकले हुए हैं.
हालांकि अमरीका में मतदान के निर्धारित दिन से पहले भी मतदाताओं को अपने वोट डालने की सुविधा होती है और अभी तक नौ करोड़ से ज़्यादा मतदाता वोट डाल चुके हैं. इससे अमरीका पिछली एक सदी के सबसे ज़्यादा वोटर टर्नआउट की ओर बढ़ रहा है. ये आंकड़े हैं यूएस इलेक्शन प्रोजेक्ट वेबसाइट के.
अब तक के अनुमान के अनुसार कैलिफ़ोर्निया ने सबसे ज़्यादा वोट किया है- एक करोड़ से ज़्यादा.
एक नज़र डालते हैं उन अहम राज्यों पर जहां के मतदाताओं को रिझाने की कोशिश दोनों उम्मीदवार यानी डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन कर रहे हैं.
विशेषज्ञों ने इस बार फ्लोरिडा, पेंसिलवेनिया, मिशिगन, विसकॉन्सिन, नॉर्थ कैरोलाइना और एरिज़ोना को टॉप बैटलग्राउंड राज्य कहा है. ये ऐसे राज्य हैं जो किसी पार्टी के गढ़ नहीं हैं और यहां किसी के भी हक़ में चुनाव जा सकता है.
इन सभी राज्यों में चुनावी सर्वेक्षण के अनुमान डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन को ही आगे बता रहे हैं. हालांकि फ्लोरिडा, नॉर्थ कैरोलाइना और एरिज़ोना में दोनों के बीच अंतर बहुत कम है.
डोनाल्ड ट्रंप चुनाव के अंतिम पड़ाव में उत्तरी कैरोलाइना, मिशिगन और विस्कॉन्सिन भी जाएंगे. उनका आख़िरी केंद्र होगा मिशिगन का ग्रैंड रेपिड्स.
2016 के चुनावों में यहां ट्रंप की जीत हुई थी लेकिन सबसे कम अंतर से इसी राज्य में जीत मिली थी. सिर्फ़ 10,704 वोटों से उन्होंने हिलेरी क्लिंटन को यहां ये हराया था. 2016 में भी उनका आख़िरी पड़ाव ग्रैंड रेपिड्स ही था.
वहीं, जो बाइडन ने आख़िरी वक़्त पर पेंसिलवेनिया और ओहायो जाने का फ़ैसला किया है.
वे चुनाव के आख़िरी दौर में काले लोगों के समर्थन के लिए अपील कर रहे हैं. रविवार को फ़िलाडेलफ़िया राज्य में एक रैली के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे काले लोगों पर कोरोना वायरस का प्रभाव ज़्यादा पड़ा है.
पेंसिलवेनिया में भी एक रैली के दौरान जो बाइडन ने ख़ुद को एक ऐसा उम्मीदवार बताया जो कोरोना महामारी से निपट सकते है और अमरीकी अर्थव्यवस्था में जान डाल सकता है.
जो बाइडन ने कहा, "सोचिए अगर राष्ट्रपति ने शुरू में ही मास्क का मज़ाक़ उड़ाने की बजाय इसे पहना होता तो हम किस हालत में होते. लगभग सारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुझसे सहमत हैं. अगर ऐसा होता तो इस देश में 90 लाख कोरोना केस नहीं होते और 2 लाख 30 हज़ार से ज़्यादा की मौत नहीं होती."
अमरीका की जानी-मानी गायिका लेडी गागा ने भी जो बाइडन को समर्थन करने का फ़ैसला किया है. वे पिट्सबर्ग में जो बाइडन के साथ एक रैली में दिखाई देंगी.
वहीं, ट्रंप ने फिर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और कहा कि अगर चुनाव वाले दिन के बाद भी वोटों की गिनती जारी रही तो उनके वकीलों को इसमें दख़ल देना पड़ेगा.
ट्रंप ने कहा, "अगर सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया होता कि पूरी गिनती इलेक्शन वाली शाम तक हो जानी चाहिए, तो ये बढ़िया बात होती. छह, आठ या नौ दिनों तक इंतज़ार करने से तो बेहतर होता क्योंकि लोग इलेक्शन वाले दिन ही नतीजे जानना चाहते हैं."
चुनाव सर्वेक्षण के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप अभी भी अपने डेमोक्रैटिक प्रतिद्वंद्वी से पीछे हैं. जो बाइडन ट्रंप से लगभग नौ फ़ीसद के अंतर से आगे चल रहे हैं.
हालांकि चुनाव के अंतिम नतीजे तक कुछ भी हो सकता है क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से इस बार डाक से आए वोट ज़्यादा होंगे. इसलिए कुछ राज्यों में वोटों की गिनती में भी देरी हो सकती है.
जॉर्जिया तीन नवंबर को और उससे पहले आए डाक वोटों को ही स्वीकार करता है. ओहायो देरी से आए डाक वोटों को भी स्वीकार कर लेता है बशर्ते उन पर तीन नवंबर का स्टैंप हो.
पेंसिलवेनिया, विसकॉन्सिन चुनाव के दिन से पहले वोटों की प्रोसेसिंग शुरू नहीं करते हैं तो ज़ाहिर है इन राज्यों का नतीजा आने में देरी हो सकती है.
पहले ऐसा नहीं होता था. 2008 में तो एक घंटे में ही नतीजा आ गया था और 2012 में एक घंटे 15 मिनट में.
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