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नेपाल-भारत-चीन सीमा: 'दो सालों में सीमा चौकियों की संख्या दोगुनी होंगी'
- Author, उमाकांत खनाल
- पदनाम, नेपाली सेवा के लिए , झापा से
नेपाल के पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि भारत और चीन से लगने वाली सीमा की निगरानी के लिए नेपाल अपनी सीमा पुलिस पोस्ट का विस्तार कर रहा है.
फिलहाल भारत और चीन के साथ नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक वर्ष के भीतर 221 सीमा पुलिस पोस्ट की स्थापना की जा रही है.
नेपाल सरकार ने कहा है कि उनका उद्देश्य दो साल के भीतर इस संख्या को 500 तक बढ़ाना है.
सशस्त्र पुलिस बल के प्रमुख ने कहा कि सीमा सुरक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है और यदि इस समय जिस रफ़्तार से काम हो रही है, वैसे ही काम होता रहा तो दो सालों के भीतर ये लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा.
नेपाल और भारत की सीमा तीन दिशाओं से लगती है और ये 1,880 किमी की खुली सीमा है. उत्तर में चीन के साथ नेपाल की 1,414 किमी की सीमा है.
सीमा विवाद
भारत और चीन के बीच हालिया सीमा विवादों के मद्देनजर नेपाल के सशस्त्र पुलिस प्रमुख का ये ताज़ा बयान आया है.
नेपाल सरकार ने सशस्त्र पुलिस बल को सीमा सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सौंपी है. सशस्त्र पुलिस बल ने इस वर्ष कालापानी के पास एक सीमा चौकी स्थापित की थी.
इसके अलावा, सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि चीन और भारत दोनों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जा रही है.
सशस्त्र पुलिस बल वर्तमान में सीमा सुरक्षा के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में बॉर्डर आउटपोस्ट (सीमा चौकियों) की स्थापना कर रहा है.
सशस्त्र पुलिस महानिरीक्षक शैलेंद्र खनाल के अनुसार, चीन और भारत के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में 500 सीमा चौकियां स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है.
अतिरिक्त पुलिस की ज़रूरत
सशस्त्र पुलिस बल के पास फिलहाल लगभग 37,000 सुरक्षा कर्मी हैं.
महानिरीक्षक शैलेंद्र खनाल ने कहा कि इतने सुरक्षा कर्मियों की मदद से इस साल के लिए 221 सीमा चौकियों के निर्माण का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, ''इस साल के लिए जो लक्ष्य है, उसके लिए मैनपावर काफी है. लेकिन सभी सीमा चौकियों की स्थापना के लिए 10,000 और लोगों को जोड़े जाने की ज़रूरत है.''
सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता और पुलिस उप महानिरीक्षक राजू आर्यल के अनुसार, अब तक 165 बीओपी स्थापित किए गए हैं.
महानिरीक्षक खनाल के अनुसार, 50 लोग बड़ी चौकियों पर और कम से कम 35 छोटी चौकियों पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है.
सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों के अनुसार, चीन और भारत के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा चौकियां किराये के घरों और खाली सरकारी दफ़्तरों में भी स्थापित की जा रही है.
महानिरीक्षक शैलेंद्र खनाल ने बताया कि कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों ने सीमा चौकी की स्थापना के लिए नि:शुल्क भूमि भी दान की है.
सशस्त्र पुलिस सीमा पर हथियारों के साथ रहती है
झापा के दक्षिणी कचनावल गाँव नगरपालिका के पथमारी में नेपाल और भारत के बीच अंतर करना मुश्किल है.
निचला इलाका भारत में है, ऊपरी इलाका नेपाल में है और पथमारी दोनों देशों के बीच आंगन की तरह लगता है.
सशस्त्र पुलिस बल वर्तमान में इस विवादित सीमा के पास एक सीमा चौकी की स्थापना कर रहा है.
इससे पहले, सीमा क्षेत्र में एक विवाद के दौरान हवा में सशस्त्र पुलिस की ओर से गोलीबारी करने की ख़बरें सामने आई थीं.
महानिरीक्षक खनाल ने कहा, "हमने अपनी ओर से सशस्त्र पुलिस तैनात कर दी है."
सीमा सुरक्षा
सीमा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन और भारत की सीमा पर सशस्त्र पुलिस बल की चेक पोस्ट स्थापित करने से सीमा सुरक्षा में मदद मिलेगी.
सीमा विशेषज्ञ बुद्धिनारायण श्रेष्ठ के अनुसार, नेपाली की तरफ़ से सशस्त्र पुलिस की उपस्थिति सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
बुद्धिनारायण श्रेष्ठ का कहना है कि जहां सीमा सुरक्षा चौकी पहले ही स्थापित की जा चुकी थी, वहां सीमा क्षेत्र में और कोई विवाद नहीं हुआ.
उन्होंने कहा, "इस मुद्दे को अलग-अलग पहल के माध्यम से हल किया जाना चाहिए."
हालांकि वे ये भी कहते हैं कि जब सशस्त्र पुलिस सीमा पर हथियारों के साथ खड़ी होती है, तो लोग सुरक्षित महसूस करते हैं.
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