नस्लभेद पर क्या कहती हैं मार्टिन लूथर किंग की बेटी

इमेज स्रोत, Getty Images
ब्लैक लाइव्स मैटर्स आंदोलन के चरम के वक्त अमरीका ने "आई हैव अ ड्रीम" स्पीच की 57वीं सालगिरह मनाई है. यहां मार्टिन लूथर किंग, मैल्कम एक्स और क्वैम एनक्रुमा की बेटियों ने अमरीका में नस्लीयता की स्थिति पर अपने विचार रखे.
एक तरफ जहां काले लोगों के लिए समानता और न्याय की मांग करने वाला मार्च निकल रहा था वहीं दूसरी ओर मार्टिन लूथर किंग जूनियर की 'आई हैव अ ड्रीम' स्पीच की 57वीं सालगिरह मनाई जा रही थी.
अमरीका के वॉशिंगटन में 28 अगस्त को "गेट योर नी ऑफ योर नेक्स" मार्च निकाला गया. काले लोगों के खिलाफ पुलिस क्रूरता और हत्या के खिलाफ महीनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के एक हिस्से के तौर पर यह मार्च निकाला गया था.
डॉ. बर्नीस किंग, प्रोफेसर इलयासा शाबाज और सामिया एनक्रुमा सिविल राइट्स आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली मशहूर शख्सियतों के बच्चे हैं. यहां उन्होंने हालिया घटनाओं पर अपने विचार रखे और बताया कि किस तरह से उनके पेरेंट्स की विरासत को बचाए रखना पहले के मुकाबले आज बेहद अहम हो गया है.
डॉ. बर्नीस किंग - मार्टिन लूथर किंग की बेटी

इमेज स्रोत, Getty Images
किंग सेंटर की सीईओ डॉ. किंग के पिता मशहूर सिविल राइट्स लीडर मार्टिन लूथर किंग जूनियर थे. उन्होंने अहिंसा की वकालत की थी. मार्टिन लूथर किंग जूनियर को उनकी ऐतिहासिक स्पीच 'आई हैव अ ड्रीम' के लिए जाना जाता है. मार्टिन लूथर किंग की 1968 में हत्या कर दी गई थी.
"मुझे लगता है कि हमने कम वक्त में ही काफी प्रगति देखी है. मेरी मां सुलह के बारे में बात करती थीं, लेकिन मैं अभी भी इस हकीकत को समझने में असमर्थ हूं कि आखिर कोई कैसे मेरे डैडी की बेवजह जान ले सकता है. जबकि वे केवल इस दुनिया को सबके रहने के लिए एक अच्छी जगह बनाना चाहते थे."

इमेज स्रोत, Getty Images
इसने मुझे एक ऐसी जगह पहुंचा दिया जहां मैं बेहद आक्रोश में रही थी, जिसमें मैं हर किसी से और खासतौर पर श्वेत पुरुषों से बहुत नाराज रहती थी.
यह सब इस हद तक बढ़ चुका था कि यह मुझे नुकसान पहुंचाने लगा था. ऐसे में मुझे इससे निकलने के उपाय करने पड़े. मैंने खुद से कुछ अहम सवाल पूछे- जैसे कि क्या मैं खुद को नुकसान पहुंचाने वाले इसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती हूं क्योंकि नफरत आपको ऐसे ही रास्ते पर ले जाती है.

इमेज स्रोत, Getty Images
मैंने अमरीका में मुख्यधारा के लोगों की सोच और भाषा में बदलाव देखा है. खासतौर पर कॉरपोरेट अमरीका में यह दिखाई देता है कि वे इस बारे में बात करते हैं और समाज में नस्लीय बराबरी लाना चाहते हैं.
लेकिन, हमें अभी भी काफी कुछ करना है. हमें एकसाथ आकर योजना और रणनीति बनानी है और इस बारे में बात करनी है कि किस तरह से श्वेत श्रेष्ठता से हमारे समाज और पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है.
प्रोफेसर इलयासा शाबाज - मैल्कम एक्स की बेटी

इमेज स्रोत, Getty Images
प्रोफेसर शाबाज एक लेखिका हैं और उच्च शिक्षा को सब तक पहुंचाने के लिए काम करती हैं. उनके पिता अमरीका में सिविल राइट्स मूवमेंट के एक मशहूर लीडर रहे जो कि कहते थे कि काले लोगों को किसी भी मुमकिन जरिये से अपनी सुरक्षा करनी चाहिए. 1965 में उनकी हत्या कर दी गई थी.
"हमने जॉर्ज फ्लॉयड की भयानक हत्या देखी है और मूलरूप से इसलिए क्योंकि हम सब घर पर थे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे, और एकदूसरे से अलग-थलग बने हुए थे. हम ऐसी अनगिनत मौतें देख चुके हैं और अब लोग समझ रहे हैं कि मैल्कम एक्स क्या बात कर रहे थे."
और लोग समझ रहे हैं कि मैल्कम बेहद युवा, संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति थे जो कि समाधान ढूंढ रहे थे ताकि लोग एक-दूसरे के साथ शांति से रह सकें, ताकि हम सांस ले सकें, चल-फिर सकें, शिक्षित हो सकें, ग्लोबल इकनॉमी में हिस्सा ले सकें.

इमेज स्रोत, Getty Images
अब लोग समझ रहे हैं कि कौन लोग इस तरह की हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं और किन्होंने मैल्कम के बारे में इस तरह की झूठी कहानियां लिखी थीं.
मैं अक्सर अपनी मां के बारे में बात करती हूं और बताती हूं कि वे किस तरह से दूसरों के लिए प्रेरणा का जरिया रही हैं. क्योंकि उन्होंने अपने घर को बम हमले में तबाह होते देखा था और इसके एक हफ्ते बाद उन्होंने अपने पति को अपनी आंखों के सामने गोली से मरते देखा था. इसके बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और हमेशा दूसरों के लिए करती रहीं.
उन्होंने छह बेटियां पालीं और अपने लिए कभी भी 'नहीं' या 'मैं नहीं कर सकती' जैसे जवाब स्वीकार नहीं किए. आज की हमारी पीढ़ी के लिए ये काफी अहम सबक है. हमारे सामने तमाम चुनौतियां हैं, हमारे सामने जीवन की, मानव अधिकारों की चुनौती है.
हम बेहद बंटे रहे हैं, हमें सिखाया गया था कि अफ्रीका और अफ्रीकी लोग जंगली होते हैं. हमें यह नहीं बताया गया था कि हम वहां से आते हैं, यह नहीं समझा गया कि इतनी इमारतें और पिरामिड बनाने वाले काले, अफ्रीकी लोग ही थे, और हमारा एक इतिहास है, हमारी एक पहचान है, और यह एक समृद्ध पहचान है.
अब ऐसा लग रहा है कि हम इस महान इतिहास को फिर से खोज रहे हैं और हम अपने बच्चों को अपने बारे में अच्छी चीजें बता पाएंगे.
सामिया एनक्रुमा - क्वैम एनक्रुमा की बेटी

इमेज स्रोत, Getty Images
सामिया एनक्रुमा घाना की कनवेंशन पीपुल्स पार्टी की चेयर हैं. उनके पिता घाना के पूर्व राष्ट्रपति थे और पैन-अफ्रीकनिज्म का एक अहम चेहरा थे.
"मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैं अपने पिता के राजनीतिक कार्यों से जुड़ी हुई हूं. मैं घाना और अफ्रीका और इस तरह से पूरी दुनिया के लिए उनके विजन से हमेशा जुड़ी रहूंगी."
50 या 60 साल पहले के मुकाबले अफ्रीकी एकता आज कहीं ज्यादा प्रासंगिक है. सभी अफ्रीकियों की एकता की कोशिश इसका अंत नहीं है, यह एक जरिया है ताकि अफ्रीकी लोग अपने सम्मान और न्याय को फिर से हासिल कर सकें.
हमारे देशों में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष अफ्रीकियों के हर जगह संघर्ष से जुड़ा हुआ है. यूएस में अफ्रीकियों का अपने अधिकारों के लिए संघर्ष, नस्लीयता के खिलाफ संघर्ष है. ये सभी संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
अगर अफ्रीका महाद्वीप और पूरी दुनिया में बिखरे अफ्रीकी लोगों की 1.5 अरब की आबादी एक साथ काम करे और एक साथ योजना बनाए तो यह मकसद काफी जल्दी हासिल किया जा सकता है.
हमारे पूर्वजों ने हमारे राजनीतिक और मानव अधिकारों के लिए संघर्ष किया है. अब हमारी बारी है कि हम पूरी मानवीयता के सपोर्ट के साथ अपने पूर्ण आर्थिक अधिकारों को हासिल करें. राजनीतिक स्वाधीनता इसका पहला कदम भर था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














