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डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन पर आर्थिक गबन का मामला
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन को अमरीका-मैक्सिको सीमा पर बन रही दीवार के लिए फ़ंड जुटाने के अभियान में गड़बड़ी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.
अमरीकी न्याय मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि बैनन और तीन अन्य लोगों ने मिलकर वी बिल्ड द वॉल अभियान के दौरान लाखों डॉलर का हेरफेर किया है. इस अभियान में कुल 25 मिलियन डॉलर की रकम जमा की गई थी.
आरोपों के मुताबिक बैनन को इसमें एक मिलियन डॉलर की रकम मिली है और इसमें से कुछ पैसे उन्होंने अपने निजी खर्चों में इस्तेमाल किए हैं.
हालांकि अदालत में बैनन ने खुद को बेकसूर बताने वाली याचिका दाखिल की है.
बैनन को डोनाल्ड ट्रंप की 2016 की राष्ट्रपति चुनाव में जीत का प्रमुख आर्किटेक्ट माना जाता रहा है. बैनन की दक्षिणपंथी और 'बाहर से आए लोगों के ख़िलाफ़' वाली नीति के चलते ट्रंप अमरीका फ़र्स्ट अभियान शुरू कर पाए थे.
बैनन को 150 फुट लंबे यॉट से अमरीकी पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया, इसी सर्विस के पास बिल्ड द वॉल अभियान से जुड़े आर्थिक गड़बड़ियों की जांच का जिम्मा है. अमरीकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह यॉट चीनी अरबपति ग्यू वेंगुई का था.
वैसे बैनन अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के छठे पूर्व सलाहकार बन गए हैं जिन पर अपराधिक मामला दर्ज किया गया है. उनसे पहले ट्रंप के अभियान के चैयरमैन पॉल मानाफोर्ट, वरिष्ठ राजनीतिक सलाहकरा रोजर स्टोन, ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहन, अभियान के पूर्व उप मैनेजर रिक गेट्स और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ़्लिन पर अपराधिक मुक़दमे चल चुके हैं.
बैनन की गिरफ़्तारी पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें बहुत बुरा लग रहा है. उन्होंने कहा कि उनका वी बिल्ड द वॉल अभियान से कोई लेना देना नहीं है.
उन्होंने कहा, "मैंने तब कहा था कि यह सरकार के लिए है, यह निजी लोगों के लिए नहीं है. लेकिन यह दिखावे की तरह लग रहा है. मुझे लगता है कि उस वक्त मुझे अपनी बात और दृढ़ता से रखनी चाहिए थी."
बैनन पर क्या आरोप है
'वी बिल्ड द वॉल' अभियान डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के चुनावी अभियान की सबसे बड़ी घोषणा अमरीका-मैक्सिको के बीच दीवार को पूरा करने के लिए शुरू की गई थी.
बैनन पर आरोप है कि इस अभियान के लिए आम लोगों से जो पैसा जुटाया गया उसमें गड़बड़ियां की हैं. बैनन को अपने एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से इस अभियान के लिए एक मिलियन डॉलर मिले थे, जिसमें से हजारों डॉलर उन्होंने अपने निजी ख़र्चे में इस्तेमाल कर लिए.
बैनन पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उनमें आर्थिक गबन के अलावा मनी लॉड्रिंग के भी आरोप हैं और इन दोनों ही मामलों में अधिकतम 20-20 साल की सज़ा का प्रावधान है.
बैनन को गिरफ़्तारी के तुरंत बाद वीडियो लिंक के ज़रिए फ़ेडरल कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें पांच मिलियन डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया है. लेकिन वे ना तो देश से बाहर जा सकते हैं और नहीं ही उन्हें प्राइवेट प्लेन या बोट में यात्रा कर पाएंगे.
पूर्व इनवेस्टमेंट बैंकर बैनन डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के समय में दक्षिण पंथी मीडिया वेबसाइट ब्रेटबार्ट को प्रमोट कर रहे थे और बाद व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख रणनीतिकार बने. उनका इतना असर था कि बैनन की सलाह पर ही अमरीका पेरिस जलावयु परिवर्तन से अलग हो गया था. अगस्त 2017 में उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद वे फिर से दक्षिणपंथी वेबसाइट ब्रेटबार्ट से जुड़ गए लेकिन ट्रंप की नीतियों की आलोचना के चलते उन्हें वहां से भी हटना पड़ा.
उनकी आलोचनाओं पर ट्रंप ने कहा था, "स्टीव बैनन का ना तो मेरे या मेरे पद से कोई लेना देना है. जब उन्हें यहां से निकाला गया, तब उन्होंने ना केवल अपनी नौकरी गंवाई बल्कि अपना दिमाग़ी संतुलन भी खो दिया है."
अमरीका-मैक्सिको दीवार की स्थिति
यह दीवार डोनाल्ड ट्रंप के सबसे प्रमुख चुनावी घोषणाओं में शामिल था. उन्होंने तब कहा था कि दीवार अमरीका बनाएगा, मैक्सिको पैसा देना होगा. ट्रंप ने अपनी घोषणाओं में 2000 मील लंबी दीवार बनाने की बात कही थी लेकिन बाद उसे आधा कर दिया गया. कहा गया कि आधा हिस्सा पर्वत और नदी पूरी कर रहे हैं.
इस दीवार को बनाने का काम जारी है. ट्रंप प्रशासन का इरादा 2020 के अंत तक 509 मील तक दीवार को बना लेना है.
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