कैलिफ़ोर्निया की डेथ वैली: एक तपते शहर में रहना कितना मुश्किल

कैलिफोर्निया में डेथ वैली नेशनल पार्क

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    • Author, सोफी विलियम्स
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

कैलिफोर्निया में डेथ वैली (मौत की घाटी) नेशनल पार्क में काम करने वाली ब्रैंडी स्टीवर्ट कहती हैं, "मुझे लगता है कि यहाँ इतनी गर्मी है कि हम सब अपना सब्र खो देंगे. जब आप बाहर निकलते हैं तो लगता है कि आपके चेहरे पर कई हेयर ड्रायर चला दिए गए हो."

रविवार को डेथ वैली में तापमान 130 फॉरेनहाइट (54.4 डिग्री सेल्सियस) मापा गया था, यह धरती पर सबसे ज़्यादा पड़ने वाले तापमान के तौर पर रिकॉर्ड किया जा सकता है.

विश्व मौसम संगठन (डब्लूएमओ) का कहना है कि हालाँकि इस रिकॉर्ड की अभी पुष्टि होनी बाक़ी है, लेकिन ब्रैंडी को किसी विशेषज्ञ की ज़रूरत नहीं है यह बताने के लिए कि यह जगह कितनी गर्म है.

वो कुछ उन लोगों में से हैं, जिनके लिए उनका घर 'दुनिया की सबसे गर्म जगह' है.

ब्रैंडी पाँच साल से डेथ वैली में रह रही हैं और नेशनल पार्क के कम्यूनिकेशन विभाग में काम करती हैं.

वो बीबीसी से बातचीत में कहती हैं, "यहाँ बहुत गर्मी लगती है लेकिन आप अपनी त्वचा पर पसीना नहीं महसूस करेंगे क्योंकि यह तुरंत भाप बन कर उड़ जाता है. आप अपने कपड़ों पर ज़रूर इसे महसूस कर सकते हैं लेकिन अपनी त्वचा पर नहीं क्योंकि ये बहुत जल्दी सूख जाता है."

वो कहती हैं कि गर्मियों में अधिक समय घर के अंदर ही बिताती हैं, लेकिन कुछ लोग पडाड़ों पर जाने का फ़ैसला करते हैं क्योंकि वहाँ पर यहाँ से थोड़ी राहत रहती है.

"जब आपको इसकी आदत हो जाती है तब मुझे लगता है कि हमारे लिए यह सामान्य होता चला जाता है. तब 80 फॉरेनहाइट (26.6 डिग्री सेल्सियस) से नीचे ठंड महसूस होने लगती है."

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चारों ओर ऊँची पहाड़ियाँ

शहर में लोग सोते समय एसी चलाकर सोते हैं जो उनके घर को ठंडा रखता है जब तक कि बिजली ना चली जाए.

ज़्यादातर लोग, जो नेशनल पार्क में रहते हैं और काम करते हैं, वो फर्नेस क्रीक में है. यहाँ हाल ही में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया है. यह शहर समुद्र तल से 280 फीट नीचे एक लंबे और संकीर्ण बेसिन के तौर पर स्थित है. यह चारों ओर से ऊँची पहाड़ियों से घिरा हुआ है.

मूल रूप से मिनेसोटा के रहने वाले जेसन हेसर फर्नेस क्रीक में रहते हैं और वहाँ गोल्फ कोर्स में काम करते हैं. यह समुद्र तल से 214 फ़ीट नीचे है और दुनिया का सबसे नीचे स्थित गोल्फ कोर्स है.

सैन्य सेवा में रहे पूर्व सदस्य जैसन कहते हैं, "मैं इराक़ दो बार जा चुका हूँ. जब मैं इराक़ में रह सकता हूँ तो डेथ वैली में भी रह सकता हूँ."

मिनेसोटा के रहने वाले जेसन हेसर फर्नेस क्रीक में रहते हैं.

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वो सुबह पाँच बजे से दोपहर के एक बजे तक गोल्फ कोर्स में काम करते हैं. वो कहते हैं, "वो हमसे कहते हैं कि जब गर्मी शुरू हो जाए जैसे कि अभी हो गई है तो हम चार बजे सुबह से काम करेंगे. चार बजे सुबह भी यहाँ तापमान 100 से 105 फॉरेनहाइट है."

हेसर उस टीम का हिस्सा हैं जो गोल्फ कोर्स को ठीक हालत में रखने में मदद करती है.

"हम हर दिन घास काटते हैं, ट्रिमिंग करते हैं और बंकरों को तोड़ते हैं. हम गिर गए पेड़ों को उठा रहे हैं क्योंकि वो सूख गए हैं. वो सूखने की वजह से भारी हो जाते हैं और टूट जाते हैं. हमारे दिन का बहुत सारा वक्त उन्हें हटाने में जाता है."

हेसर अक्तूबर 2019 में यहाँ आए थे. उन्हें अपने काम से प्यार है. वो यहाँ कई साल तक रुकना चाहते हैं. वो कहते हैं कि सर्दियों में चिलचिलाती गर्मी से थोड़ी राहत मिलती है.

ख़ाली वक्त में वो गोल्फ खेलना पसंद करते हैं.

हेसर उस टीम का हिस्सा हैं जो गोल्फ कोर्स को ठीक हालत में रखने में मदद करती है.

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धरती पर सबसे अधिक तापमान

रविवार को यहाँ का तापमान संभवत: धरती पर अब तक के 'विश्वसनीय' तौर पर सबसे ज़्यादा तापमान के रूप में रिकॉर्ड किया गया है.

रिकॉर्ड बुक में इससे पहले दो तापमान इस श्रेणी में दर्ज है - एक फ्रनेस क्रीक में 1913 में लिया गया 134 फ़ॉरेनहाइट (56.6 डिग्री सेल्सियस) और दूसरा ट्यूनीशिया में 1931 में 131 फ़ॉरेनहाइट (55 डिग्री सेल्सियस) लिया गया तापमान.

लेकिन इन दोनों ही रीडिंग्स को लेकर विशेषज्ञों की राय सहमति वाली नहीं है.

बीबीसी वेदर के साइमन किंग कहते हैं, "आधुनिक समय के वैज्ञानिक और मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि ये दोनों ही रीडिंग्स सही नहीं थी."

"जब इस तरह के उच्च तापमान की जानकारी रहती है तब डब्लूएमओ अलग-अलग कई तरीक़ों से इसकी पुष्टि करती है."

मौसम इतिहासकार क्रिस्टोफर बुर्ट कहते हैं कि डेथ वैली में 1913 में लिया गया तापमान उस वक़्त इलाके़ में ली गई दूसरी रीडिंग्स की वजह से संदेह के घेरे में है. फर्नेस क्रीक में तापमान दूसरे वेदर स्टेशन पर रिकॉर्ड किए गए तापमान की तुलना में दो या तीन डिग्री अधिक था.

इन वजहों से रविवार को रिकॉर्ड किए गए तापमान को कुछ अमरीकी विशेषज्ञ अब तक का सबसे अधिक तापमान बता रहे हैं.

कैलिफोर्निया में डेथ वैली नेशनल पार्क

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डब्लूएमओ का कहना है कि इसकी पुष्टि की जा रही है. अगर इसकी पुष्टि होती है तो भी इसे संदेह के बावजूद 1913 में फर्नेस क्रीक और 1931 में ट्यूनीशिया में दर्ज तापमान के बाद तीसरा सबसे अधिक तापमान माना जाएगा.

यह भी दलील दी जाती है कि दूसरी जगहों पर डेथ वैली से भी ज़्यादा तापमान हो सकता है लेकिन चूँकि वहाँ कोई वेदर स्टेशन नहीं है, इसलिए उसके बारे में मौसम पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों को पता नहीं चल पाता है.

इसलिए फर्नेस क्रीक द्निया में अभी सबसे गर्म जगह है.

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