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चीन की जवाबी कार्रवाई, अमरीकी वाणिज्य दूतावास को किया बंद
चीन ने अमरीका पर जवाबी कार्रवाई करते हुए चंगडू में उसके महावाणिज्य दूतावास को बंद करने की घोषणा की है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस हफ्ते ह्यूस्टन में चीनी दूतावास बंद करने के अमरीकी फ़ैसले के ख़िलाफ़ यह ज़रूरी और वैध प्रतिक्रिया है.
मंत्रालय ने कहा, "चीन और अमरीका के बीच ऐसी वर्तमान स्थिति है जिसे चीन देखना नहीं चाहता और अमरीका इसके लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार है."
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चंगडू में 1985 में यह महावाणिज्य दूतावास बनाया गया था जिसमें 200 से अधिक लोग काम करते हैं और यह रणनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यह तिब्बत के क़रीब था.
वहीं, अमरीका ने वीज़ा के धोखाधड़ी मामले में चीन के तीन नागरिकों को गिरफ़्तार किया है और चौथे चीनी नागरिक को भी गिरफ़्तार करने की तैयारी हो रही है.
चौथी व्यक्ति एक महिला हैं जो सैन फ़्रांसिस्को स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास में मौजूद हैं.
अमरीकी न्याय विभाग के अनुसार गिरफ़्तार किए गए चीनी नागरिकों ने कथित तौर पर चीनी सेना के सदस्य होने के बारे में झूठ बोला है.
चीन और अमरीका के बीच में कई मुद्दों को लेकर विवाद जारी है. ट्रंप प्रशासन की चीन के साथ व्यापार से लेकर कोरोना वायरस पर कई बार ज़ुबानी झड़प हो चुकी है. साथ ही अमरीका ने हॉन्गकॉन्ग में विवादित सुरक्षा क़ानून लागू करने सख़्त आपत्ति जताई थी.
अमरीका ने क्यों बंद किया चीनी दूतावास
ट्रंप प्रशासन ने ह्यूस्टन दूतावास को शुक्रवार तक बंद करने के आदेश दिए थे. प्रशासन का आरोप है कि यह बौद्धिक संपदा की जासूसी करता है और उसे चुराता है.
अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा कि 'अमरीकी बौद्धिक संपदा और अपने नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए ह्यूस्टन स्थित चीनी वाणिज्यिक दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया गया है.'
उन्होंने आरोप लगाया कि 'चीन इस दूतावास के ज़रिये अमरीका में देश विरोधी गतिविधियाँ कर रहा था.'
चीन ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए 'जवाबी कार्रवाई की बात' कही थी. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 'हम अमरीकी सरकार से अपने अनुचित फ़ैसले को तुरंत रद्द करने का आग्रह करते हैं.'
इससे पहले अमरीकी मीडिया में कुछ रिपोर्ट आयी थीं कि चीनी दूतावास के अंदर बड़ी संख्या में दस्तावेज़ों को जलाया जा रहा है.
दूतावास में काग़ज़ चलाने के आरोप
मंगलवार को इमारत के भीतर मौजूद कुछ अज्ञात व्यक्तियों को फ़िल्माया भी गया था जो काग़ज़ों से भरे कुछ बड़े डिब्बों में आग लगा रहे थे. इसके बाद उन्होंने आग बढ़ती देख, उसे पानी डालकर बुझाने की कोशिश की.
ह्यूस्टन पुलिस ने ट्वीट किया कि 'उनकी एक टीम वहाँ गई थी, लेकिन उन्हें दूतावास के भीतर नहीं जाने दिया गया.'
पुलिस ने भी दूतावास के भीतर से धुआँ उठने की पुष्टि की थी. लेकिन चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि ये कहा कि 'सब कुछ सामान्य है और पहले की तरह चल रहा है.'
इस घटना के बाद ही ट्रंप प्रशासन की ओर से वाणिज्य दूतावास पर ये बयान आया.
इससे पहले मंगलवार को एक अमरीकी विभाग ने आरोप लगाया कि 'चीन कुछ हैकर्स को प्रायोजित कर रहा है ताकि कोविड-19 का टीका विकसित कर रहीं प्रयोगशालाओं को निशाना बनाया जा सके.'
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