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कोरोना: चीन में दवा के लिए अब नहीं होगा पैंगोलिन का इस्तेमाल
- Author, हेलेन ब्रिग्स
- पदनाम, बीबीसी पर्यावरण संवाददाता
चीन में पैंगोलिन का शिकार सिर्फ़ मांस के लिए नहीं होता है. चीन में इस जानवर की मांग दवाइयों के लिए भी ख़ूब है. लेकिन अब जबकि चीन ने अपनी परंपरागत चीनी चिकित्सा की आधिकारिक सूची से पैंगोलिन को हटा दिया है तो यह उम्मीद की जा सकती है कि इस जीव के शिकार में भी कमी आए.
एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि चीन ने परंपरागत चिकित्सा उपचार की सूची से पैंगोलिन का नाम हटा दिया है.
चीन के हेल्थ टाइम्स न्यूज़ पेपर के मुताबिक़, चीन का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब चीन ने जानवरों के संरक्षण के प्रयासों को काफ़ी बढ़ा दिया है.
पैंगोलिन के शरीर पर स्कैल्स होते हैं. इस जीव की खाल एशिया में पारंपरिक चीनी दवाएं बनाने में ख़ासी मांग में रहती है. पैंगोलिन के मांस को कुछ लोग स्वादिष्ट मानते हैं.
माना जाता है कि चींटिया खाने वाले इस स्तनपायी जीव की पूरी दुनिया में सबसे अधिक तस्करी होती है और इस कारण इस जीव की सभी आठ प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर भी हैं.
वन्य जीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने इस क़दम का स्वागत किया है. 'सेव पैंगोलिंस' के पॉल थॉमसन कहते हैं कि पैंगोलिन के संरक्षण के लिहाज़ से यह एक बेहतरीन ख़बर है.
वो कहते हैं, "पारंपरिक दवाओं से पैंगोलिन की खाल को हटाने का चीन का क़दम गेम चेंजर साबित हो सकता है. हमें इसका इंतज़ार था."
पॉल थॉमसन कहते हैं, "हमें उम्मीद है कि चीन का अगला क़दम नियमों को लागू करना और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव लाना होगा."
एनिमल वेलफ़ेयर कैंपेन ग्रुप वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन की कैथरीन वाइज़ ने इसे एक शानदार ख़बर बताया है.
वो कहती हैं, "यह एक बहुत अच्छी ख़बर है. चीन ने पहले पैंगोलिन को उच्चतम स्तर की सुरक्षित प्रजाति के अन्तर्गत रखा था लेकिन चीनी फ़ार्मा कंपनियों के लिए इसे हटा दिया."
कैथरीन कहती हैं कि चीन को ऐसे ही नियम दूसरे जंगली जीवों के लिए भी बनाने चाहिए. ऐसे जीव जो पैंगोलिन की ही तरह हैं. जिनकी तस्करी की जाती है. पकड़ने के बाद इन जीवों को तंग पिंजरों में रख दिया जाता है, जिससे बीमारी पैदा होने का ख़तरा भी बढ़ता है.
पैंगोलिन का शरीर स्कैल्स से ढका रहता है. जो उसकी सुरक्षा के लिए होते हैं. इन स्कैल्स का इस्तेमाल पारंपरिक चीनी चिकित्सा में ख़ूब होता है जबकि पैंगोलिन के मांस को मुलायम मांस खाने वाले काफ़ी पसंद करते हैं.
चीन में कोरोना वायरस महामारी के मद्देनज़र खाने के लिए जीवित जंगली जानवरों के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन कुछ चीज़ों पर जैसे दवा और पर के लिए प्रतिबंधों में छूट भी मिली हुई है.
बीते कुछ महीनों में पैंगोलिन काफ़ी चर्चा में रहा. इसे कोविड-19 के वायरस का वाहक माना गया. हालांकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं है कि पैंगोलिन से ही कोरोना वायरस इंसानों में आया. वैज्ञानिक अभी इस पर अध्ययन कर रहे हैं.
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