अमरीका ने मैदान-ए-जंग में जितने सैनिक गंवाएं, अकेले कोविड-19 की महामारी ने उतनी जानें ले लीं

कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले अमरीका में हैं.

अमरीका में संक्रमण के क़रीब 16 लाख मामले हैं. यह दुनिया भर में संक्रमण के कुल मामलों का 30 फ़ीसदी है. कोविड-19 की महामारी से मरने वाले भी सबसे अधिक अमरीका में ही हैं. अमरीका में मरने वालों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है.

कोरोना वायरस संक्रमण शुरू होने के चार महीने के भीतर अमरीका में एक लाख लोगों की मौत हुई है.

बीबीसी उत्तरी अमरीका के संपादक जॉन सोपेल का कहना है कि कोरोना से मरने वालों की यह संख्या बीते 44 सालों में कोरिया, वियतनाम, इराक और अफ़ग़ानिस्तान में अलग-अलग युद्धों में जान गंवाने वाले अमरीकी महिला-पुरुष सैनिकों के ठीक बराबर है.

अमरीकी राष्ट्रपति कोरोना वायरस को अदृश्य दुश्मन बताते रहे हैं. इसके अलावा वो इसे चीन का वायरस भी कहते रहे हैं.

सोपेल कहते हैं कि कोई चाहे तो कोविड-19 से हुई मौतों की तुलना अमरीका में कैंसर और सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों से भी कर सकता है लेकिन ये तुलना भी कम नाटकीय नहीं होगी. या इसके आंकड़ें भी चौंकाने वाले ही होंगे.

अलग अलग यु्द्ध में जान गंवाने वाले अमरीकी सैनिक

कोरियाई युद्ध (1950-1953)- 36,500

वियतनाम युद्ध (1961-1975)- 58,000

इराक युद्ध (2003-2011) - 4,500

अफ़ग़ानिस्तान (2001- अब तक) - 2,000

कोविड 19 (फरवरी 2020- अब तक)- एक लाख से अधिक

संक्रमण की शुरुआत

अमरीका में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में कहीं अधिक है.

अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला 21 जनवरी को, वॉशिंगटन में मिला था.

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़, दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के 56 लाख से भी अधिक मामले हैं जबकि मरने वालों की संख्या 3 लाख 54 हज़ार के पार पहुंच गई है.

कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत चीन के वुहान प्रांत से हुई थी जिसके बाद यह वायरस दुनिया भर में फैल गया.

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़, प्रति व्यक्ति आधार पर अमरीका, बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस और आयरलैंड से मृत्यु दर के लिहाज़ से पीछे है. मृत्यु दर के आधार पर अमरीका नौवें स्थान पर है.

कैसे हैं अमरीका के हालात

रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, बीते रविवार तक अमरीका के 20 राज्यों ने अपने यहां कोरोना वायरस के नए मामलों में वृद्धि की पुष्टि की है.

उत्तरी कैरोलीन, विस्कॉन्सिन और अर्कनसास उन राज्यों में से जहां संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़े हैं.

शिकागो, लॉस एंजेलिस और वॉशिंगटन डीसी सहित कई महानगरीय क्षेत्रों में अभी भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बहुत अधिक हैं.

हालांकि कुछ बेहद बुरी तरह प्रभावित राज्यों में मृत्यु दर में कुछ कमी ज़रूर आई है. जिनमें से एक न्यूयॉर्क भी है, जहां मरने वालों की संख्या 21 हज़ार के क़रीब है.

कोरोना वायरस जिस वक़्त न्यूयॉर्क में अपने चरम पर था, उस वक़्त यहां हर रोज़ सैकड़ों लोगों की मौत हो रही थी.

अस्पतालों में जगह नहीं बची थी और लाश को दफ़न करने के लिए भी दिक्क़त उठानी पड़ रही थी.

क्या है राजनीतिक प्रतिक्रिया?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात पर ज़ोर देते आए हैं अगर उनके प्रशासन ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो मरने वालों की संख्या अभी से 25 गुना अधिक होती. हालांकि आलोचक उनके शुरुआती ढुलमुल रवैये को लेकर उन पर आरोप लगाते रहे हैं.

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी सार्वजनिक तौर पर ट्रंप प्रशासन के कोरोना वायरस महामारी को लेकर उठाए गए क़दमों की निंदा कर चुके हैं.

स्टेट गवर्नर को भी दोषी माना जा रहा है कि वे शुरुआती समय में कोविड19 को काबू करने में नाकाम रहे.

शुरुआती समय में राष्ट्रपति ट्रंप ने कोविड19 की तुलना सामान्य फ़्लू से की थी और इसे ख़ारिज कर दिया था. फरवरी में उन्होंने कहा कि अमरीका में यह वायरस 'नियंत्रित' है और अप्रैल तक यह 'चमत्कारिक रूप से दूर' हो जाएगा.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक क्या क्या कहा

जनवरी 22 : चीन से लौटे एक शख़्स को पॉज़ीटिव पाया गया और यह पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है. आगे कोई मुश्किल नहीं होने वाली है..सब कुछ ठीक होगा.

फरवरी 11: हमारे देश में केवल 12 मामले हैं और ज़्यादातर लोग ठीक हो रहे हैं और कुछ तो पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. तो ऐसे में यह बेहद कम है.

फरवरी 24: कोरोना वायरस बहुत अच्छी तरह से अमरीका के नियंत्रण में है. हम हर किसी के संपर्क में हैं और इससे जुड़े हर देश के साथ भी संपर्क में हैं. सीडीसी और विश्व स्वास्थ्य मेहनत के साथ लगे हुए हैं और समझदारी से काम कर रहे हैं.

फरवरी 26: जब आपके पास 15 लोग संक्रमित हों और कुछ दिनों के भीतर ही जब ये 15 से शून्य हो जाए तो यह मानना चाहिए कि हमने अच्छा काम किया.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर कयास लगाया था कि इससे क़रीब 50 हज़ार से 60 हज़ार लोगों की मौत हो सकती है और इसके बाद उन्होंने 60 हज़ार से 70 हज़ार और उसके बाद कहा कि मरने वालों की संख्या एक लाख के अंदर रहेगी.

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने यह भी तर्क दिया था कि अमरीका में दुनिया के सबसे अधिक मामले इसलिए हैं क्योंकि अमरीका में सबसे अधिक टेस्ट हो रहे हैं.

लॉकडाउन में ढील को लेकर क्या है रणनीति

न्यूयॉर्क में कोलंबिया यूनिवर्स्टी में हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि अगर अमरीका ने शुरुआती समय में ही सक्रियता दिखाई होती तो यहां मरने वालों की संख्या क़रीब 36 हज़ार से भी कम होती.

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बिडेन ने मरने वालों के परिवार के प्रति शोक ज़ाहिर करते हुए कहा, जिन्हें चोट पहुंची है, मुझे आपके हुए नुकसान के लिए खेद है."

पूर्व उप-राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, "पूरा देश आपके दुख में भागीदार है."

एक लाख मौतों के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति कई बार अर्थव्यवस्था को दोबारा से खोलने की बात कर चुके हैं. क़रीब 3.9 करोड़ अमरीकी कोरोना वायरस महामारी के चलते बेरोज़गार हो चुके हैं.

अमरीकी के सबी 50 स्टेट अपने-अपने यहां प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर चुके हैं.

दुनिया के सबसे बड़ा थीम पार्क वॉल्ट डिज़नी वर्ल्ड को भी 11 जुलाई से दोबारा खोलने की योजना पर काम चल रहा है. हालांकि अबी इसके लिए स्टेट गवर्नमेंट की अनुमति का इंतज़ार है.

लास वेगस के चार कसीनो भी चार जुलाई से खुल जाएंगे. ये कसीनो एमजीएम रिज़ॉर्ट के तहत आते हैं. कंपनी का कहना है कि वो हर रोज़ अपने कर्मचारियों का टेस्ट करेगी.

कोविड 19 की अभी तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं की जा सकी है. इसके अलावा इसका कोई पुख़्ता इलाज भी अभी तक उपलब्ध नहीं है.

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