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ट्विटर ने पहली बार राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट को 'ग़लत दावा' करार दिया
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के किसी ट्वीट को ट्विटर ने पहली बार फ़ैक्ट चेक के लिए चिन्हित किया है.
इस ट्वीट में राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा था, "पोस्टल मतदान में धांधली होने की पूरी संभावना है. मेल बॉक्स को चोरी किया जा सकता है, इसके ज़रिए फर्जी मतदान किया जा सकता है और फिर इसे अवैध तरीके से प्रिंट कर के भी भेजा जा सकता है."
ट्विटर ने ट्रंप के दो ट्वीट्स पर फैक्ट चेकिंग का नोटिफिकेशन लगा दिया है.
इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्विटर को ट्वीट के ज़रिये ही जवाब दिया. उन्होंने कहा कि ट्विटर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का दम घोंट रहा है. ट्विटर के नोटिफिकेशन में लिखा गया है "पोस्टल मतदान से जुड़े तथ्यों के बारे में जानिए."
पर ट्रंप अपनी प्रतिक्रिया में यहीं नहीं रुके. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया.
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, "अब ट्विटर 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप कर रहा है. उसका कहना है कि पोस्टल मतदान पर मेरा बयान भ्रष्टाचार और धांधली को बढ़ावा दे सकता है. इसके लिए वह सीएनएन और वॉशिंगटन पोस्ट की एक फैक्ट चेकिंग स्टोरी को आधार मान ररहा है. अमेज़न समर्थित वॉशिंगटन पोस्ट और फेक न्यूज़ फैलाने वाले सीएनएन को आधार मान रही है."
"ट्विटर फ्री स्पीच को पूरी तरह रोक रहा है और मैं राष्ट्रपति होने के नाते ऐसा होने नहीं दूंगा."
ट्विटर क्या कह रहा है?
राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के नीच ट्विटर ने जो नोटिफिकेशन लगाया है को यूजर्स को एक ऐसे पेज पर ले जाता है जहां पोस्टल बैलट को लेकर किए गए राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को 'तथ्यों पर परे करार' दिया गया है.
ट्विटर ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को बेबुनियाद करार देने के लिए सीएनएन. वॉशिंगटन पोस्ट और दूसरे न्यूज़ आउटलेट्स की रिपोर्टों का सहारा लिया है.
इस पेज पर ट्विटर ने अपने यूजर्स को बताया है कि आपको क्या जानने की ज़रूरत है? ट्विटर का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप का दावा गलत है कि पोस्टल बैलट से चुनावों में धांधली की संभावना है.
फैक्ट चेक करने वाले लोगों के हवाले से ट्विटर का कहना है कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि पोस्टल बैलट से मतदाताओं के साथ धोखाधड़ी की जा सकती है.
ट्विटर के मुताबिक़ ट्रंप का ये कहना भी गलत है कि कैलिफोर्निया राज्य में रहने वाले जिस व्यक्ति को चाहे पोस्टल बैलट भेज सकता है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पोस्टल बैलट पाने वाला व्यक्ति कौन है और वो इसे कैसे हासिल कर रहा है. सच तो ये है कि केवल रजिस्टर्ड वोटर ही पोस्टल बैलट हासिल कर सकते हैं.
ट्विटर ने एनबीसी न्यूज़ के हवाले से कहा है कि अमरीका के पांच राज्यों में चुनाव पूरी तरह से पोस्टल बैलट से कराने का फ़ैसला किया गया है. कुछ राज्यों ने इसके लिए अपने यहां सुविधाएं देने का फ़ैसला किया है.
ट्विटर ने कहा है कि भ्रामक या गलत जानकारी वाले ट्वीट्स को चिन्हित करने का काम करती रहेगी लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट्स पर कार्रवाई करने में सुस्त रही है.
ट्रंप का राष्ट्रपति चुनाव अभियान संभाल रहे ब्रैड पास्केल ने ट्विटर का इस कदम की आलोचना की है.
उन्होंने कहा, "ट्विटर फेक न्यूज़ फैलाने वाले फैक्ट चेकर्स के साथ साझेदारी कर रहा है. ये उसकी राजनीतिक साजिश है. हमने कुछ महीने पहले ट्विटर से अपने सभी विज्ञापन वापिस ले लिए थे."
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