पाकिस्तान: आख़िर पीआईए का सोलहवां विमान हादसा कैसे हुआ? -उर्दू प्रेस

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना वायरस के अलावा कराची विमान हादसे से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात कराची विमान हादसे की.

लाहौर से कराची जा रहा पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) का A320 एयरबस विमान (PK8303) कराची पहुंचते हुए एयरपोर्ट पर लैंडिंग से ठीक पहले रिहाइशी इलाक़े जिन्ना गार्डन मॉडल कॉलोनी में गिर गया.

कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन में राहत देते हुए सोमवार, 18 मई से ही घरेलू विमानों को उड़ने की इजाज़त दी गई थी.

हादसे से पहले विमान के चालक ने इंजन ख़राब होने की सूचना दे दी थी.

16वां विमान हादसा

अख़बार जंग के अनुसार पायलट को लैंडिंग के लिए कहा गया था लेकिन पायलट ने गोअराउंड यानी हवाई अड्डे के ऊपर चक्कर लगाने का फ़ैसला किया.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार विमान जिस इलाक़े में गिरा वहां से रनवे महज़ आधे से एक किलोमीटर के फ़ासले पर है.

विमान में आठ चालक दल के सदस्यों समेत कुल 99 लोग सवार थे. हादसे में 97 लोगों की मौत हो गई लेकिन दो लोग बच गए हैं.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार ये पीआईए का 16वां विमान हादसा था.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार विमान हादसे में मरने वालों में पाकिस्तानी सेना के पाँच अफ़सर भी शामिल हैं.

हादसे वाले इलाक़े में लापता लोग

नवा-ए-वक़्त ने सुर्ख़ी लगाई हैं, "दो मुसाफ़िरों का अल्लाह ने नई ज़िंदगी दी."

हादसे में बचने वालों दो लोगों में से एक जफ़र मसूद हैं जो पाकिस्तान के पंजाब बैंक के चेयरमैन हैं.

लेकिन एक्सप्रेस अख़बार का कहना है कि हादसे वाले इलाक़े के कई लोग भी लापता हैं और अभी उनकी तलाश जारी है.

अख़बार जंग ने लिखा है ईद मनाने के लिए मुसाफ़िरों को कराची ले जा रहा विमान लैंडिंग से पहले क्रैश कर गया.

अख़बार जंग के मुताबिक़ मरने वाले के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की गई है.

भारत में सोमवार को ईद

इसके अलावा प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने हादसे की जाँच के लिए चार सदस्यों की एक टीम बनाने की घोषणा की है.

अख़बार के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई नेताओं ने विमान हादसे पर दुख जताया है.

और अब बात कोरोना वायरस की. रविवार को दुनिया भर के मुसलमान ईद मना रहे हैं. हालांकि भारत में ईद सोमवार को मनाई जाएगी.

कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के साए में इस बार पूरी दुनिया में ईद मनाई जाएगी.

कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 52 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और तीन लाख 40 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान में कोरोना का हाल

पाकिस्तान में अब तक 54 हज़ार से ज़्यादा लोग इस वायरस से बीमार हुए हैं और 1132 लोग मारे जा चुके हैं. सबसे ज़्यादा लोग ख़ैबर पख़्तूख़्वाह में मारे गए हैं.

लेकिन संक्रमण के मामले में पंजाब सबसे आगे हैं जहां अब तक क़रीब 20 हज़ार कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने लोगों से अपील की है कि वो इस बार रिवायत से हटकर ईद मनाएं.

इमरान ख़ान ने ट्वीट किया है, "मैं चाहता हूं कि इस बार क़ौम रिवायत से हट कर ईद की ख़ुशियां मनाए. सबसे पहले हम उन परिवारों के लिए दुआ करें जिनके प्यारे विमान हादसे में उनसे बिछड़ गए या कोविड-19 के कारण उनसे जुदा हो गए."

अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान के अलावा राष्ट्रपति और देश के दूसरे तमाम नेताओं ने लोगों से बहुत सादगी के साथ और कोरोना के SOPs (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का ख़याल रखते हुए ईद मनाएं.

ईद की तारीख़ पर विवाद

कोरोना के अलावा ईद के चांद को लेकर भी पाकिस्तान में एक विवाद हो गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान के केंद्रीय विज्ञान एंड प्रौद्योगिकी मंत्री फ़वाद चौधरी ने शनिवार को घोषणा कर दी थी कि रविवार को ईद मनाई जाएगी.

पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि त्योहारों को लेकर चांद देखे जाने के मामले में हमेशा विवाद होता है लेकिन अब विज्ञान की मदद से चांद देखने का मसला हल हो गया है.

फ़वाद चौधरी ने कहा था कि शनिवार शाम को पाकिस्तान में चांद दिख जाएगा और रविवार को ईद मनाई जाएगी.

इसको लेकर चांद देखे जाने की आधिकारिक घोषणा करने वाली संस्था रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने सख़्त नाराज़गी जताई है.

खशोज्जी के बेटे सालेह ने दी माफ़ी

कमेटी के अध्यक्ष मुफ़्ती मुनीबुर्रहमान ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से माँग की है कि वो अपने मंत्री फ़वाद चौधरी को धर्म के मामले में दख़ल देने से बाज़ रखें.

रमज़ान के चांद को लेकर भी केंद्रीय मंत्री और मुफ़्ती मुनीबुर्रहमान के बीच काफ़ी बहसबाज़ी हुई थी.

उस वक़्त मंत्री फ़वाद चौधरी ने मुफ़्ती साहब पर कटाक्ष करते हुए कहा था, "मुफ़्ती साहब को चांद नज़र नहीं आता, छोटा सा कोरोना कहाँ नज़र आएगा."

सऊदी पत्रकार जमाल ख़शोज्जी के बेटों ने अपने पिता के क़ातिलों को माफ़ कर दिया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार खशोज्जी के बेटे सालेह ने एक बयान जारी कर कहा कि, "हम अपने पिता के क़ातिलों को अल्लाह के हुक्म से माफ़ करने का ऐलान करते हैं."

जमाल ख़शोज्जी की इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्यिक दूतावास के अंदर 2 अक्तूबर 2018 को हत्या कर दी गई थी.

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