कोरोना वायरस का न्यूयॉर्क में कहर: फ्रंट लाइन पर काम करने वालों से जानिए 24 घंटे की कहानी

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- Author, एलिस कडी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते न्यूयॉर्क सिटी में बीते मंगलवार तक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 09/11 हमले में मारे गए लोगों से ज़्यादा मौतें हो चुकी थीं.
महज तीन सप्ताह के अंदर मरने वाले लोगों की संख्या यहां तक पहुंच गई. देखते-देखते न्यूयॉर्क इस महामारी के केंद्र के तौर पर उभर कर सामने आया. इसके चलते शहर के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन स्टॉफ़ पर बहुत ज़्यादा बोझ बढ़ गया है.
मंगलवार को इनमें से छह लोगों- दो डॉक्टर, एक अंडरटेकर, दो सीनियर केयर होम स्टाफ़ और एक फूड डिलीवरी करने वाला- ने अपने दिन भर के रूटीन को लेकर डायरी लिखी और उसे बीबीसी के साथ साझा किया.
यह उन्हीं लोगों की कहानी है.
मध्य रात्रि, 7 अप्रैल, मंगलवार
कैथलीन फ़लैनगान नर्सिंग होम की देर रात तक चली शिफ़्ट के बाद घर लौटीं. उनके लिविंग रूम के टीवी पर उस वक्त 70 के दशक का स्केच कॉमेडी शो चल रहा था. रूटीन के मुताबिक कैथलीन ने परिवार वालों को हैलो कहा ताकि लोगों को उनके आने का पता चल जाए और इस दौरान वह कोशिश करती रहीं कि कोई उनके संपर्क में नहीं आए. वह सीध नीचे बने लांड्री रूम में पहुंचीं, कपड़े उतारे और नहायीं.
काम के दौरान उन्होंने जो भी कपड़े पहने थे वह सब उन्होंने वाशिंग मशीन में डाले, इसके बाद ही कैथनील अपने पति और बच्चों के पास पहुंचीं. जब वह सीढ़ियों से ऊपर आईं तो किचन में सनफ्लावर का गुलदस्ता उनका इंतज़र कर रहा था. उनके आठ साल के बेटे ने गुलदस्ते में कार्ड चिपकाया हुआ था, जिसमें कैथलीन की कोशिशों की तारीफ़ में अंग्रेजी में एक मुहावरा लिखा था, जिसका मोटा मोटी मतलब है- शानदार मॉम.
कैथलीन के तीन बेटों में दो इंतज़ार करते हुए सोफे पर ही सो चुके थे. कैथलीन ने पालक-अंडे बनाए और डिनर करते हुए दिन भर के कामों के बारे में पति को बताया. अच्छी ख़बर ये थी कि कैथलीन की देखभाल वाले सेंटर का एक कोरोना वायरस मरीज़ बेहतर होने लगा था लेकिन दूसरी ओर एक दूसरे मरीज़ की स्थिति बिगड़ने लगी थी.
कैथलीन ने अपना लैपटॉप खोला और कुछ काम करने लगीं और इस दौरान वह रात के एक बजे से दो बजे के बीच सो गईं.
रात के 01:57 बजे
डॉक्टर जेनिफ़र हाएथ अपने अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट से आए फ़ोन काल से जगीं. फ़ोन पर उन्हें बताया गया को कोविड-19 के एक मरीज़ की स्थिति बिगड़ रही है.
46 साल की जेनिफ़र फ़ोन रखने के बाद अपने बेड से उठीं और मरीज़ के बारे में चिंतित हो गईं. उन्होंने इन मरीज़ों के बारे में नए सिरे से सोचा और इस दौरान खुद अकेलापन महसूस करती रहीं.
कोरोना वायरस मरीज़ों के साथ काम करने वाले अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तरह ही जेनिफ़र अपने परिवार से दूर रह रही हैं. वह ग्रीनविच विलेज के एक अपार्टमेंट में रह रही हैं, जबकि उनके पति और बच्चे अपस्टेट इलाक़े में अपने घर पर हैं.
बाहर एकदम डराने जैसा सन्नाटा है और जेनिफ़र अपने परिवार वालों को मिस भी कर रही हैं. वह डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने लगीं. इसका फ़ायदा हुआ और उन्हें नींद आ गई.
रात के 02:00 बजे
शहर के बाहर, न्यूयार्क प्रांत के कोरनिथ शहर में एक केयर होम की नर्सिंग डायरेक्टर फे़थ विल्लेट को उनके एक स्टाफ़ ने जगाया. स्टाफ़ ने बताया कि उसे तेज़ बुख़ार है. फ़ेथ ने उन्हें सेल्फ़ आइसोलेशन में जाने की सलाह और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करने को कहा.
फे़थ खुद भी बीमार महसूस करने लगीं. इसके बाद वह सोने की कोशिश कर रही थीं. उन्होंने इस दौरान कोरोना वायरस महामारी से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के लिए अपने फ़ोन को स्क्रॉल करना शुरू किया. उनका ध्यान स्थानीय अपडेट्स पर था जिसके चलते शहर के निवासी और उनके परिवार सब चिंतित हैं.
इन समाचारों को देखते हुए 46 साल की नर्स को लगने लगा कि वह नींद में ही हैं और सपना देख रही हैं. उन्होंने अपने पति को फ़ोन करके पूछा कि क्या वह नींद में हैं, तो पति ने बताया कि नहीं तुम जगी हुई हो और हक़ीक़त देख रही है. पति ने फ़ेथ को थोड़ी देर आराम करने को कहा. फ़ेथ कुछ घंटे ही सो पाईं, इसके बाद अलार्म ने उन्हें जगा दिया. वह अपने कंप्यूटर पर पहुंची और उन्होंने अपने सहकर्मियों की शेयर की जानकारियों पर नजरें दौड़ाईं. इसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली, क्योंकि इस वक़्त तक कोरोना वायरस का कोई कंफ़र्म्ड मामला नहीं था.
सुबह 05:00 बजे
शवों के अंतिम संस्कार यानी फ़्यूनरल मामलों के निदेशक स्टीवन बैक्सटर अपने घर से निकल चुके हैं. कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से उनके काम के घंटे पूरी तरह बदल चुके हैं. बाक्सटर और उनके स्टाफ़ न्यूयॉर्क में लगातार बढ़ रही मौतों के बाद शवों को संभालने में संघर्ष कर रहे हैं.

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पहले की तरह सूट पहनकर काम करने के दिन भी नहीं हैं. संक्रमण से बचने के लिए उन्हें ख़ास तरह की पोशाक पहननी होती है जिसे बाद में वे उतार लेते हैं. ये कपड़े हमेशा उनके साथ होते हैं. वे एक नर्सिंग होम की तरफ जा रहे हैं जहां उन्हें कोरोना वायरस से मृत एक व्यक्ति के शव को लेना है, दिन भर में यहां कई बार आना होगा और ये शुरुआत है.
सुबह 06:30 बजे
उधर ग्रीनविच विलेज में डॉक्टर जेनिफ़र हाएथ अलार्म बजने से उठ गई हैं. पिछले कुछ सप्ताह को एक बुरा सपना मानने की क्षणिक कोशिशों के बीच वह आंखें खोलने की कोशिश कर रही हैं.
नहाने के बाद वह काम पर जाने के लिए तैयार हो चुकी हैं. यहां उनका कुत्ता नहीं है, जिसे उन्हें टहलाने ले जाना है, गुड बॉय किस करने के लिए पति भी नहीं हैं और बच्चे भी नहीं हैं, जिनके लिए उन्हें नाश्ता तैयार करना होता था.
वह एक कॉफी शॉप की ओर जा रही हैं, जहां अपने कुत्ते को घुमाने निकलीं एक महिला ने उनके यूनिफॉर्म को पहचानने के बाद थैंक्यू बोला. कैफ़े में एकमात्र दूसरा कस्टमर मौजूद है, एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर और वही जेनिफ़र की कॉफी के पैसे चुकाता है.
जेनिफ़र कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के लिए ड्राइव कर रही हैं, रेडियो पर कैट स्टीवंस का पीस ट्रेन गाना आ रहा है. पिछले कुछ समय से उन्होंने ये गाना नहीं सुना था, लिहाजा इसे सुनकर जेनिफ़र में नई एनर्जी भर आई. गाड़ी चलाते हुए वह यूएसएनएस कंफर्ट- न्यूयॉर्क सिटी में समुद्री जहाज पर बने नौ सेना के हॉस्पिटल को देख रही हैं, जहां कोरोना वायरस मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है. यह जेनिफ़र को आलीशान लग रहा है.
काम पर पुहंचने के बाद जेनिफ़र अपना मास्क, गाउन, गलव्स और कोरोना वायरस के मरीज़ के साथ काम करने के लिए ज़रूरी दूसरे सभी उपकरण पहनती हैं. इसके बाद वह काम के एक और नए दिन में इंटेंसिव केयर यूनिट की ओर बढ़ जाती हैं.
सुबह 07:00 बजे
नर्स कैथलीन फ़लैनगान अपने आठ साल के बेटे के गले लगाने से उठती हैं. उनके घर से बाहर निकलने से पहले आठ साल का बेटा उनके लिए पैनिक एट द डिस्को बैंड के गाने हाई होप्स पर डांस करता है.
कैथलीन जब अपनी कार में पहुंचती हैं तो वह एक बार फिर से इस गाने को सुनती हैं और इसके बोल को अपने जीवन में उतारकर देखती हैं.
ममा सेड डोंट गिव अप, इट्स लिटिल कॉम्प्लिकेटेड
हैड टू हैव हाई, हाई होप्स फॉर ए लिविंग
गाना सुनते-सुनते वह उस ट्रैफिक लाइट तक पहुंच गई थीं, जहां पिछले महीन आए एक फोन कॉल के बाद सब कुछ बदल गया है. न्यूयॉर्क सिटी के नर्सिंग एंड रिहेबिलिटेशन सेंटर के एक सहकर्मी ने कैथलीन को फ़ोन करके बताया था दो रेजिडेंट्स को बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है- जिन छह सेंटरों की देखभाल का जिम्मा कैथलीन के पास था उनमें यह कोरोना वायरस के शुरुआती मामले थे.
वह उस वक़्त एक दूसरे सेंटर की ओर बढ़ रही थीं. तब उन्हें फै़सला करना था कि वह लोगों की दूर रहकर मदद करेंगी या फिर अपनी योजना को बदलते हुए फ्रंटलाइन पर लोगों की मदद करेंगी. उन्होंने कार न्यूयॉर्क सिटी सेंटर की ओर मोड़ ली. उनकी जॉब में मरीजों की सीधी देखभाल करना शामिल नहीं हैं, लेकिन उस दिन के तीन सप्ताह बाद और कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने के ख़तरे के बावजूद वह लगातार अपने सेंटरों में फ्रंटलाइन की भूमिका निभा रही हैं.

सुबह 08:45 बजे
न्यूयॉर्क के एक अन्य नर्सिंग होम ग्लेंस फाल्स में फेथ विल्लेट एक घंटे से काम कर रही हैं और यहां चिंता की स्थिति सामने है.
सुबह में घर से निकलने से पहले उन्होंने नहाते वक्त 'वी हैव गॉट दिस' मंत्र का इस्तेमाल जोरों से किया था. पिछले कुछ सप्ताह से वह हर दिन ऐसा कर रही थीं क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि उनके सेंटर में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं पहुंचेगा.
लेकिन जैसे ही रेजीडेंट्स रूम से रुटीन चेक अप करने वाली नर्स बाहर निकलीं, उसकी आंखों को देखकर ही फेथ को बुरी खबर का अंदाज़ा हो गया था. रेजीडेंट्स को तेज़ बुखार था और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी.
नर्सिंग होम के सभी कर्मचारियों का मानना था कि कोरोना वायरस सेंटर तक पहुंच गया है. लोगों के लिए मास्क जारी किए गए और रेजीडेंट्स के कमरे को बंद रखने को कहा गया. यह भी कहा गया कि पूरी तरह से प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट पहने तय केयरगिवर ही अंदर जा सकते हैं.
फेथ इस आदेश के बारे में सोच रही थीं कि आप किसी भी रेजीडेंट्स के कमरे के दरवाज़े को तब तक बंद नहीं कर सकते जब तक वह ऐसा नहीं कहे, यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है. यह बलपूर्वक आइसोलेशन है, एक तरह से खराब व्यवहार है. लेकिन फेथ खुद को समझाती हैं कि जीवन बचाने के लिए उन्हें अपने मूल सेवा भाव को पीछे छोड़ना होगा.
पूरी तरह से प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट पहनी नर्स टेस्ट करने के लिए कमरे में जाती हैं. नर्स की आंखों में आंसू हैं लेकिन अंदर जाते ही वह सहज हो जाती हैं. वह टेस्ट करती हैं, सैंपल को पैकेज करके लैब भेजा जाता है. फेथ नर्स के साहस को सलाम करती हैं.
सुबह 09:00 बजे
स्टीवन बैक्सटर मैनहट्टन के गैनोन फ्यूनरल होम में डेथ सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों को छांट रहे हैं. फोन लाइन अभी ही शुरू की गई है. ऐसे में वायरस से मरे लोगों के परिवार वालों के फ़ोन कॉल्स आ सकते हैं, इसकी तैयारी भी स्टीवन कर रहे हैं.
53 साल के स्टीवन ने हाल ही में फ्यूनरल एरिया के अंदर बने छोटे गिरजाघर को मुर्दाघर में बदला है. स्टीवन ने अपने यहां एक नियम बना रखा है- सम्मान और उचित दूरी के साथ शवों के अंतिम संस्कार का. लेकिन जिस तेजी से शव आ रहे हैं, इस नियम का पालन मुश्किल होता जा रहा है.

आज स्टीवन को कोविड-19 संक्रमण से मरे आठ लोगों के शवों को अंतिम संस्कार करने के लिए लाना है. इसके बाद अंतिम संस्कार वाले बॉक्स की आपूर्ति करने वाले से भी संपर्क करना है क्योंकि इसकी आपूर्ति कम पड़ने लगी है. आज जिन लोगों के शवों को स्टीव लाएंगे उनका अंतिम संस्कार तीन सप्ताह में हो पाएगा- महामारी के चलते व्यवस्थाओं पर असर पड़ा हैं और बैकलॉग बढ़ते जा रहे हैं. आजकल स्टीवन का हर दिन एक जैसा हो गया है. कोरोना वायरस के समय में दिन की शुरुआत इस तरह से हो रही है- वे श्वसन यंत्र के अलावा दूसरे प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट पहनते हैं. इसके अलावा खुद को संक्रमण मुक्त रखने के लिए स्प्रे करते हैं ताकि वह सुरक्षित होकर शवों को एक जगह से दूसरे जगह ले जा रहे हैं.
सुबह 09:34 बजे
जो लोग सीधे तौर पर फ्रंटलाइन पर काम नहीं कर रहे हैं, वे लोग भी वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं. जब से महामारी फैली है तब से डॉक्टर माइकल मोर्गनस्टर्न को बाहर निकल कर मेट्रो नहीं लेना होता है, उन्हें बस सीढ़ियां चढ़कर ऊपरी मंजिल पर पहुंचना होता है.
इस सुबह अपने पहले मरीज़ को देखने के लिए वे वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप जूम पर लॉग इन कर चुके हैं. उनके ज्यादातर मरीज़ बूढ़े हैं और ऐसे में डॉक्टर मोर्गनस्टर्न उन्हें कोरोना वायरस के ख़तरों के बारे में बताते हैं और क्या सावधानियां बरतनी हैं, इसके बारे में सुझाव देते हैं. उनका पहला मरीज़ घर से बाहर निकल कर दो अन्य डॉक्टरों से सलाह लेना चाहता है. माइकल वीडियो कॉल में मौजूद मरीज़ के बेटे को कहते हैं कि वह चेक करे कि क्या उन डॉक्टरों से फ़ोन पर या वीडियो प्लेटफॉर्म पर सलाह मिलना संभव है.
माइकल की चिंता है कि लोग खुद को एक्सपोज़ कर रहे हैं. उनके सुबह का ज़्यादातर वक्त नॉन मेडिकल फेस मास्क के बारे में लोगों के सवालों को सुलझाने में बीत रहा है. अमरीकी सेंटर्स फॉर डिजीज़ कंट्रोल ने लोगों से अपील की है कि वे नॉन मेडिकल मास्क इस्तेमाल कर सकते हैं. काम करने के दौरान वे बार बार दोहराते हैं कि एक औंस का रोकथाम एक पाउंड के इलाज को बचाता है. दूसरे अप्वाइंटमेंट के लिए तैयार होने से पहले वे थोड़े नर्वस दिखते हैं, वे सोच रहे हैं कि दुनिया में ये क्या हो रहा है.
सुबह 10:00 बजे
फ़ेथ विल्लेट के पास उस नर्स का फ़ोन आया जो बीमार हो गई थी. उसने बताया कि उसका टेस्ट नहीं हो पाया है लेकिन उसे संभावित कोरोना पॉजिटिव मान लिया गया है.
फ्रंटलाइन वर्करों के लिए टेस्ट की कमी पर फेथ नाराज हो जाती हैं. उन्हें इस बात की चिंता है कि रेजीडेंट्स एक्सपोज होते रहते हैं, फिर वह खुद के बारे में भी सोचती हैं कि अगर मेरे साथ ऐसा हो गया तो..?

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शुरुआती लक्षणों के चलते नर्सिंग होम के पांच कर्मचारियों को कोविड-19 का टेस्ट हुआ है, जिनमें चार की रिपोर्ट निगेटिव आयी हैं जबकि पांचवें की रिपोर्ट आने वाली है.
फेथ और उनकी सहकर्मी सब एक बात को लेकर चिंतित हैं- वे इस केंद्र में वायरस लाने वाला शख्स नहीं बनना चाहते.
सुबह 11:00 बजे
एक दूसरे नर्सिंग और रिहेबलिएशन होम में कैथलीन फलैनगान कोरोना वायरस के लक्षण वाले रेजीडेंट्स में ज्यादातर का मार्निंग चेकअप कर चुकी हैं.
अस्पताल में एक लंबे समय बीमार चल रहे रेजीडेंट्स को लाने की चर्चा होती है, कैथलीन को भरोसा दिया जाता है कि वह अलर्ट है और रिस्पांस कर रहा है.
जबकि अस्पताल में दो पहले से ऐसे मरीज हैं. इनमें एक की स्थिति ठीक नहीं है. जब यह पूछा जाता है कि उस मरीज का परिजन कौन है तो कैथलीन कहते हैं, "हम लोग उसका परिवार हैं."
वह डॉक्टरों से उसे बचाने की गुहार लगाती हैं.
11:23 बजे
माइकल मार्गनस्टर्न अपने अगले मरीज़ को वीडियो कॉल से देख रहे हैं. बुजुर्ग कैंसर के मरीज़ हैं. कैंसर फैलता हुआ प्रतीत हो रहा है. मरीज़ का कीमोथैरेपी इलाज चल रहा है लेकिन कोविड-19 संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए इसे डॉक्टरों ने फ़िलहाल रोका हुआ है.
माइकल चिंतित हैं. घर से बाहर निकलने वाले मरीज के निकट संबंधियों को माइकल सलाह देते हैं कि वे लोग मरीज़ के पास मास्क पहनकर ही जाएं.
माइकल सुबह में मरीज़ों को देख रहे हैं और कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ अभियान से जुड़े वॉलिंटियरों के साथ काम कर रहे हैं. इस दौरान वे खुद सोचते हैं कि उनके एक मरीज़ का जन्म 1918 के स्पेनिश फ्लू की महामारी के तुरंत बाद में हुआ था.

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दोपहर 12:00 बजे
डॉक्टर जेनिफर हाएथ इंटेंसिव केयर यूनिट का राउंड लगा रही हैं. जिन भी मरीज को वह देख रही हैं वे कोविड-19 के मरीज हैं. सब के सब वेंटिलेटर पर हैं.
जेनिफर अपने सहकर्मियों के पास से गुजरते वक़्त केवल उनकी आंखों को देख रही हैं. इनमें उन्हें तनाव के साथ उम्मीद और साहस भी दिख रहा है.
जेनिफर उन मरीजों को देख रही हैं जो गंभीर तौर पर बीमार हैं, मर रहे हैं. वह मरीज और उनके परिवार वालों के बारे भी सोचती हैं. फिर खुद से सवाल पूछती हैं, अस्पताल में कोई विजिटर नहीं हैं, क्या है ये?
दोपहर 12:30 बजे
लेबनान में जन्मे 22 साल के सारुजेन सिवाकुमार अप्रवासी और शरणार्थियों के नेतृत्व वाली कैटरिंग कंपनी इट ऑफबीट में डिलीवरी टीम मैनेजर हैं. वे अपने काम के लिए निकले हैं.
न्यूयॉर्क के अन्य कारोबार की तरह ही, इट आफबीट ने कोरोना वायरस महामारी के समय में अपने कारोबार को थोड़ा बदला है. अब कंपनी एक सप्ताह तक भोजन और नाश्ते के लायक सामाग्री को कोरोना वायरस केयर पैकेज के नाम से बेचता है.
यात्रा शुरू करते ही सिवाकुमार ठहर जाते हैं, उन्हें लगता है कि शहर कितना शांत हो गया है. शरणार्थी के रूप में छह साल से वे यहां हैं, उन्हें इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा. आपस में बात करते हुए लोगों का कोई समूह नहीं है, मेट्रो स्टेशन पर कोई परफॉर्मर नहीं दिख रहा है.
सिवाकुमार को महसूस होता है कि मानो वह कोई वीडियो गेम के अंदर पहुंच गए हैं.
महामारी फैलने से पहले, वह अपने सहकर्मियों से खास अंदाज में हाथ मिलाते थे, गले मिलते थे. लेकिन आज किचन में जाते हुए उन्हें मालूम है कि दूरी रखनी है.

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दोपहर 01:00 बजे
ग्लेन फाल्स नर्सिंग होम में विजिटिंग टाइम है. फेथ और उनके सहकर्मी रेजीडेंट्स को डायनिंग रूम लेकर आए हैं जहां बड़ी बड़ी खिड़कियां हैं और उससे वे अपने परिवार वालों को देख सकते हैं.
परिवार वाले बाहर अपनी कारों में इंतजार कर रहे हैं और खिड़कियों तक आने के लिए कार को मोड़कर वापस लाते हैं. हर किसी को दस मिनट तक देखने की इजाजत मिली है.
दोनों तरफ की भावनाओं के बीच में शीशे की दीवार है. फेथ महसूस करती हैं कि आंसुओं के भी कई शेड होते हैं- खुशी, हंसी, उदासी और निश्चित तौर पर डर के भी आंसू होते हैं.
दोपहर 01:45 बजे
सारुजेन की कंपनी के शेफ बताते हैं कि काम पर आने के लिए ट्रेन पकड़ने में उन्हें काफी डर लगता है. लेकिन उन्हें इस बात की भी चिंता है कि अगर कंपनी ने काम करना बंद कर दिया तो उनका गुजारा कैसे होगा.
सारुजेन को मालूम है कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कितनी मेहनत की है, यही स्थिति कंपनी में काम करने वाले दूसरे लोगों की है. सारूजेन को चिंता है कि अगर कंपनी ने काम करना बंद कर दिया, तो फिर भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं होगा.
लेकिन इन बातों के लिए बहुत वक्त नहीं है, इन लोगों को डिलिवरी के लिए निकलना भी है.
दोपहर 02:30 बजे
स्टीवन बैक्सटर को कोरोना वायरस से मृत एक अन्य व्यक्ति के शव को लाना है. उन्हें बीते दिन एक फ़ोन आया था, फ़ोन करने वाले के पिता की मौत हुई है. उसने बताया था कि अंतिम संस्कार के लिए कंपनी जो पैसे मांग रही है वह चुकाने में असमर्थ है, इसलिए उसने स्टीवन को फ़ोन किया है.
स्टीवन उसके पिता के शव को लाते वक़्त गुस्से में हैं, उन्हें यह स्वास्थ्य संकट के समय में यह लूट जैसा लगता है. उनका अपना मानना है कि शहर में अंतिम संस्कार के लिए चार गुना अधिक कीमत वसूली जा रही है.
शाम 04:20 बजे
ऐसी ख़बर ही थी जिसे हर कोई डर के साथ पचा रहा था. फेथ विल्लेट के नर्सिंग होम के पांचवें कर्मचारी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकल आया. फेथ ने खुद से कहा इसे महसूस करने का वक़्त नहीं है, काम करने का वक़्त है.
उन्होंने तुरंत अपने रेजीडेंट्स और उनके परिवार वालों को अलर्ट करने का मुश्किल काम शुरू कर दिया था.

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शाम 05:00 बजे
दिन में डॉक्टर माइकल मोर्गनस्टर्न को एक मरीज से बात करते हुए मालूम हुआ कि मास्क नहीं मिल रहा है. मोर्गनस्टर्न ने मरीज को टीशर्ट से मास्क बनाना सिखाया.
उन्हें लग रहा था कि इसकी जरूरत दूसरे लोगों को भी होगी, इसलिए उन्होंने इस प्रक्रिया का वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन शेयर कर दिया.
शाम 06:00 बजे
सारुजेन ने जब अपना अंतिम पैकेज ड्रॉप किया तभी उसके पास कॉल आया कि कंपनी के भविष्य को लेकर होने वाले मीटिंग में शामिल होना है.
मीटिंग में यह तय हुआ है कि डिलिवरी वाले कंपनी के ड्राइवर ही शेफ़ को उनके घरों से लाएंगे और पहुंचाएंगे ताकि उन्हें ट्रेन में यात्रा नहीं करनी पड़े.
सारूजेन इस बात से खुश हैं काम करना जारी रहेगा लेकिन वायरस और नौकरी की दिनभर की चिंता ने उन्हें बुरी तरह थका दिया है.
शाम 08:00 बजे
स्टीवन बैक्सटर फ्यूनरल होम से अपने घर लौट आए हैं, लेकिन उनके दिन का काम पूरा नहीं हुआ है.
घर के बैकयार्ड में स्टीवन के जुड़वां बच्चे बास्केटबॉल खेल रहे हैं. उन्होंने डैड से नहाने के बारे में पूछा. जब स्टीवन ने हां में जवाब में दिया तो उन्हें मालूम होना चाहिए कि उनके पिता का दिन कैसा गुजरा है.
अगले कुछ घंटों तक स्टीवन के पास शोक संतप्त परिवारों से फ़ोन आते रहे. वे अब तक अपनी पत्नी से बात नहीं कर पाए हैं, उनकी पत्नी भी एक फ्यूनरल डायरेक्टर हैं.
स्टीवन अपने बच्चों के सोने से पहले ही सो चुके हैं क्योंकि उन्हें सुबह चार बजे एक नर्सिंग होम से शव लाना है.
शाम 08:22 बजे
गर्म पानी से नहाने के बाद जेनिफ़र बेड में घुसने को तैयार हैं. हालांकि उन्हें ज़्यादा देर तक काम नहीं करना पड़ा लेकिन आज वह बहुत थकान महसूस कर रही हैं.
चूंकि उन्होंने मरीजों की देखभाल से जुड़े ज़्यादा सवालों के जवाब आज दिए हैं, लिहाजा उन्होंने खुद की भी समीक्षा की. दर्द, थकान, गले में खरास, जेनिफर सोचती हैं कि क्या उसे भी टेस्ट करवाना चाहिए.
08:40 बजे
फ़ेथ विल्लेट के पास एक नर्स का कॉल आया है, वह बता रही है कि वह अगली शिफ़्ट नहीं कर पाएगी. नर्स के मुताबिक वह बीमार नहीं है लेकिन नर्सिंग होम में एक पॉजिटिव मरीज़ होने की ख़बर उसे मिल गई है.
नर्स कुशल भी है और प्रशिक्षित भी लेकिन फ़ेथ उसके फ़ैसले को समझ नहीं पायीं, उन्हें यह संकट के समय में जहाज से कूदने की कोशिश जैसा दिखाई दिया.
रात के 09:00 बजे
जेनिफ़र टीवी पर स्केच कॉमेडी फ्रेंड्स का एपिसोड देख रही हैं. इन दिनों जेनिफर बस यही शो देख पाती हैं- किसी चीज़ पर ज़्यादा देर तक उनका ध्यान नहीं टिकता है.
रात में सोने से पहले लाइट बंद करने से पहले जेनिफ़र ने अपने बच्चों से फेसटाइम पर बात की. बीते आठ दिनों से वे अपने बच्चों से नहीं मिली हैं. सोने से पहले उन्होंने दिमाग़ में नोट बनया है, 'जब यह सब पूरा हो जाएगा तो फ्रेंडस के कलाकारों को धन्यवाद कहना है.'

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रात 10:00 बजे
कैथलीन फ़लैनगान एक घंटे से अपने घर पर हैं. वही रूटीन है, परिवार वालों को हैलो कहना, कपड़ों को वाशिंग मशीन में डालना और नहाना.
इन दिनों उन्हें एक बार ही खाने का वक़्त मिल पा रहा है, आज भी खाने में पालक-अंडे बने हुए हैं.
नेटफ्लिक्स पर 'द ऑफि़स' देखते हुए वह सोने चली जाती हैं. नए दिन की शुरुआत के लिए आज का उनका दिन ख़त्म हो रहा है, लेकिन उनका फ़ोन उनके पास ही है, क्या पता किसी को ज़रूरत पड़ जाए.
रात 11:58 बजे
फ़ेथ को फिर से काम पर जाने में अब कुछ ही घंटे रह गए हैं. उन्होंने कुछ देर तक आराम करने की पूरी कोशिश की लेकिन स्वास्थ्य विभाग के एक ईमेल रिमाइंडर ने उन्हें सोने नहीं दिया. इसमें कोरोना वायरस को लेकर जानकारी थी.
नर्सिंग होम से नए और बिगड़ते मामलों की कोई ख़बर नहीं थी, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि वो रिलैक्स होकर सो जातीं.
क्योंकि मंगलवार 7 अप्रैल को कोरोना वायरस से न्यूयॉर्क प्रांत में 779 लोगों की मौत हो चुकी है, यह उस दिन तक एक दिन में सबसे ज़्यादा मौतों का रिकॉर्ड था.
लेकिन अगले ही दिन डरावना रिकॉर्ड नए मुकाम तक पहुंच गया.
(सभी तस्वीरें 7 अप्रैल को क्लिक की गई हैं.)

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