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कोरोना वायरसः न्यूयॉर्क में लाशों की ऐसे हो रही है सामूहिक अंत्येष्टि
अमरीका में कोरोना से लगातार बढ़ती मौतों की संख्या के बीच न्यूयॉर्क में सामूहिक रूप से शवों को दफ़नाने की तस्वीरें सामने आई हैं.
हार्ट आइलैंड की इन तस्वीरों में सुरक्षित कपड़े पहने हुए कर्मचारी गहरे खाईनुमा गड्ढों में लकड़ियों के ताबूतों को रखते हुए नज़र आते हैं.
ड्रोन से ली गई ये तस्वीरें जिस जगह की हैं वहाँ डेढ़ सौ से ज़्यादा सालों से ऐसे लोगों को सामूहिक तौर पर दफ़नाया जाता रहा है जिनका कोई क़रीबी या रिश्तेदार नहीं होता या जो बेहद ग़रीब होते हैं.
अमरीका में न्यूयॉर्क की हालत सबसे गंभीर है. इस एक शहर में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या अमरीका के अलावा दुनिया के किसी भी एक देश में संक्रमित रोगियों की संख्या से ज़्यादा है.
न्यूयॉर्क में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या 1 लाख 60 हज़ार से ज़्यादा है जिनमें 8 हज़ार से ज़्यादा की मौत हो चुकी है.
पहले एक हफ़्ते में 25 लाशें, अब हर दिन 25 लाशें
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार हार्ट आइलैंड पर सामान्यतः एक हफ़्ते में लगभग 25 लाशें आया करती थीं और अंत्येष्टियाँ हफ़्ते में एक ही दिन होती थीं.
मगर सुधारगृह विभाग के प्रवक्ता जेसन कर्स्टन का कहना है कि अब यहाँ हफ़्ते में पाँच दिन लाशों को दफ़नाया जा रहा है और हर दिन लगभग 25 लाशें आ रही हैं.
यहाँ लाशों को दफ़नाने का काम शहर की मुख्य जेल राइकर्स आइलैंड के क़ैदियों से करवाया जाता था. मगर काम बढ़ने के बाद अब ये काम ठेकेदारों को सुपुर्द कर दिया गया है.
अभी ये स्पष्ट नहीं है कि मरने वालों में से कितनों के आत्मीय जन नहीं थे या कितने लोग ग़रीब थे.
मगर मुर्दाघरों में जगह की कमी के कारण लावारिस लाशों को सुरक्षित रखने का समय कम कर दिया गया है.
न्यूयॉर्क के मेयर बिल डे ब्लासियो ने इस सप्ताह कहा था कि संकट समाप्त होने तक लाशों की अस्थायी अंत्येष्टि करना ज़रूरी हो सकता है.
मेयर ने कहा था, "स्वाभाविक है कि जो जगह इस्तेमाल होती रही है, वो हार्ट आइलैंड है."
अमरीका में 24 घंटे में 2000 की मौत
अमरीका में शनिवार को पिछले 24 घंटों में 2000 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर आई.
किसी एक ही दिन में किसी और देश में इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों की मौत नहीं हुई है.
अमरीका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के जारी किए गए आँकड़ों के मुताबिक़ वहाँ पिछले 24 घंटों में 2,108 लोगों की जान चली गई है.
वहीं देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 5 लाख से ज़्यादा हो चुकी है.
समझा जा रहा है कि महामारी के दौरान मारे गए लोगों की संख्या के मामले में अमरीका बहुत जल्दी इटली से आगे निकल सकता है.
स्थिर हो रहा है संकट
व्हाइट हाउस की कोविड-19 पर बनी टास्क फ़ोर्स के जानकारों का कहना है कि अब ऐसा लग रहा है कि महामारी की स्थिति स्थिर हो रही है.
लेकिन डॉक्टर डेबोरा बर्क्स ने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा, "ये बात उत्साहवर्धक हो सकती है, मगर हम अभी भी संकट की चरम स्थिति तक नहीं पहुँचे हैं."
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी उम्मीद जताई है कि मरने वालों की संख्या एक लाख तक नहीं जाएगी जैसा कि आशंका जताई जा रही थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,"हम ये देख रहे हैं कि हमने जो आक्रामक रणनीति अपनाई उससे असंख्य लोगों की जान बच रही है".
टास्क फ़ोर्स के एक प्रमुख सदस्य डॉक्टर एंथनी फ़ॉसी ने एनबीसी चैनल पर कहा था कि उन्हें लगता है कि महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या 60,000 के आस-पास रहेगी.
पिछले महीने के अंत में डॉक्टर फ़ॉसी ने आशंका जताई थी कि मरने वालों की संख्या 1 लाख से 2 लाख के बीच हो सकती है.
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