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कोरोना वायरस: ऑस्ट्रेलियाई पीएम का चीन के मांस बाज़ार पर हमला
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के पीछे चीन के वेट मार्केट (मांस के बाज़ार) का हाथ है.
उन्होंने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र से चीनी वेट मार्केट के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अपील भी की.
मॉरिसन ने कहा कि चीन के मांस बाज़ार बाक़ी दुनिया और लोगों की सेहत के लिए 'गंभीर ख़तरा' हैं.
पिछले साल नवंबर में कोविड-19 संक्रमण की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी. कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का जन्म वुहान के मांस बाज़ार से हुई और वायरस पशुओं के ज़रिए इंसानों में आया.
संक्रमण बढ़ने के बाद 'वुहान सीफ़ूड होलसेल मार्केट' को जनवरी में बंद कर दिया गया था.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस की चपेट में आकर 53,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने गुरुवार को 2जीबी रेडियो स्टेशन पर एक इंटरव्यू में कहा, "वेट बाज़ार चाहे जहां भी हों, वो गंभीर ख़तरा हैं. ये वायरस चीन में उपजा और वहां से होते हुए पूरी दुनिया में फैल गया. हम सबको ये पता है. मुझे लगता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को इस बारे में कुछ करना चाहिए क्योंकि ये दुनिया भर के लोगों की सेहत का सवाल है. अभी जो पैसे खर्च हो रहे हैं वो संयुक्त राष्ट्र और डब्ल्यूएचओ से ही तो आ रहे हैं."
वेट मार्केट में क्या बिकता है?
वेट मार्केट में ताज़ा मांस, मछली और सीफ़ूड मिलता है.
स्कॉट मॉरिसन ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से वेट मार्केट पर ध्यान देने की अपील की.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को इस पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से दुनिया भर के लोगों के स्वास्थ्य को ख़तरा है."
मॉरिसन ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया में वेट मार्केट नहीं हैं और इसकी एक वाजिब वजह है. मैं किसी की संस्कृति पर टिप्पणी नहीं कर रहा हूं. मैं बस ये कह रहा हूं कि अगर इस तरह की फ़ूड सप्लाई को लेकर सतर्कता नहीं बरती गई तो यह बेहद ख़तरनाक हो सकता है. फ़िलहाल अभी हम ऑस्ट्रेलिया पर ध्यान देंगे और दूसरे देशों को अपना ख़ुद का फ़ैसला लेने देंगे."
डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं 'चीनी वायरस'
इससे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कोरोना वायरस को चीनी वायरस कह चुके हैं और चीन इस पर आपत्ति ज़ाहिर कर चुका है.
वहीं, दूसरी ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के लिए चीन को उसी तरह दोष नहीं दिया जा सकता जैसे इबोला संक्रमण के लिए अफ़्रीका को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमण मामलों की संख्या 10 लाख से ज़्यादा हो गई और 53 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा दुनिया भर में 2 लाख 10 हज़ार लोग संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं.
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वहां कोरोना संक्रमण के कुल 5,350 मामले सामने आ चुके हैं और संक्रमण की चपेट में आकर 26 लोगों की मौत हो चुकी है.
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