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कोरोना वायरस: चीन कैसे स्पेन की मदद कर रहा है
स्पेन में कोरोना वायरस की वजह से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. वहां मरने वालों का आंकड़ा अब चार हज़ार से ज़्यादा हो गया है.
इसी के साथ मरने वालों की संख्या के मामले में स्पेन ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. स्पेन अब मौतों के मामले में इटली के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है.
स्पेन में 57 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना पॉज़िटिव हैं. सबसे ज़्यादा ख़राब हालत राजधानी मैड्रिड में है.
लेकिन उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित कैटेलोनिया में मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. सरकार के मुताबिक़ स्पेन के उप प्रधानमंत्री भी वायरस की चपेट में आ गए हैं.
स्पेन कोरोना के संकट से निपटने में संघर्ष कर रहा है. हालात संभालने की कोशिश में सेना को लगा दिया गया है. स्थिति इतनी गंभीर है कि सैनिकों ने पाया कि कुछ जगहों पर बूढ़े लोगों का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है और कुछ बूढ़े लोग तो अपने बिस्तरों पर मरे हुए मिले.
इन घटनाओं से समझा जा सकता है कि स्पेन बहुत ही बुरे दौर से गुज़र रहा है. वहां की सरकार इस मुसीबत से निपटने की पूरी कोशिश कर रही है.
चीन ने बढ़ाया मदद का हाथ
अब चीन ने स्पेन की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है. चीन का दावा है कि उसने कोरोना वायरस के ख़तरे को अपने यहां नियंत्रित कर लिया है और अब दूसरे देशों की मदद करना चाहता है.
चीन की सरकार ने घोषणा की है कि वो 82 देशों को स्प्लाई किट देगी.
मिशन चाइना टू ईयू के मुताबिक़ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्पेन के किंग फिलिप VI को ईमेल किया और कहा कि "चीन, स्पेन के साथ अपना अनुभव और चिकित्सीय समाधान साझा करने को तैयार है. स्पेन की मदद के लिए चीन हर कोशिश करेगा." शी ने ये भी कहा कि साथ मिलकर ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है.
शी जिनपिंग ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज से भी मंगलवार शाम फोन पर बात की थी और चीन की तरफ से हर तरह के सहयोग और मदद की बात कही.
शी ने ज़ोर देकर कहा कि हमारे पूरे देश की मेहनत, सावधानी और नियंत्रण के लिए उठाए गए क़दमों से चीन को सकारात्मक नतीजे मिले हैं और चीन अब सबसे मुश्किल स्टेज से निकल आया है.
शी ने कहा, "हमेशा बरसात के बाद ही सूरज की रोशनी आती है."
उन्होंने उम्मीद जताई कि स्पेन और चीन के बीच की दोस्ती मज़बूत होगी और महामारी से निपटने के बाद द्विपक्षीय रिश्तों का भविष्य और सुनहरा होगा.
जवाब में स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज ने भी कहा कि स्पेन और चीन हमेशा एक दूसरे को सहयोग और मदद देते रहे हैं और इस महामारी से मुकाबला करने में साथ हैं.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ चीन ने स्पेन को मदद भेजी है. चीन की ओर से भेजे गए 50 हज़ार फेस मास्क, 10 हज़ार प्रोटेक्टिव सूट, 10 हज़ार प्रोटेक्टिव ग्लासेस, 10 हज़ार सर्जिकल ग्लव्स 22 मार्च को स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचे.
इससे पहले 12 मार्च को भी चीन ने इटली और स्पेन की मदद के लिए मेडिकल सप्लाई की खेप भेजी थी. मैड्रिड स्थित चीनी दूतावास के एक ट्वीट के मुताबिक़ इसमें 18 लाख मास्क शामिल थे.
शिन्हुआ और रॉयटर्स के मुताबिक़ इटली की राजधानी रोम के एयरपोर्ट पर उतरे विमान में चीन मेडिकल एक्सपर्ट्स की नौ सदस्यीय टीम थी और कई टन मेडिकल सप्लाई था. एक्सपर्ट की जो टीम गई थी वो चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन और चीन की रेड क्रॉस सोसाइटी की तरफ से गई थी.
वो अपने साथ वेंटिलेटर, मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर समेत 700 से अधिक उपकरण और सामान ले गए थे.
विमान से उतरने के बाद टीम के एक सदस्य ने मीडिया से कहा था, "हम यहां आईसीयू इक्विपमेंट के 30 सेट लेकर आए थे."
स्पेन में बड़ी तादाद में चीनी नागरिक रहते हैं. ये भी एक वजह है कि चीन सरकार स्पेन की मदद के लिए तत्पर दिख रही है.
शिन्हुआ के मुताबिक़ हाल में चीन की बड़ी कंपनियों ने स्पेन के लिए लाखों मास्क डोनेट किए और कई अन्य कंपनियों ने मेडिकल सामानों की मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है. जिसके लिए स्पेन के किंग फिलिप VI ने उन्हें शुक्रिया अदा किया.
आगे मदद पहुंचाने के लिए चीन के शिनजियांग प्रांत से मैड्रिड के बीच चलने वाली ट्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा.
कोरोना वायरस की वजह से बने स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए स्पेन की सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी है.
चीन से मेडिकल स्पलाई ख़रीदेगा स्पेन
स्पेन के अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. जिससे उसका हेल्थ सिस्टम दबाव में आ गया है.
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक़ स्पेन ने घोषणा की है कि वो 432 मिलियन यूरो के मेडिकल उपकरण चीन से ख़रीद रहा है.
स्पेन के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसमें 550 मिलियन से ज़्यादा मास्क होंगे जो स्वस्थ्य कर्मियों और आम लोगों को दिए जाएंगे और साथ ही 5.5 मिलियन टेस्ट और 950 रेस्पिरेटर्स भी ख़रीदे जाएंगे.
स्पेन ये संकट कबतक जारी रहने का अनुमान लगा रहा है, इसका संकेत इस बात से मिलता है कि मास्क की डिलिवरी आठ हफ्ते में होगी और रेस्पिरेटर्स अप्रैल से जून के बीच मिलेंगे.
स्पेन ने एक नेटो कॉर्डिनेशन सेंटर से भी पीपीई, रेस्पिरेटर्स और टेस्ट किट की ख़रीद में मदद करने के लिए कहा है.
स्पेन के स्वस्थ्य मंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा, "पूरी प्रोडक्शन चेन (चीन में) सिर्फ़ स्पेन सरकार के लिए काम करेगी."
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