दिल्ली हिंसा: बांग्लादेश में पीएम मोदी को भेजा बुलावा रद्द करने की माँग

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इमेज कैप्शन, दिल्ली में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन
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दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के ख़िलाफ़ बांग्लादेश की कई इस्लामिक पार्टियों ने देश भर में विरोध-प्रदर्शन किये हैं. ये प्रदर्शन पिछले तीन चार दिनों से चल रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 42 लोगों की जान जा चुकी है.

ढाका में इस प्रदर्शन के दौरान इस्लामिक पार्टियों ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को शेख मुजीबुर रहमान की सौवीं जयंती पर बुलाने के लिए भेजे गए आमंत्रण को रद्द करने की माँग की है.

शेख मुजीबुर रहमान की सौवीं जयंती पर कई बड़े आयोजन मार्च के दूसरे हफ़्ते में शुरू हो रहे हैं.

शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन में शामिल लोग बैतूल में मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद में जुम्मे की नमाज़ के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नया पलटन ऑफ़िस तक गए.

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने पीएम मोदी को भेजा आमंत्रण वापस नहीं लिया तो भारतीय प्रधानमंत्री के आने पर ढाका एयरपोर्ट पर वे विरोध करेंगे.

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हिफ़ाजत-ए-इस्लाम के उपाध्यक्ष नूर हुसैन कासमी ने कहा है, ''बैठक के बाद अगले विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की जाएगी.''

एक और इस्लामिक पार्टी के नेता मौलाना मामुनल हक़ ने कहा है कि 'अगर पीएम मोदी बंगबंधु की शताब्दी जयंती में आते हैं तो यह बांग्लादेश के राष्ट्रपिता का अपमान होगा.'

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग के महासचिव और बांग्लादेश के सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल क़ादर ने कहा था कि 'दिल्ली में हिंसा भारत का आंतरिक मामला है.'

ओबैदुल के बयान की इस्लामिक पार्टियों ने तीखी आलोचना की है.

इस्लामी ओइकया जोत के नेता मौलाना अब्दुल क़रीम ने ओबैदुल से इस्तीफ़े की माँग की है.

उन्होंने कहा, ''बीजेपी के लोगों ने मुसलमानों को घरों में घुसकर मारा है. मस्जिदों को अपवित्र किया है. दिल्ली में मुसलमानों के लिए बहुत ही मुश्किल स्थिति पैदा कर दी गई है. अगर मोदी ढाका आते हैं तो ठीक नहीं होगा.''

प्रदर्शनकारियों ने माँग की है कि 'भारत में सांप्रदायिक हिंसा रुके, नहीं तो बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन बढ़ेगा.'

इधर पश्चिम बंगाल की विश्व भारती यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे एक बांग्लादेशी छात्रा को भारत सरकार ने वापस जाने को कहा है.

कोलकाता के अख़बार टेलिग्राफ़ के अनुसार वो स्टूडेंट सीएए विरोधी मार्च में शामिल हुई थी.

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अफ़सरा अनिका मीम विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कला संकाय में पहले वर्ष की छात्रा हैं. उन्होंने फ़ेसबुक पर सीएए विरोधी पोस्ट की थी.

मीम 2018 में भारत आई थीं और वे फ़ाइन आर्ट में बैचलर कर रही हैं.

बांग्लादेश के कई शहरों में दिल्ली में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सभी प्रदर्शनों में माँग की जा रही है कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया आमंत्रण वापस लिया जाए.

खुलना इमाम समिति के महासचिव मौलाना गोलाम किबरिया ने कहा है कि ''इमाम बंगबंधु के लिए आयोजित कार्यक्रम में एक नमाज़ की तैयारी कर रहे हैं और हमारी प्रधानमंत्री ने एक ग़ैर-मुसलमान को इस आयोजन में बुलाया है. यह आमंत्रण रद्द किया जाना चाहिए.''

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