You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना वायरस क्या महामारी से भी भयानक हो जाएगा?
- Author, मिशेल रॉबर्ट्स
- पदनाम, हेल्थ ए़डिटर, बीबीसी न्यूज़
चीन से दुनिया भर में फैले कोराना वायरस कोविड 19 अब 40 से ज़्यादा देशों तक पहुंच चुका है.
अब तक दुनिया भर में इस कारण 82 हज़ार से अधिक लोग संक्रमित हैं जबकि केवल चीन में 2,700 से अधिक लोगों की मौत इस वायरस से हो चुकी है.
अब भी इस वायरस के संक्रमण के अधिक मामले चीन में ही सामने आ रहे हैं लेकिन दूसरे देशों में भी इस कारण कई लोग मौत हुई है.
कोरोना वायरस का संक्रमण करीब बीते साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर के एक बाज़ार से शुरू हुआ था.
दिन पर दिन बिगड़ते हालात को देखकर अब विशेषज्ञों को चिंता सता रही है कि ये वायरस और कहां-कहां फैल सकता है और अपने चटपेट में और कितने लोगों के ले सकता है.
कोरोना वायरस को अब तक वैश्विक ख़तरा या 'पैनडेमिक' (महामारी) घोषित नहीं किया गया है लेकिन जानकार अब आशंका जता रहे हैं कि ये दुनिया के लिए अगली महामारी साबित हो सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रस एडॉनम ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण अब इस स्तर पर पहुंच गया है कि ये महामारी की शक्ल ले सकता है.
संगठन द्वारा जारी ताज़ा आकड़ों के अनुसार दुनिया भर में इस वायरस के कारण 82,294 संक्रमण के मामले पाए गए हैं जबकि चीन में इसके संक्रमण के 78,630 मामले हैं. केवल चीन में इस कारण अब तक 2,747 मौतें हो चुकी हैं.
पैनडेमिक क्या है?
मेडिकल साइंस की भाषा में पैनडेमिक उस संक्रामक बीमारी को कहते हैं जिससे एक ही समय में दुनिया भर के लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हो सकते हैं.
पैनडेमिक का हालिया उदाहरण साल 2009 में फैला स्वाइन फ़्लू था. विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी वजह से दुनिया में लाखों लोगों की मौत हुई थी.
किसी नए वायरस के ज़रिए फैलने वाली पैनडेमिक ज़्यादा ख़तरनाक होती है क्योंकि ये लोगों में आसानी से फैल सकती है और ज़्यादा वक़्त तक मौजूद रह सकती है. कोरोना वायरस में ये सभी लक्षण पाए गए हैं.
चूंकि अब तक कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए कोई वैक्सीन या ठोस इलाज उपलब्ध नहीं है, ये तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है.
इसकी कितनी आशंका है?
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना सचमुच कितना गंभीर है और कहां तक पहुंच चुका है.
चीन से बाहर के देशों में अब तक कोरोना संक्रमण के 150 मामले सामने आए हैं और फ़िलीपींस में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
अफ्रीका के नाइजीरिया में इसका पहला मामला सामने शुक्रवार को सामने आया है. मिसान से लागोस आए एक इतालवी नागरिक में कोरोना वायरस संक्रमण पाया गया है.
ये भी पढ़ें:चीन का कोरोना भारत के लिए बड़ा झटका क्यों?
हर पैनडेमिक अलग होता है...
डॉक्टर एडॉनम ने सोमवार को एग्ज़िक्युटिव बोर्ड की एक बैठक में कहा, "अगर हम बीमारी के केंद्र में बीमारी से लड़ने की कोशिश करें तो बाकी जगहों पर इसका प्रसार कम हो जाएगा."
हर पैनडेमिक अपने आप में अलग होता है और वायरस फैलने से पहले इसके पूरे असर को आंक पाना नामुमकिन होता है.
हालांकि विशेषज्ञों का ये अनुमान भी है कि कोरोना वायरस हालिया कुछ बीमारियों (जैसे सार्स) से कम ख़तरनाक होगा.
हालांकि डब्ल्यूएचओ ने शरुआत में चीन के बाहर कोरोना वारस कोविड 19 के संक्रमण को देखते हुए इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ़ इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) घोषित कर दिया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि देशों को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ज़रूरी एहतियात बरतने चाहिए लेकिन अभी स्थिति ऐसी नहीं है कि अलग-अगल देशों में सफ़र करने और व्यापार में दख़ल देना पड़े.
ये भी पढ़ें: चीन से लौटे भारतीयों की आपबीती
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)