पाकिस्तान में रहस्यमय गैस लीक होने से 14 की मौत

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- Author, रियाज़ सुहैल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कराची
पाकिस्तान के कराची शहर के कैमारी इलाक़े में रहस्यमय गैस लीक की वजह से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है. लेकिन अभी तक इस गैस के स्रोत का पता नहीं चल सका है.
सिंध प्रांत के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि मरने वालों की तादाद 14 हो गई है. अधिकारी दो दिन से ये पता लगाने में जुटे हैं कि ये गैस कौन सी है और कहां से निकल रही है.
कैमारी इलाक़े के लोगों ने सांस लेने में दिक्कत, आंखों, गले और नाक में जलन और आंख से पानी आने की शिकायत की है.
रविवार रात से अचानक लोगों को दिक्कतें शुरू हुईं और उन्होंने अस्पताल जाना शुरू किया.
सिंध प्रांत के नगरपालिका मंत्री नासिर हुसैन शाह ने बताया है कि अब तक ढाई सौ प्रभावित लोग अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं जिनमें से अधिकतर को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है.

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मंत्री के मुताबिक ये घटना क्यों हुई है इसकी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा, "शुरुआती रिपोर्ट आते ही मीडिया के ज़रिए लोगों को आगाह कर दिया जाएगा और भरोसे में लिया जाएगा."
उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल कराची यूनिवर्सिटी की लैब और पीसीएसआईआर में नमूनों की जांच की जा रही है.
कराची के एक थाने में इस संबंध में एक मुक़दमा भी दर्ज किया गया है. लेकिन इसमें भी ये स्पष्ट नहीं है कि गैस कहां से निकल रही है.
मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम भी नहीं करवाया गया है.
ज़हरीली गैस का सुराग़ क्यों नहीं लग पा रहा है?

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सिंध की आपदा प्रबंधन अथॉरटी के एमडी कमांडर सलमान अहमद का कहना है कि ये गैस कैमारी इलाक़े में रिस रही है. उन्होंने बताया कि कैमारी इलाक़े की हवा में नाइट्रेट ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड की तादाद ज़्यादा थी. उन्होंने बताया कि बाकी सब मानक ठीक थे.
उन्होंने बताया कि कराची बंदरगाह के अंदर और बाहर से पानी, धूल और मिट्टी के नमूने लिए गए हैं. ये नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं.
उन्होंने बताया है कि प्रभावित लोगों के ख़ून के नमूने भी लिए गए हैं. इन सब की जांच रिपोर्टों को साथ मिलाकर देखने पर ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा.
सलमान अहमद के मुताबिक़, अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि गैस का रिसाव किस जगह से हुआ है.
वहीं कराची पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों का कहना है कि गैस का रिसाव बंदरगाह से या यहां मौजूद किसी कंटेनर से नहीं हुआ है.
प्रभावित लोगों की हालत कैसी है?

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जिन्ना अस्पताल की निदेशक डॉक्टर सिमी जमाली का कहना है कि उनके पास पैंतीस मरीज़ लाए गए हैं जिन से सिर्फ़ एक हालत गंभीर है जो वेंटीलेटर पर है.
गैस से प्रभावित सभी लोग सांस लेने में दिक्कत की शिकायत कर रहे थे.
डॉ. सिमी के मुताबिक प्रभावित लोगों के एक्सरे भी कराए गए लेकिन कुछ नज़र नहीं आया.
उन्होंने ये भी बताया कि मरीज़ों ने गैस की किसी तरह की बदबू की शिकायत नहीं की है.
वहीं सिंध के मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि प्रभावित लोगों के ब्रेन टेस्ट भी किए जा रहे हैं जिनका विश्लेषण कराची यूनिवर्सिटी में किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सभी जांच रिपोर्टें आ जाने के बाद ही ये फ़ैसला लिया जाएगा कि इलाक़े को खाली कराना है या नहीं.
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