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चीन के कई शहरों में फैला रहस्यमय वायरस, पीड़ितों की संख्या भी बढ़ी
चीन के अधिकारियों का कहना है कि रहस्यमय वायरस के 139 नए मामले सामने आए हैं. इन सभी मामलों का पता दो दिन के अंदर चला है.
कोरोनावायरस के ये नए मामले चीन के वुहान शहर, बीजिंग और शेनज़ेन में पाए गए हैं. इसी के साथ चीन में इस इस वायरस से प्रभावित हुए लोगों की संख्या 200 के पार हो चुकी है.
अब तक सांस लेने से संबंधित बीमारियों के कारण तीन लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है.
ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने बीबीसी को बताया था कि चीन के अधिकारी जो आंकड़े बता रहे हैं, असल में प्रभावित लोगों की संख्या उससे कहीं अधिक हो सकती है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस वायरस का प्रकोप इसलिए और अधिक बढ़ता दिख रहा है क्योंकि बड़े स्तर पर इसकी जांच की जा रही है.
यह नया कोरोनावायरस दिसंबर महीने में सबसे पहले पकड़ में आया था. लेकिन अब यह चीन की सीमा को पार करके दूसरे देशों में भी पहुंच चुका है.
ताज़ा मामलों की बात करें तो थाईलैंड में दो और जापान में एक मामला सामने आया है.
कैसा है यह वायरस
मरीज़ों से लिए गए इस वायरस के सैंपल की जांच प्रयोगशाला में की गई है. इसके बाद चीन के अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यह एक कोरोनावायरस है.
कोरोनावायरस कई क़िस्म के होते हैं मगर इनमें से छह को ही लोगों को संक्रमित करने के लिए जाना जाता था. मगर नए वायरस का पता लगने के बाद यह संख्या बढ़कर सात हो जाएगी.
नए वायरस के जेनेटिक कोड के विश्लेषण से यह पता चलता है कि यह मानवों को संक्रमित करने की क्षमता रखने वाले अन्य कोरोनवायरस की तुलना में 'सार्स' के अधिक निकटवर्ती है.
सार्स नाम के कोरोनावायरस को काफ़ी ख़तरनाक माना जाता है. सार्स के कारण चीन में साल 2002 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें से 774 लोगों की मौत हो गई थी.
क्या कुछ नया है इस मामले में ?
चीन के वुहान शहर के अधिकारियों का कहना है कि सप्ताहांत में 136 नए मामलों की पुष्टि की गई है. वहीं वायरस के संक्रमण से एक अन्य शख़्स की भी मौत की पुष्टि की गई है. इसके साथ ही मरने वालों की संख्या तीन हो गई है.
रविवार देर शाम को अधिकारियों ने बताया किया कि वुहान शहर में 170 लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से नौ लोगों के बारे में कहा गया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
वहीं शेनज़ेन में अधिकारियों ने सूचना दी है कि एक 66 वर्षीय आदमी में इस वायरस के लक्षण पाए गए हैं. इसके पीछे कारण माना जा रहा है कि यह शख़्स कुछ दिन पहले ही अपने रिश्तेदारों से मिलने वुहान शहर गया हुआ था.
चीन के नेशनल हेल्थ कमिशन ने इससे पहले कहा था कि इस वायरस को अभी भी कंट्रोल किया जा सकता है.
कितना गंभीर है ये?
कोरोनावायरस के कारण अमूमन संक्रमित लोगों में सर्दी-जुक़ाम के लक्षण नज़र आते हैं लेकिन असर गंभीर हो तो मौत भी हो सकती है.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग के प्रोफ़ेसर मार्क वूलहाउस का कहना है, "जब हमने ये नया कोरोनावायरस देखा तो हमने जानने की कोशिश की कि इसका असर इतना ख़तरनाक क्यों है. यह आम सर्दी जैसे लक्षण दिखाने वाला नहीं है, जो कि चिंता की बात है."
कहां से आया ये वायरस?
यह बिल्कुल नई क़िस्म का वायरस है.
ये एक जीवों की एक प्रजाति से दूसरे प्रजाति में जाते हैं और फिर इंसानों को संक्रमित कर लेते हैं. इस दौरान इनका बिल्कुल पता नहीं चलता.
नॉटिंगम यूनिवर्सिटी के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफ़ेसर जोनाथन बॉल के मुताबिक़, "यह बिल्कुल ही नई तरह का कोरोनावायरस है. बहुत हद तक संभव है कि पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा हो."
सार्स का वायरस बिल्ली जाति के एक जीव से इंसानों तक पहुंचा था.
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