डोनल्ड ट्रंप पर महाभियोग का मुक़दमा आज से, ये है उनके वकीलों की टीम

ट्रंप के वकीलों की टीम

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इमेज कैप्शन, ये वकील करेंगे ट्रंप का बचाव

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ भारतीय समयानुसार मंगलवार रात क़रीब ग्यारह बजे महाभियोग की कार्यवाही शुरू होने जा रही है. अमरीका के इतिहास में यह तीसरा मौक़ा है जब देश के राष्ट्रपति के खिलाफ़ महाभियोग चलाया जा रहा है.

महाभियोग के मुक़दमे में डोनल्ड ट्रंप का बचाव करने के लिए वकीलों की एक बड़ी टीम काम करेगी. जो टीम सीनेट में ट्रंप का बचाव करेगी, उसमें वो वकील भी होंगे जो पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के महाभियोग मुक़दमे में शामिल थे.

सीनेट में राष्ट्रपति ट्रंप का प्रतिनिधित्व करने वालों में केन स्टार और रॉबर्ट रे होंगे. ये वही वकील हैं, जिन्होंने बिल क्लिंटन के महाभियोग मामले में जांच की थी.

इसके अलावा ट्रंप के बचाव पक्ष में ऐलेन डर्शोविट्स जैसे चर्चित वकील भी हैं. ऐलेन डर्शोविट्स पूर्व अमरीकी फ़ुटबॉलर और एक्टर ओजे सिंपसन का केस लड़ चुके हैं.

व्हाइट हाउस के वकील पैट सिपलोनी और ट्रंप के निजी वकील जे सीकूलो बचाव पक्ष के वकीलों की टीम का नेतृत्व करेंगे.

मोनिका लेविंस्की

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क्लिंटन-लेविंस्की अफ़ेयर की जांच करने वाले वकील

केन स्टार वो वकील हैं, जिन्होंने 1980 के मध्य में बिल क्लिंटन और व्हाइट हाउस की इंटर्न मोनिका लेविंस्की के लव अफ़ेयर मामले की जांच की थी.

उस समय स्टार अमरीकी न्याय मंत्रालय में स्वतंत्र अधिवक्ता के तौर पर काम करते थे. उस जांच में तत्कालीन राष्ट्रपति क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की के अफ़ेयर की बात सही साबित हुई थी.

1998 में बिल क्लिंटन को 'हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में महाभियोग का सामना करना पड़ा था, लेकिन सीनेट में ऐसा नहीं हो सका. यानी क्लिंटन को पद नहीं छोड़ना पड़ा.

केन स्टार के बाद रॉबर्ट रे ने न्याय मंत्रालय में स्वतंत्र अधिवक्ता की जगह ली. डोनल्ड ट्रंप की टीम का ऐलान होने के बाद मोनिका लेविंस्की ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "ये बिल्कुल वैसा ही है, क्या मज़ाक चल रहा है!''

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डोनल्ड ट्रंप

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ऐलेन डर्शोविट्स कौन हैं?

ऐलेन डर्शोविट्स हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में क़ानून के रिटायर प्रोफ़ेसर हैं. वो अमरीकी संविधान विशेषज्ञ हैं. अमरीका के एक से बढ़कर एक चर्चित लोग डर्शोविट्स के मुवक्किल रह चुके हैं.

उन्होंने अमरीका में बीबीसी के सहयोगी सीबीएस न्यूज़ को बताया कि उन्होंने महाभियोग मामले को लेकर बुधवार को ट्रंप से बातचीत की थी.

डर्शोविट्स ने बताया, "मैं एक स्वतंत्र अधिवक्ता और संविधान विशेषज्ञ के तौर पर यह मामला देखने को राज़ी हुआ हूं.''

उन्होंने कहा कि वो इस महाभियोग मुक़दमे के संभावित नतीजे को लेकर 'बेहद फ़िक्रमंद' हैं.

डर्शोविट्स ने कहा, "इससे राष्ट्रपति पद की ताक़त कमज़ोर हो सकती है. महाभियोग को राजनीतिक हथियार और पक्षपातपूर्ण रणनीति बनाया जा सकता है.''

डर्शोविट्स ने एक बयान में यह भी कहा कि उन्होंने बिल क्लिंटन के महाभियोग का विरोध किया था और 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन के लिए वोट किया था.

राष्ट्रपति ट्रंप इससे पहले भी डर्शोविट्स की मदद ले चुके हैं. ट्रंप ने 2017-19 में अमरीकी चुनाव में रूसी दख़लअंदाज़ी की विशेष जांच के लिए उनकी सलाह ली थी.

डोनल्ड ट्रंप

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ट्रंप की टीम में और कौन है?

ऐलेन डर्शोविट्स और केन स्टार दोनों ही जेफ़री एप्स्टाइन का केस भी लड़ चुके हैं. एप्सटाइन एक अमरीकी फ़ाइनैंसर हैं, जिन्हें यौन उत्पीड़न मामले में दोषी क़रार दिया गया था.

अमरीकी समाचार वेबसाइट अक्सियस की रिपोर्ट के अनुसार वाइट हाउस के कुछ अधिकारी नहीं चाहते थे कि डर्शोविट्स ट्रंप के वकीलों की टीम में शामिल हैं. इसकी वजह उनका यौन उत्पीड़न के दोषी जेफ़री एप्स्टाइन का केस लड़ना बताया जा रहा है.

मिली जानकारी के मुताबिक़ फ़्लोरिडा की पूर्व अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी भी टीम में शामिल हो रही हैं.

बॉन्डी लंबे वक़्त से राष्ट्रपति ट्रंप की सहयोगी रही हैं और पिछले साल नवंबर में वो वाइट हाउस की 'कम्युनिकेशन्स टीम' में शामिल हुई थीं.

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महाभियोग क्या है?

जब किसी राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप लगते हैं तो उस पर महाभियोग लगाया जाता है. महाभियोग के बाद राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ता है. अमरीकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को देशद्रोह, रिश्वत और दूसरे संगीन अपराधों में महाभियोग का सामना करना पड़ता है.

अमरीका में महाभियोग की प्रक्रिया हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से शुरू होती है और इसे पास करने के लिए साधारण बहुमत की ज़रूरत पड़ती है. इस पर एक सुनवाई सीनेट में होती है लेकिन यहां महाभियोग को मंजूरी देने के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत पड़ती है. अमरीकी इतिहास में इस मील के पत्थर तक अभी तक पहुंचा नहीं जा सका है.

ट्रंप पर क्यों चल रहा है महाभियोग मामला?

राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने 2020 में राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनज़र विपक्षी डेमोक्रैटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो बाइडन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की जांच के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमिर ज़ेलेंस्की पर दबाव डाला था.

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों का आरोप है कि ट्रंप ने अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए यूक्रेन को दी जाने वाली 31.9 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद रोक दी थी.

उन पर सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में बाधा डालने का आरोप है और इसीलिए उन पर महाभियोग की कार्रवाई हो रही है. यूक्रेन इस मामले में एक अलग जांच भी कर रहा है.

ट्रंप शुरू से ही इन आरोपों से इनकार करते आए हैं. वो आरोपों को महज 'अफ़वाह' बताते आए हैं.

विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि डोनल्ड ट्रंप के महाभियोग का सांकेतिक महत्व होगा. वहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश है.

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