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ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पाकिस्तान में तोड़-फोड़, भारत नाराज़
भारत सरकार ने पाकिस्तान में सिख धर्म के पवित्र स्थल गुरुद्वारा ननकाना साहिब में तोड़-फोड़ की घटना की कड़े शब्दों में निन्दा की है और पाकिस्तान सरकार से सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए तत्काल क़दम उठाने की माँग की है.
शुक्रवार की शाम को ऐसी ख़बरें आईं कि पाकिस्तान में गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर पथराव किया गया. रिपोर्ट्स के अनुसार ग़ुस्साई भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब को घेर लिया था.
समाचार एजेंसियों के अनुसार इस भीड़ की अगुआई एक लड़के का परिवार कर रहा था जिसने कथित तौर पर गुरुद्वारे के एक कर्मचारी की बेटी को अग़वा कर लिया था.
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर एक बयान जारी कर लिखा है, "हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वो तुरंत ही सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए क़दम उठाए. भारत गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हुए हमले की निंदा करता है."
आख़िर ननकाना साहिब में क्या हुआ?
पाकिस्तान के पंजाब के शहर ननकाना साहिब में शुक्रवार को मामूली झगड़े के बाद उग्र भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब के बाहर तक़रीबन चार घंटे तक प्रदर्शन किया.
ये प्रदर्शन उस वक़्त शुरू हुआ जब दूध-दही की एक दुकान पर हुए झगड़े ने तूल पकड़ा और उस इलाक़े में एक पुरानी घटना को साथ मिलाकर धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई.
ग़ौरतलब है कि बीते साल अगस्त में ननकाना साहिब के एक सिख परिवार ने छह लोगों पर उनकी 19 साल की लड़की जगजीत कौर को अग़वा करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एक मुसलमान लड़के से शादी करवाने का आरोप लगाया था.
हालांकि, बाद में पुलिस ने बताया था कि लड़की ने लाहौर की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने दफ़ा 164 के तहत बयान दर्ज करवाया था कि 'उसने बिना किसी दबाव के, अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ इस्लाम क़बूल करने के बाद मुहम्मद एहसान नाम के लड़के से शादी की है.'
पंजाबी सिख संगत के चेयरमैन गोपाल सिंह चावला उस समय गुरुद्वारे में मौजूद थे उन्होंने बीबीसी उर्दू के आज़म ख़ान को बताया कि कम उम्र के लोगों की एक उग्र भीड़ ने गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाया.
गोपाल सिंह के मुताबिक़, उस वक़्त गुरुद्वारे के अंदर तक़रीबन 20 लोग मौजूद थे जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे.
वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज़ शाह जो ख़ुद इस इलाक़े से आते हैं उन्होंने बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक से कहा कि एक व्यक्तिगत झगड़े को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा की वीडियो में जो शख़्स नारे लगवाते दिखाई दे रहे हैं वो धार्मिक रुझान रखते हैं. उनके मुताबिक़, मुट्ठीभर लोग प्रदर्शन कर रहे थे जबकि वहां बड़ी संख्या में तमाशबीन थे. उनका कहना था कि अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
जबकि गोपाल चावला ने बताया कि ज़िला ननकाना साहिब की पुलिस ने उनमें से दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया जिसके बाद कथित तौर पर लड़की को अग़वा करने वाले मुहम्मद एहसान के परिवार ने पहले शहर के एक चौक पर प्रदर्शन किया और बाद में गुरुद्वारे का रुख़ किया.
बाद में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार लोगों को रिहा कर दिया जिसके बाद प्रदर्शनों का सिलसिला ख़त्म हो गया.
गोपाल सिंह का कहना है कि 'आज इस गुरुद्वारा ननकाना साहिब में गुरु गोबिंद सिंह के जन्मदिन के समारोहों की शुरुआत हो रही है.'
एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि पुलिस और प्रशासन ने सिख समुदाय की सुरक्षा को पुख़्ता करने के लिए पूरा काम किया है, इसे धार्मिक मसले के तौर पर पेश करना ठीक नहीं होगा.
उन्होंने बताया कि 'ये एक ख़ानदान का पुलिस गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन था. हालांकि, हमारी यह मांग है कि गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों पर धार्मिक अपमान का मुक़दमा दर्ज किया जाए.'
पाकिस्तान पंजाब सरकार ने क्या कहा
पाकिस्तानी पंजाब के सूचना मंत्री फ़ैयाज़ उल हसन चौहान ने बीबीसी को बताया कि कुछ देर पहले उनके इलाक़े के डीसी राजा मंसूर से बात हुई और उनके मुताबिक़ अब वहां हालात क़ाबू में हैं.
उन्होंने भी ये बताया कि ये मामला एक व्यक्तिगत झगड़े से शुरू हुआ. उन्होंने बताया कि 'मुहम्मद एहसान नाम के लड़के ने कथित तौर पर सिख लड़की को अग़वा किया था, उसके चाचा की दूध-दही की दुकान है जिस पर उसका भाई भी काम करता है. उस दुकान पर एक शख़्स की तरफ़ से दही में मक्खी की शिकायत की गई जिसके बाद झगड़ा हुआ और पुलिस सूचना कर दी गई जिसने मौक़े पर पहुंचकर चाचा और भतीजे को गिरफ़्तार कर लिया. जिसके बाद उन दोनों ने इसको धार्मिक रंग दिया है."
उनका कहना था कि 'अब लड़के के पिता ने प्रशासन से माफ़ी मांगी है.'
फ़ैयाज़ उल हसन चौहान के मुताबिक़, भारत और भारतीय मीडिया इस मामले को ग़लत रंग देकर नागरिकता संशोधन क़ानून और कश्मीर से ध्यान हटाना चाहता है.
भारत में क्या हुई प्रतिक्रिया
वहीं, भारत के पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से दख़ल की अपील की है.
अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर लिखा है- "मैं इमरान ख़ान से अपील करता हूँ कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें और वहाँ फँसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जाए. साथ ही ऐतिहासिक गुरुद्वारे को भी बचाया जाए."
दिल्ली से अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना का एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें एक भीड़ गुरुद्वारे के बाहर सिख विरोधी नारे लगा रही है.
उन्होंने ट्वीट में लिखा है, "मैं इमरान ख़ान से आग्रह करता हूँ कि वो ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं के बारे में तत्काल कार्रवाई करें जिनसे पाकिस्तान में रहने वाले सिखों के मन में असुरक्षा की भावना बनती है."
क्यों ख़ास है ननकाना साहिब?
ननकाना साहिब पाकिस्तान में स्थित है जो सिख धर्म की स्थापना करने वाले गुरु नानक का जन्मस्थल है
यह जगह लाहौर से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है.
हर साल दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब गुरुद्वारे में दर्शन करते आते हैं.
ख़ासतौर पर सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु श्री गोविंद सिंह की जयंती पर होने वाले प्रकाश-पर्व के मौक़े पर ननकाना साहिब में विशेष तौर पर श्रद्धालु जुटते हैं.
इस साल प्रकाश पर्व 2 जनवरी को मनाया गया जिसके लिए दूर-दूर से सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब आए थे.
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