सुलेमानी की हत्या के बाद इसराइल में क्या है माहौल

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अमरीकी कार्रवाई में ईरान के अल कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है.
एक ओर ईरान ने जहाँ बदले की धमकी दी है और जानकार मध्य पूर्व में और तनाव बढ़ने की आशंका जता रहे हैं, इसराइल में भी सेना अलर्ट पर है.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ग्रीस का अपना दौरा बीच में ही छोड़कर लौट रहे हैं. उन्होंने स्थिति की समीक्षा के लिए सैन्य जनरलों की बैठक बुलाई है.
टाइम्स ऑफ़ इसराइल के मुताबिक़ प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि नेतन्याहू को स्थिति के बारे में लगातार अपडेट किया जा रहा है.
मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुलेमानी के बारे में कोई इंटरव्यू न दें. इसराइल के चैनल 12 न्यूज़ के मुख्य राजनीतिक विशेषज्ञ डाना वीस ने कहा है कि इसराइल ने अपने मंत्रियों से इस मामले पर टिप्पणी न करने को कहा है क्योंकि वो इस मामले को जटिल नहीं बनाना चाहता.

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लेकिन इसराइल के एक विपक्षी नेता येर लापिड ने ट्विटर पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी.
इसराइली आर्मी रेडियो का कहना है कि देश की सेना अलर्ट पर है. आशंका ये जताई जा रही है कि ईरान हिज़्बुल्लाह और हमास के ज़रिए इसराइल के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है.
इसराइली न्यूज़ आउटलेट Ynet के कमेंटेटर रॉन बेन यिशाई ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है- वे बदला लेने के लिए सही मौक़े का इंतज़ार करेंगे. वे सीरिया और ग़ज़ा से इसराइल पर हमला कर सकते हैं.
फ़लस्तीनी गुट हमास ने सुलेमानी की हत्या की आलोचना की है और ईरान को अपनी तरफ़ से संवेदना संदेश भेजा है. हमास ने कहा है कि सुलेमानी ने उसे फ़लस्तीनी प्रतिरोध में मदद की.
सीरिया की सीमा से सटे माउंट हरमन स्की रिजॉर्ट को बंद कर दिया गया है. ये इलाक़ा पहले भी मिसाइल हमले के निशाने पर रहा है. ये जानकारी इसराइली सैन्य प्रवक्ता एविचय आद्रेई ने दी है.
इसराइल क़ासिम सुलेमानी को बड़ा ख़तरा मानता रहा है. पिछले साल अगस्त में इसराइली सेना ने दावा किया था कि उसने सीरिया से ड्रोन हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया था. इसराइल ने साज़िश के पीछे सुलेमानी का हाथ बताया था. अल कुद्स पर हिज़्बुल्लाह की मदद का भी आरोप लगा था.
टाइम्स ऑफ़ इसराइल ने स्थानीय मीडिया के हवाले से लिखा है कि विदेश मंत्रालय ने दुनियाभर में इसराइली दूतावास और मिशन की सुरक्षा बढ़ा दी है.
सुलेमानी और इसराइल

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सुलेमानी को लेकर इसराइल हमेशा से सशंकित रहा है. इसराइल का आरोप रहा है कि सुलेमानी ने हिज़्बुल्लाह के शिया लड़ाकों को प्रशिक्षण दिया है. पिछले साल अगस्त में इसराइल के ख़िलाफ़ ड्रोन हमले की कोशिश हुई थी. इसमें भी सुलेमानी पर लोगों को ट्रेनिंग देने के आरोप थे.
इसराइल के ख़िलाफ़ जंग को लेकर सुलेमानी हमेशा काफ़ी खुलकर बोलते थे. अगस्त में उन्होंने कहा था कि ये ईरान का इसराइल के साथ आख़िरी संघर्ष है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख हुसैन सलामी ने कहा था कि इसराइल को पूरी तरह ख़त्म करना अब सपना नहीं.
द येरुशेलम पोस्ट ने लिखा है कि इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने उस समय सुलेमानी और हिज्बुल्लाह के हसन नसरल्लाह को सावधान किया था.
वर्ष 1998 में सुलेमानी कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख बने थे. 1992 में ब्यूनस आयर्स में इसराइली दूतावास पर हमले के लिए हिज़्बुल्लाह को मदद देने का आरोप कुद्स फ़ोर्स पर ही था.
वर्ष 2006 में इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच हुए युद्ध में हिज़्बुल्लाह को ईरान की मदद के लिए सुलेमानी ही ज़िम्मेदार थे. वर्ष 2010 में न्यूयॉर्कर ने लिखा कि अमरीकी और इसराइली ठिकाने पर हमले के पीछे हिज़्बुल्लाह का हाथ था और मदद सुलेमानी की थी.
आने वाले कई वर्षों में इसराइल की विरोधी शक्तियों को एकजुट करने में सुलेमानी की मदद की बात इसराइल हमेशा से करता रहा है. फरवरी 2016 में सुलेमानी ने तेहरान में हमास के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की.
क़ुवैती अख़बार अल जरीदा ने दावा किया कि जनवरी 2018 में अमरीका ने कथित तौर पर सुलेमानी की हत्या के लिए इसराइल को हरी झंडी दी थी. अल जरीदा के मुताबिक़ इससे तीन साल पहले भी इसराइल ने सुलेमानी पर कार्रवाई का मन बनाया था, लेकिन उस समय अमरीका ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दे दी थी.
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