लंदन: यह ड्राइवर 39 शव आख़िर कहां से लाया?

ब्रिटेन के एसेक्स में एक गाड़ी में मिले 39 शवों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है.

पुलिस ने पहले कहा था कि हो सकता है यह ट्रक बुल्गारिया से आया सकता है लेकिन बाद में बताया कि ये बेल्जियम से यूके आया था. ट्रक टेम्स नदी के पास परफ्लीट पहुंचा था.

ग्रेज़ के वाटरग्लेड इंडस्ट्रियल पार्क के पास ऐंबुलेंस स्टाफ़ ने गाड़ी में शव बरामद किए. मरने वालों में 38 वयस्क हैं जबकि एक की उम्र 20 साल से कम है.

इस सिलसिले में गाड़ी के ड्राइवर 25 साल के मो रॉबिनसन को गिरफ्तार किया गया है. रॉबिनसन उत्तरी आयरलैंड के आर्मगा काउंटी के पौर्टाडाउन से हैं. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

एसेक्स पुलिस की आला आधिकारी पिप्पा मिल्स ने कहा है कि पुलिस गाड़ी को एक सुरक्षित स्थान पर ले गई है. उनका कहना है कि सभी शवों को पूरे सम्मान के साथ गाड़ी से निकाला जाएगा."

उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान करना उनकी "सबसे बड़ी प्राथमिकता" है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि "ये लंबी प्रक्रिया" होगी.

इस बीच उत्तरी आयरलैंड के पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से जुड़े दो ठिकानों- आर्मगा काउंटी के मार्केटहिल और नज़दीक मौजूद लॉरेलवेल में छापेमारी की है

पुलिस का कहना है कि कंटेनर खींचने वाली इस गाड़ी का पहला हिस्सा उत्तरी आयरलैंड से आया था और परफ्लीट से कंटेनर गाड़ी पर लादा गया था.

इसके बाद ये गाड़ी कंटेरनर के साथ यहां से आगे बढ़ गई थी. इसके क़रीब आधे घंटे बाद ही ऐंबुलेंस स्टाफ़ ने गाड़ी के कंटेनर में 39 शव बरामद किए.

पुलिस ने गुज़ारिश की है कि अगर किसी के पास इस गाड़ी ये जुड़ी कोई जानकारी हो तो वो पुलिस से संपर्क कर सकते हैं.

नेशनल क्राइम एजेंसी ने कहा है कि उन्होंने मृतकों की पहचान में मदद के लिए अपने अधिकारियों को भेजा है जो "इस घटना से संबंधित आयोजित अपराधी गुटों की पहचान और उनकी भूमिका पता लगाने में मदद करेंगे."

बुल्गारिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ये गाड़ी बुल्गारिया में आरलैंड मूल के एक व्यक्ति की कंपनी के नाम से पंजीकृत है.

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मृतकों में "बुल्गारिया का कोई न हो".

मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता एड थोमस

ग्रेज़ में मौजूद बीबीसी संवाददाता एड थोमस ने कहा है कि जब इस गाड़ी को इंडस्ट्रियल पार्क से बाहर ले जाया जा रहा था उस वक़्त सभी पुलिस ने एक मिनट के लिए सम्मान में अपने सिर झुका लिए थे. इस गाड़ी के कंटेनर में 39 लोगों के शव थे.

वहां मौजूद कई आला अधिकारी इस घटना से चिंतित दिख रहे थे.

उनका कहना था कि उनकी पहली प्रथमिकता सभी मृतकों को सम्मान देना और उनकी पहचान सुनिश्चित कर उनके परिचितों को उनकी मौत की ख़बर देना है.

ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि ये दिल दहलाने वाली घटना है.

बुधवार को संसद में किए गए सवालों के उत्तर में उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में जानकारी रख रहा हूं. मैं गृह मंत्रालय और एसेक्स पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हूं और हम ये पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि आख़िर हुआ क्या था."

इधर कंज़र्वेटिव काउंसिलर जेम्स हेडन ने लोगों से अपील की है कि क्या हुआ इसके बारे में वो कहानियां बनाने से बचें.

बीबीसी संवाददाता मार्क इस्टन का विश्लेषण -

तीन साल पहले फ्रांस के नज़दीक काले शरणार्थी शिविर को बंद कर दिया गया था जिसके बाद डोवर और चैनल टनल के आसपास सीमासुरक्षा बढ़ाई गई थी. इस इलाक़े में काम करने वाले मानव तस्करों ने दूसरे रास्ते तलाशने शुरू कर दिए थे.

जब नेशनल क्राइम एजेंसी से पूछा गया कि कितने बंदरगाहों को मानव तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो उन्होंने कहा, "सभी बंदरगाह."

मानव तस्करी के लिए अब अधिक ख़तरनाक तरीकों को अपनाया जा रहा है. इसमें से एक है गाड़ी के पीछे छिपा कर लोगों को सीमा पार कराना. इस काम में ख़ास कर शिपिंग कंटेनर और कभी-कभी वातानूकूलित कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाता है. एसेक्स में जिस कंटेनर में शव मिले हैं वो एक वातानूकूलित कंटेनर है.

इसमें उन लोगों के लिए ख़तरा है जो दूसरे देशों में जाने के लिए दस हज़ार पाउंड या फिर उससे अधिक तक देने के लिए तैयार हैं.

अब तक रास्ते में कितने प्रवासियों का मौत हुई है

संयुक्त राष्ट्र 2014 से रास्ते में यानी दूसरे देशों की तरफ़ जा रहे प्रवासियों की मौतों का आंकड़ा एकत्र करता है. उस वक़्त से यूके में पाँच संदिग्ध प्रवासियों के शव मिले हैं.

  • 2014 में एसेक्स में एक शिपिंग कंटेनर में एक अफ़ग़ान प्रवासी का शव मिला था. गाड़ी में मौजूद बाकी 34 लोग सुरक्षित थे.
  • 2015 में स्टैफॉर्डशायर में एक गोदाम में लकड़ी के बने एक बड़े बक्से में दो प्रवासियों के शव मिले थे. ये बक्सा इटली से यहां पहुंचा था.
  • 2016 में ऑक्सफौर्डशायर के बनब्यूरी में एक गाड़ी के नीचे छिप कर जाने की कोशिश में एक 18 साल के प्रवासी की मौत हो गई थी.
  • 2016 में ही केंट में एक गाड़ी में एक व्यक्ति का शव मिला था. ये गाड़ी फ्रांस से यहां आई थी.

2014 से पहले प्रवासियों की मौतों से जुड़े आँकड़ों को बड़े पैमाने पर एकत्र नहीं किया गया था, लेकिन इस तरह की मौतें पहले भी हुई हैं.

साल 2010 में डोवर में एक ट्रक में 58 चीनी प्रवासियों के शव मिले थे. उनकी मौत दम घुटने से हुई थी.

2015 में ऑस्ट्रिया की एक सड़क पर खड़ी गाड़ी में 71 लोगों के शव मिले थे. पुलिस का शक़ था कि ये गाड़ी बुल्गरिया और हंगरी के बीच हो रही मानव तस्करी का हिस्सा थी.

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