सऊदी अरब में आख़िर देखने लायक है क्या

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- Author, फ़्रैंक गार्डनर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
सऊदी अरब ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विदेशी पर्यटकों को वीज़ा नियम में कई तरह की छूट देने की घोषणा की है.
इन घोषणाओं को लेकर कहा जा रहा है कि सऊदी में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है. सऊदी अरब में कई तरह की पाबंदियां रहती हैं लेकिन अब वहां के शासक इसमें ढील देने की राह पर बढ़ रहे हैं.
लेकिन सऊदी अरब में पाबंदियां कम होने से क्या पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा? आख़िर सऊदी अरब में पर्यटन के लिए है क्या?
सऊदी अरब दक्षिण-पूर्वी एशिया की तरह लोकप्रिय पर्यटन स्थल नहीं है. साल में आठ महीने यहां प्रचंड गर्मी पड़ती है. राजनीतिक आज़ादी नहीं है. यहां अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है. शराब पीने की अनुमति नहीं है और सेक्स को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां हैं. मध्य-पूर्व के बाक़ी के कई देशों की तरह सऊदी अरब की भी मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए आलोचना होती है.
पहली बात तो यह कि सऊदी अरब के प्राकृतिक दृश्य के बारे में आप जैसी कल्पना करते हैं उससे बिल्कुल अलग है. यह बात बिल्कुल सही है कि सऊदी में बड़ा रेगिस्तान है लेकिन यहां तेज़ हवा भी चलती है.
जूनिपर के पेड़ यहां ख़ूब हैं. असिर के दक्षिणी-पश्चिमी इलाक़े में हज़ारों फिट ऊंचे पहाड़ हैं. लालसागर के ऊपर नीला आकाश और खजूर के बाग़ हैं. घुमावदार सड़कें और जेद्दाह में मसालों के बाज़ार.
मैं भाग्यशाली हूं कि 1980 के दशक के आख़िर में सऊदी में ख़ूब घूमा. सऊदी के लोग अक्सर कहते थे कि उनके देश में जितना कुछ है उससे ज़्यादा मैंने देखा है. अब मैं इस हालत में हूं कि सऊदी में अपने पसंदीदा जगहों के बारे में आपको बताऊं.

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जेद्दाह
यह शहर काफ़ी गर्म है. 1982 तक लालसागर ट्रेड पोर्ट वाला यह शहर सऊदी की राजधानी था. बाद में सऊदी की राजधानी रियाद चली गई. जेद्दाह काफ़ी मोहक है लेकिन मायावी भी. सांस्कृतिक रूप से काफ़ी संपन्न है. यहां लालसागर की सभी नस्लों के प्रतीक मौजूद हैं. यहां सालों भर गर्मी रहती है.
यहां के कैफ़े खुले में हैं जहां मिस्र के लोग हुक्का पीते हुए मिल जाएंगे. ये स्ट्रीट लाइट के नीचे बोर्ड गेम भी ख़ूब खेलते हैं. यमन के दर्जी देर रात काम में मशगूल मिलेंगे तो सोमाली और जिबूतियाई महिलाएं सड़क पर मसाले की दुकान लगाती हैं.
यहां पुराने इलाक़ों की गलियां काफ़ी घुमावदार हैं. बलाद यहां का सबसे पुराना इलाक़ा है. आप अगर यहां इथोपियाई भाषा अरबी और हिन्दी के साथ सुनते हैं तो कोई हैरानी की बात नहीं है. हर साल हज के लिए दुनिया भर के 20 लाख से ज़्यादा मुसलमानों के लिए जेद्दाह मक्का और मदीना का गेटवे है. यहां के समुद्र तटों पर बने रिजॉर्ट और स्कूबा डाइविंग भी आकर्षण के केंद्र हैं.

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असिर के पहाड़
यहां एक दशक से ज़्यादा वक़्त से जो प्रवासी रह रहे हैं वो कभी सऊदी के दक्षिणी-पश्चिमी इलाक़े में नहीं गए. यह इलाक़ा यमन के पास है.
यह इलाक़ा काफ़ी हरा-भरा हो सकता है. मैंने यहां जूनिपर के जंगल देखे हैं लेकिन अचानक भारी ओलावृष्टि से ख़त्म हो गया था. यहां के पहाड़ एक अनुमान के मुताबिक़ पाँच लाख लंगूरों के घर हैं. इसके साथ ही हॉर्नबिल (पक्षि), चील के अलावा नीले गिरगिट भी हैं. यहां काले पत्थर की मीनारें हैं. ये एक सदी पहले क़बाइली संघर्षों की विरासत हैं.
हाल के वर्षों में इन्हें घरेलू पर्यटन के लिए खोला गया है. यहां की ऊंचाइयों पर केबल कार के ज़रिए लोग जा रहे हैं. इस ऊंचाई से लाल सागर को देखना अपने-आप में रोमांचकारी है.

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मरहीन सेलह
सऊदी के उत्तर-पश्चिम का इलाक़ा ऐतिहासिक रूप से काफ़ी अहम है. यह प्राचीन अरब का इलाक़ा है. यहां इस्लाम से पहले की स्थापत्य कलाएं हैं. यहां अरब की प्राचीन सभ्यता के गवाह कई क़िले हैं.
यह संरक्षित इलाक़ा है. यहां के रेगिस्तान भी ख़ूबसूरत हैं. इस इलाक़े को हिजाज़ के नाम से जाना जाता है. यहां टीई लॉरेंस की 1917 के अरब विद्रोह में तुर्की के सेना से जंग हुई थी. ओल्ड हिजाज़ में रेलवे अवशेष अब भी हैं.
सालों तक सऊदी की सरकार मरहीन सेलह को लेकर ख़ामोश रही. इस्लामिक कट्टरवादी वैसी सभ्यताओं के प्रोत्साहन को लेकर ख़िलाफ़ रहे हैं जो इस्लाम से पहले अस्तित्व में थीं औऱ काफ़ी संपन्न रही थीं.

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अल-होफ़ुफ़
यह इलाक़ा खजूर के पेड़ों से घिरा है. पूर्वी सऊदी का यह बड़ा इलाक़ा है. हालांकि यहां आकर्षण का केंद्र अल-क़राह पहाड़ की डरावनी गुफाएं हैं. इसे 2018 में यूनेस्को ने विश्व विरासत में स्थान दिया था.
ये गुफाएं पानी और हवा के कटाव से नक़्क़ाशीदार बन गई हैं. इन गुफाओं तक पहुंचने के लिए आपको चढ़ाई करनी पड़ती है लेकिन यहां आने के बाद लगता है कि मेहनत बेकार नहीं गई. बाहर की तपती गर्मी से इन गुफाओं में राहत मिलती है.

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सऊदी में जहां सतर्क रहना है
सऊदी के ज़्यादातर इलाक़ों में विदेशी पर्यटकों का स्वागत है लेकिन हाल में दी गई छूट को लेकर अतिउत्साह से बचने की ज़रूरत है. यहां दो तरह की सभ्यताएं हैं और दोनों बिल्कुल अलग-अलग हैं.
पहली पश्चिम की उदार सभ्यता और दूसरी रूढ़िवादी सऊदी. यहां हमेशा ग़लतफ़हमी या कोई अपराध की आशंका बनी रहती है.
सार्वजविक स्थानों पर खड़ी महिलाओं की तस्वीर भूलकर भी न खींचें. सऊदी के पति अपनी पत्नियों को लेकर काफ़ी हिफ़ाज़ती प्रवृत्ति के होते हैं. रियाद, जेद्दाह और पूर्वी प्रांत के बाहरी इलाक़ों के स्थानीय लोग पश्चिम के लोगों के संपर्क में कभी नहीं आए हैं. अगर आप कैमरा और फ़ोन निकालते हैं तो ये आपके लिए संदिग्ध साबित हो सकते हैं. इसलिए आप हमेशा सावधान रहें और हमेशा इजाज़त मांगें.

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सऊदी कैसे जाएं
49 देशों के नागरिकों को सऊदी ऑनलाइन वीज़ा देता है. महिलाओं के लिए 'मर्यादित' कपड़े ही चलेंगे. अब अविवाहित जोड़े सऊदी के होटल में रह सकते हैं. लंबे समय तक सऊदी के होटल में अविवाहित जोड़ों को साथ रहने की अनुमति नहीं थी.
यह कोई पहली बार नहीं है जब सऊदी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा क़दम उठाया है. साल 2000 में भी रॉक-क्लाइबिंग और पैराग्लाइडिंग के लिए फ़्रांस के इंस्ट्रक्टर नियुक्त किए गए थे. अल-क़ायदा को लेकर सऊदी में उठापटक की स्थिति रही है लेकिन यहां अपराध और हिंसा न के बराबर है.
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