ईरान पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है: नैटो

नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नैटो) ने इस बात पर चिंता जताई है कि सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हमले के बाद तनाव बढ़ता जा रहा है.

नैटो महासचिव जेंन्स स्टोल्टेनबर्ग का कहना है, "ईरान पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है. हम सभी पक्षों से कह रहे हैं कि इस तरह के हमलों को दोबारा होने से रोकें."

इससे पहले अमरीका ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी करके ईरान पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया जिसे ईरान ने खारिज कर दिया.

व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो ईरान के साथ युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर ये भी कहा कि अमरीका किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है.

दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने तुर्की की राजधानी अंकारा में रूस और तुर्की के नेताओं से मुलाक़ात की है.

हसन रूहानी ने कहा है कि सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर यमन के लोगों ने आत्मरक्षा के तहत ड्रोन हमला किया है.

उन्होंने कहा, "यमन के लोग आत्मरक्षा के लिए अपने वैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. हमले दोनों तरफ से हुए हैं और समाधान ये है कि इन हमलों को रोका जाए. यमन के संकट का समाधान भी राजनीतिक होना चाहिए. हमारा यही मानना है."

यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को हुए ड्रोन हमलों की ज़िम्मेदारी ली थी. इन हमलों से पहले सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन में हूती विद्रोहियों पर बमबारी होती रही है.

हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ने कहा था ड्रोन हमलों से उसी बमबारी का बदला लिया गया है.

अमरीका ज़ोर देकर कह रहा है कि हमले में ईरान की भी भूमिका है और हूती विद्रोहियों की तकनीक, ईरान से मेल खाती है.

अमरीका ने कई सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की हैं और कहा है कि उन्हें मिली ख़ुफ़िया जानकारी के अनुसार शनिवार को हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ है.

ईरान इससे इंकार करता है. सऊदी तेल ठिकानों पर शनिवार को हुए ड्रोन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं.

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