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दक्षिण कोरिया ने रूसी विमानों पर 'दागी गोलियां'
दक्षिण कोरिया का कहना है कि रूस का एक निगरानी विमान मंगलवार को उनके हवाई क्षेत्र में घुस आया था. चेतावनी के लिए उसके जेट विमानों ने गोलियां चलाई हैं.
अधिकारियों का कहना है कि रूसी विमान ने दो बार डोकडो और ताकेशिमा द्वीप पर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया, जिस पर दक्षिण कोरिया का क़ब्ज़ा है और जापान इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है.
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने जवाबी कार्रवाई में अपने जेट विमान उड़ाए और मशीन गन से 360 राउंड फायरिंग की.
वहीं, रूस ने हवाई क्षेत्र का किसी भी तरह से उल्लंघन करने से इनकार किया है.
रूस का कहना है कि उसने 'तटस्थ क्षेत्र' में मॉक ड्रिल किया था, जो पहले से तय था और उसने दक्षिण कोरिया की तरफ से की गई फायरिंग के दावे को ख़ारिज किया है.
यह रूस और दक्षिण कोरिया के बीच अपनी तरह की पहली घटना है.
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क्या हुआ था?
दक्षिण कोरिया की सेना का कहना है कि रूस के तीन और चीन के दो सैन्य विमान मंगलवार की सुबह कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में घुसे गए थे.
इन विमानों में रूस के दो TU-95 बमवर्षक विमान, एक निगरानी रखने वाला A-50 विमान और चीन के दो H-6 बमवर्षक विमान शामिल थे.
हाल के वर्षों में रूस और चीन के बमवर्षक और निगरानी रखने वाले विमान इस क्षेत्र में कभी-कभार ही प्रवेश किए हैं.
KADIZ में प्रवेश करने से पहले दूसरे देश के विमानों को अपनी पहचान करवानी होती है.
दक्षिण कोरिया का कहना है कि रूसी विमानों में से एक A-50 ने KADIZ से आगे उड़ान भरी और स्थानीय समयानुसार करीब 9 बजे देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया.
इसे रोकने के लिए दक्षिण कोरिया ने अपने F-15 और F-16 विमानों को तैनात किया था.
सेना का कहना है कि कथित पहले उल्लंघन के दौरान इसने चेतावनी के लिए दस बार रोशनी के संकेत और मशीनगन से 80 राउंड फ़ायरिंग हुई.
इसके बाद दक्षिण कोरिया की तरफ से दस और चेतावनी वाली रोशनी के संकेत और 280 राउंड मशीनगन से फायरिंग की गई, तो रूसी विमान दोबारा चक्कर लगाए बिना लौट गए.
रूस ने अपने बायन में दो बमवर्षक विमानों का उल्लेख किया है और उन आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है कि इसने A-50 विमान भेजे थे.
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किसने क्या कहा?
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख चूंग ई-योन्ग ने रूस के सुरक्षा परिषद से इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और परिषद से उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है.
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के कार्यालय ने चूंग ई-योन्ग के हवाले से कहा, "हम इस स्थिति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और अगर इसे दोहराया जाता है तो हम और भी कड़ी कार्रावाई करेंगे."
वहीं, जापान ने दक्षिण कोरिया और रूस के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है.
मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहिदे सुगा ने कहा, "ताकेशिमा की संप्रभुता को लेकर जापान के रुख़ के मद्देनज़र दक्षिण कोरिया के सैन्य विमान ने जो चेतावनी भरी कार्रवाई की है, वो पूरी तरह से अस्वीकार्य और अत्यंत खेदजनक है."
वहीं इस मामले पर चीन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है.
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