ये समलैंगिक खिलाड़ी व्हाइट हाउस क्यों नहीं जाना चाहतीं

महिला फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में अमरीका की टीम ने नीदरलैंड को 2-0 से हराकर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की.

इस जीत के साथ अमरीका ने महिला फुटबॉल विश्व कप में अपनी चौथी जीत हासिल की है. अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ट ट्रंप ने ट्वीट कर टीम को जीत की बधाई दी.

ट्रंप ने लिखा, "अमरीकी महिला फुटबॉल टीम को वर्ल्ड कप में जीत की बधाई. बहुत अच्छा खेल रहा, अमरीका को आप सभी पर गर्व है"

आलोचक इस बात को लेकर ट्रंप की निंदा कर रहे हैं कि टीम को बधाई देने में ट्रंप ने एक घंटे का समय लगा दिया.

इससे पहले भी ट्रंप अमरीकी महिला फुटबॉल टीम की सह-कप्तान मेगन रापिनो के साथ विवाद में रह चुके हैं.

मेगन समलैंगिक हैं. उन्होंने ट्रंप प्रशासन के रवैये, एलजीबीटी समुदाय और महिलाओं के प्रति उनकी नीतियों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि अगर वे वर्ल्ड कप जीत जाती हैं और उन्हें व्हाईट हाउस में बुलाया जाता है तो वो नहीं जाएंगी.

ट्रंप ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, "टीम जीते या हारे, टीम को हमारा निंमत्रण है. मेगन को देश, वाइट हाउस या देश के झंडे का अपमान बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ख़ासकर तब जब उनके और टीम के लिए बहुत कुछ किया जा चुका है. जिस झंडे को आप पहनते हैं उस पर गर्व करिए. अमरीका अच्छा कर रहा है."

मेगन ने ट्रंप के बारे में जो कहा उसको लेकर दुनिया भर में बात हुई.

रविवार को ब्रिटिश शैडो के विदेश सचिव, श्रम सांसद एमिली थॉर्नबेरी ने बधाई देते हुए और ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, नीदरलैंड को उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई. लेकिन मुझे ख़ुशी है कि अमरीका और मेगन रापिनो ने प्राइड विकेंड पर फाइनल में जीत हासिल की.

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