You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
यूरोप-दक्षिण अमरीका में 20 साल बाद मुक्त व्यापार समझौता
20 साल की बातचीत के बाद आखिरकार यूरोपीय संघ (ईयू) और दक्षिणी अमरीकी इकोनॉमिक ब्लॉक ने मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति जताई है.
इस ब्लॉक को मैरकोसूर कहा जाता है और अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे और उरुग्वे जैसे देश इसके सदस्य हैं.
वेनेज़ुएला भी इसका सदस्य था लेकिन समूह के आधारभूत मानकों को पूरा न कर पाने के कारण उसे 2016 में इससे हटा दिया गया.
यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष झां क्लॉं यून्कर ने मैरकोसूर के साथ समझौते को यूरोपीय संघ का अब तक का सबसे बड़ा समझौता कहा है.
उन्होंने कहा कि इस समझौते से यूरोपीय कंपनियां हर साल करीब साढ़े चार अरब डॉलर बचा पाएंगी.
ईयू एग्रीकल्चर कमिश्नर फिल होगन ने कहा है कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा.
उन्होंने कहा, ''यह आए दिन नहीं होता कि एक समझौते में कई महत्वपूर्ण बाधाएं हो लेकिन उन्हें कम करने और बातचीत जारी रखने की कोशिश हो रही हो. यह हमारे औद्योगिक क्षेत्र, हमारी सेवाओं और हमारे कृषि क्षेत्र के लिए अपार आर्थिक संभावनाएं पैदा करने वाला है.''
नया बाजार और लाखों लोगों तक पहुंच
ईयू और मैरकोसूर समझौते का उद्देश्य ट्रेड टैरिफ हटाना, उपभोक्ताओं के लिए आयातित उत्पाद सस्ते करना और दोनों तरफ के देशों में कंपनियों के लिए आयात बढ़ाना है. मैरकोसूर के सदस्यों देशों का यूरोपीय संघ के साथ हुआ यह समझौता सामान और सेवाओं के लिए एक बाजार बनाएगा जिसमें करीब 8000 लाख लोगों तक पहुंच बन सकेंगी.
ब्राजील के राष्ट्रपति ज़ाइर बोल्सनारू ने इस समझौते को ऐतिहासिक और उनके देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण कहा है. वहीं, अर्जेंटीना के विदेश मंत्री खॉर्खे फौर्री ने कहा कि यह समझौता इससे जुड़े सभी पक्षों के लिए ज़्यादा बेहतर भविष्य बनाएगा.
खॉर्खे फौर्री ने कहा, ''हम दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि एक जैसे दो लोग सकारात्मक सोच के साथ भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं. यह इतिहास का मसला नहीं बल्कि आधुनिकता की बात है.''
अर्जेंटीना के विदेश मंत्री ने समझौते पर सहमति के बाद का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया.
दोनों पक्षों के बीच इस समझौते को लेकर 1999 में बातचीत शुरू हुई थी लेकिन 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनल्ड ट्रंप के चुने जाने के बाद इसमें तेजी आई.
अमरीकी चुनावों के बाद से यूरोपीय संघ कनाडा, मेक्सिको और जापान के साथ भी व्यापार समझौता कर चुका है.
ईयू ट्रेड कमिश्नर सीसिलिया मैलमस्ट्रोअम ने कहा कि मैरकोसूर के साथ हुए समझौते से टैरिफ में होने वाली बचत जापान के साथ समझौते के मुकाबले चार गुना ज़्यादा होगी.
पर्यावरण को लेकर चिंता
हालांकि, पर्यावरण समूह ग्रीनपीस ने कहा कि इस समझौते से लातिन अमरीकी कृषि उत्पादों में वृद्धि हो सकती है और इस अटलांटिक के दोनों ओर पर्यावरण को क्षति पहुंचेगी.
ये भी कहा जा रहा है कि समझौते के बाद अमेज़न के जंगलों को और नुकसान पहुंचेगा.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मैरकोसूर पहले से यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा व्यापार एवं निवेश साझेदार है. ईयू औद्योगिक उत्पाद और कार बनाने वाली कंपनियों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है जिन पर मौजूदा समय में 35 प्रतिशत तक टैरिफ लगता है.
मैरकोसूर बीफ़, चीनी, पोल्ट्री और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाना चाहता है.
एक बयान में ब्राजील ने कहा है कि इस समझौते में संतरे के रस, इंस्टेंट कॉफी और फलों जैसे उत्पादों पर शुल्क को समाप्त करना शामिल है. वहीं, मांस, चीनी और इथेनॉल जैसे अन्य उत्पादों के उत्पादकों को यूरोपीय संघ के बाजार में अधिक पहुंच मिल पाएगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)