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मालदीव में नरेंद्र मोदी: जुमा मस्जिद और स्टेडियम निर्माण कराएगा भारत
मालदीव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी शख़्सियतों को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान 'रूल ऑफ़ निशान इज़्ज़ुद्दीन' से सम्मानित किया है.
मोदी ने ट्वीट कर कहा है, "मालदीव ने आज मुझे अपने देश का सर्वोच्च सम्मान दिया है और मैंने विनम्रता से इसे स्वीकार किया. ये सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है बल्कि दोनों देशों की दोस्ती का सम्मान है."
दोनों देशों के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में द्विपक्षीय रिश्तों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा, "मालदीव के साथ रिश्ते को भारत बहुत अहमियत देता है. हम एक दूसरे के साथ मज़बूत रिश्ता चाहते हैं. भारत मालदीव को हर तरह से मदद करना चाहता है. दोनों देशों का रिश्ता हमेशा ऐसा ही रहे."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मालदीव में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण, विभिन्न द्वीपों पर पानी और सफ़ाई की व्यवस्था,छोटे और लघु उद्योगों के लिए वित्त व्यवस्था, बंदरगाहों का विकास, कांफ्रेंस और कम्युनिटी सेंटर का निर्माण, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, स्टूडेंट्स के लिए फ़ेरी की सुविधा आदि से मदद करेगा जिससे लोगों को सीधा फ़ायदा पहुंचेगा.
नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम अडू में बुनियादी ढांचे विकास और ऐतिहासिक जुमा मस्जिद के निर्माण में सहयोग करने को लेकर सहमत हुए हैं."
भारी बहुमत से जीतकर दूसरी बार प्रधानंत्री बने नरेंद्र मोदी की इस कार्यकाल में ये पहली विदेश यात्रा है. रविवार को वो श्रीलंका में होंगे.
शनिवार को वो मालदीव की राजधानी माले पहुंचे जहां रिपब्लिक स्क्वायर पर उनका भव्य स्वागत किया गया और तोपों की सलामी के साथ गॉर्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया.
8 साल बाद पहली औपचारिक यात्रा
यहां मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह ने उनकी अगवानी की.
माले में मौजूद बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव ने कहा कि स्वागत के बाद शनिवार शाम को राष्ट्रपति भवन में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी.
उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री का ये दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले आठ साल से भारत के शीर्ष नेता का कोई औपचारिक दौरान नहीं हुआ है. हालांकि पिछले साल ही मालदीव के राष्ट्रपति सोलेह के शपथग्रहण समारोह में खुद मोदी पहुंचे थे, लेकिन ये औपचारिक यात्रा नहीं थी. इससे पहले 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने मालदीव का दौरा किया था."
स्वागत समारोह के बाद नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई.
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति सोलेह को भारतीय क्रिकेट टीम के हस्ताक्षरों वाला बल्ला उपहार में दिया.
मोदी ने ट्वीट किया, "मेरे दोस्त राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह क्रिकेट प्रेमी हैं, इसलिए हमने उन्हें विश्वकप खेल रही भारतीय टीम के हस्ताक्षर वाला क्रिकेट बैट उपहार में दिया."
एक अन्य ट्वीट में मोदी ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में रिश्ते मज़बूत करने वाला बताया है.
पीएमओ इंडिया ने ट्वीट कर द्विपक्षीय रिश्ते को लेकर मालदीव को अहम पड़ोसी बताया है.
चीन के असर के बीच भारत की एंट्री
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर मालदीव पर चीन के असर का ज़िक्र किया है.
उन्होंने ट्वीट कर कहा है, "प्रधानमंत्री मालदीव और श्रीलंका जा रहे हैं. लेकिन एक साल पहले मालदीव चीन के प्रभाव में आ गया था और श्रीलंका अमरीका के चंगुल में चला गया था. मेरे दख़ल और नशीद और राजपक्षे से मुलाक़ात के बाद मैंने उन्हें फिर से भारत की ओर ले आने में मदद की."
बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक मुद्दे प्रमुख होंगे.
उनके अनुसार, पिछले कई साल से मालदीव का भारत के साथ बहुत अच्छा संबंध नहीं रहा है. मालदीव की आंतरिक अस्थिरता की वजह से भारतीय विदेश नीति भी बहुत प्रभावी नहीं रही है. लेकिन पिछले साल चुनावों में इब्राहिम मोहम्मद सोलेह को अभूतपूर्व जीत हासिल हुई और तब भारत के प्रधानमंत्री को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया था.
इसके बाद राष्ट्रपति सोलेह ने भारत का दौरा किया जिस दौरान कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए थे.
निति श्रीवास्तव के मुताबिक, "बताया जाता है कि अब तक भारत ने मालदीव को क़रीब डेढ़ अरब डॉलर की वित्तीय मदद की है और इसे मालदीव पर चीन के असर को काउंटर करने की भी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. मालदीव पर चीन का तीन अरब डॉलर का क़र्ज़ है."
माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा, ख़ुफ़िया जानकारियों के साझा किए जाने, श्रीलंका में संडे ईस्टर को हुए सीरियल धमाकों के बाद उपजे हालात और अन्य आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी.
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