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पाकिस्तान: ग्वादर में होटल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों को मार गिराया गया
पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर शहर में पांच सितारा पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमला करने वाले तीन बंदूकधारियों को मार गिराया गया है.
तीन बंदूकधारियों के इस हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई है. होटल के एक प्रवक्ता के मुताबिक रमज़ान और छुट्टियों की वजह से होटल में कोई मेहमान नहीं था और स्टाफ़ भी कम ही था.
हालांकि इससे पहले खबरें आई थी कि होटल के मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
अलगाववादी संगठन बलोचिस्तान लिब्रेशन आर्मी (बीएलए) ने हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा है कि चीन और विदेशी निवेशकों को निशाना बनाने के लिए हमला किया गया.
समूह से जुड़े होने का दावा करने वाले एक ट्विटर अकाउंट से कहा गया है कि चीन और पाकिस्तान पर और हमले किए जाएंगे.
बलोचिस्तान में स्थानीय अलगाववादी संगठन चीनी निवेश का विरोध करते हैं.
कब हुआ हमला
बंदूकधारियों ने स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजकर 50 मिनट पर होटल पर हमला किया. एक सुरक्षाकर्मी ने होटल के दरवाज़े पर बंदूकधारियों को रोकने की कोशिश की जिसकी गोलीबारी में मौत हो गई.
ये होटल शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विदेशों से आए लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है.
बंदूकधारियों के हमले के बाद सुरक्षाबल होटल के अंदर गए और उनपर गोलीबारी की. ये मुठभेड़ कई घंटों तक चली.
ये होटल के अरब सागर के किनारे एक चट्टान पर स्थित है और इसके दूसरी ओर ग्वादर बंदरगाह है.
बलूचिस्तान के गृहमंत्री मीर ज़ियाउल्लाह ने बीबीसी को बताया है कि पुलिस, फ्रंटियर कोर और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने होटल को अपने घेरे में ले लिया है.
उनका दावा है कि होटल में कोई विदेशी नागरिक हमले के वक्त मौजूद नहीं था.
उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान में आत्मघाती हमलावर दाख़िल होने की रिपोर्ट्स थीं, लेकिन ग्वादर में ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है.
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की माजिद ब्रिगेड ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
पाकिस्तान में चीनी दूतावास ने इस हमले की निंदा की है. पिछले ही महीने ग्वादर में चरमपंथियों ने 11 सुरक्षाकर्मियों समेत 14 लोगों की भी हत्या की थी.
इस इलाके में कई चरमपंथी संगठन सक्रिय हैं जिनमें पाकिस्तानी तालिबान, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और सुन्नी मुस्लिम चरमपंथी समूह लश्कर-ए-झांग्वी शामिल हैं.
ग्वादर, चीन और पाकिस्तान के बीच इकॉनोमिक कॉरिडोर का मुख्य केंद्र है जहां चीन के कई इंजीनियर और अन्य कर्मचारी मौजूद हैं.
ग्वादर की पश्चिमी सीमा ईरान से लगती है.
बलोचिस्तान में कैसे हैं हालात?
बलोचिस्तान पाकिस्तान का सबसे ग़रीब और कम विकसित प्रांत है जहां लंबे समय से अलगाववादी अभियान चल रहे हैं.
बलोचिस्तान प्रांत की सीमाएं ईरान और अफ़ग़ानिस्तान से लगी हैं. कई जगह ये सीमाएं कच्ची हैं और लोग इधर-उधर आते जाते रहते हैं.
यहां की अर्थव्यवस्था प्राकृतिक संसाधनों, ख़ासकर प्राकृतिक गैस पर आधारित है. चीन के महत्वाकांझी बेल्ट एंड रोड परियोजना के तहत यहां चीन ने भारी निवेश किया है जिससे ढांचागत विकास किया जा रहा है.
यहां कई अलगाववादी और चरमपंथी संगठन भी सक्रिय हैं जिनमें बलोचिस्तान लिब्रेशन आर्मी भी शामिल है.
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