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तस्वीरों मेंः धमाकों के तीन दिन बाद श्रीलंका
ईस्टर संडे को हुए सीरियल बम धमाकों के बाद पूरे श्रीलंका में मातम पसरा हुआ है. कुमारी फर्नांडो ने सेंट सेबेस्टियन चर्च में हुए धमाकों में अपने दो बच्चों और पति को खो दिया.
बुधवार को हुए सामूहिक अंत्येष्टि में शवों को दफ़नाते समय उनका सब्र टूट गया.
चर्चों और होटलों में हुए आठ धमाकों में अबतक 359 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जबकि 500 लोग घायल हुए हैं.
श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि इन विस्फ़ोटों से इस्लामिक स्टेट (आईएस) को जोड़ा जा सकता है.
धमाकों की ज़िम्मेदारी आईएस ने ली है लेकिन इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं दिया है, जैसा कि वो करता रहा है.
और हमलों की आशंका में पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और नाके लगाकर वाहनों और लोगों की चेकिंग की जा रही है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सुरक्षा बल और पुलिस का पुनर्गठन करने का संकल्प लेते हुए बताया कि इस हमले को लेकर कोई चेतावनी पहले साझा नहीं की गई थी.
रॉरेन कैंपबेल और उके पति नील इवांस इन धमाकों में मारे गए आठ ब्रितानी नागरिकों में शामिल हैं. मृतकों में 38 नागरिक हैं.
भारत के 11 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जिनमें जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के कार्यकर्ता भी शामिल हैं.
धमाका इतना ज़बरदस्त था कि चर्च की छतें तक उड़ गईं. पुलिस ने बताया कि चर्चों और होटलों में हुए इन बम धमाकों में अब तक नौ में से आठ हमलावरों की पहचान कर ली गई है. यह भी बताया गया कि इनमें से एक महिला हैं और कोई भी हमलावर विदेशी नहीं है.
पुलिस ने अब तक 60 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. आगे किसी हमले को रोकने के लिए आपातकाल लगाया गया है.
कोलंबो के बौद्ध विहार में दिवंगत लोगों के लिए शांति प्रार्थना आयोजित की गई. इस घटना से पूरे दुनिया में शोक की लहर है और प्रर्थना सभाएं और कैंडल मार्च निकाले जा रहै हैं.
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