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इल्हान ओमर: 9/11 को फिर से चर्चा में लाने वाली मुस्लिम अमरीकी नेता
9/11 के हमलों के बारे में की गई अपनी टिप्पणी के बाद आलोचना का शिकार हुईं डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्हान ओमर ने कहा है कि वो चुप नहीं रहेंगी.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें इल्हान ओमर के दिए भाषण के कुछ अंश और 11 सितंबर 2011 में अमरीका के ट्विन टावर पर हुए आतंकी हमले के वीडियो हैं. ट्रंप ने लिखा, "हम ये कभी नहीं भूलेंगे."
वीडियो में कई जगहों पर इल्हान ओमर कह रही हैं, 'कुछ लोगों ने कुछ किया' (सम पीपल डिड समथिंग) और उनके बयान के बीच में कई जगहों पर विमान के इमारत से टकराने और उनके गिरने के वीडियो हैं.
रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं का आरोप है कि इल्हान ओमर ने 9/11 हमलों को कमतर कर पेश किया है. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इल्हान के बचाव में आ गए हैं. उनका कहना है कि इल्हान के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. कईयों ने ट्रंप पर इल्हान ओमर और मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए हैं.
कौन हैं इल्हान ओमर?
बीते साल नवंबर में हुए चुनावों में मिनेसोटा से जीतकर इल्हान ओमर हाइस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स में आई थीं. वो पहली दो मुसलमान महिलाओं में से एक हैं जो अमरीकी कांग्रेस तक पहुंची हैं.
इल्हान मूल रूप से सोमालिया की हैं. सोमालिया से पलायन कर उनका परिवार अमरीका में शरणार्थी के तौर पर बस गया था. इल्हान हिजाब पहनने वाली कांग्रेस की पहली नेता हैं.
हाइस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव में इल्हान नई हैं लेकिन ये पहली बार है जब वो चर्चा में आई हैं. इसराइल और इसराइल समर्थकों के बारे में उनके एक बयान के कारण उन पर यहूदी विरोधी भावना से प्रेरित होने का आरोप लगाया गया था.
लेकिन आलोचना के बाद उन्होंने माफ़ी मांगी और कहा कि वो अभी 'सीख रही हैं.'
एक पोस्टर में इल्हान को ट्विन टावर के पास में खड़ा दिखाया गया था जिसके बाद उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी कि उन्हें मुसलमान विरोधी के रूप में दिखाने की कोशिश हो रही है.
बीते सप्ताह पुलिस ने न्यूयॉर्क में 55 साल की एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था जिन्होंने कथित तौर पर इल्हान के दफ़्तर में फ़ोन कर उन्हें 'आतंकवादी' कहा और आत्महत्या करने की धमकी दी थी.
इल्हान ओमर ने क्या कहा?
इल्हान ओमर के जिस भाषण के कुछ अंश राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किए हैं वो मानवाधिकार समूह काउंसिल ऑफ़ अमरीकन-इस्लामिक रीलेशन्स (सीएआईआर) के एक सम्मेलन में दिए भाषण से लिए गए थे. यह सम्मेलन 23 मार्च को हुआ था.
अपने 20 मिनट लंबे भाषण में इल्हान ओमर ने मुसलमान समुदाय के ख़िलाफ़ इस्लामोफ़ोबिया और हाल में न्यूज़ीलैंड की मस्जिदों पर हुए हमलों जैसे मुश्किल हालातों पर चर्चा की थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्विटर हैंडल पर जो वीडियो पोस्ट किया था उसमें इल्हान ओमर के शब्द उस जगह से लिए गए थे जहां वो सितंबर 2011 के हमलों के बाद अमरीका में मुसलमानों के साथ व्यवहार के बारे में बता रही हैं.
उनका बयान था, "ये सच है लंबे वक्त से हम इस परेशानी के साथ जी रहे हैं कि हमारे साथ दोयम दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार होता है. सच कहूं तो मैं अब इससे थक चुकी हूं और मुझे लगता है कि इस देश में रहने वाले भी अब थक चुके हैं. सीएआईआर की स्थापना 9/11 के हमलों के बाद हुई थी क्योंकि उन्हें लगा कि कुछ लोगों ने कुछ किया और हम सभी के नागरिक अधिकार ख़त्म होने लगे थे."
बाद में वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार ने अपनी जांच में पाया कि सीएआईआर की स्थापना 1994 में हुई थी. बाद में इल्हान ओमर की प्रवक्ता ने एक अख़बार से कहा कि इल्हान ने ग़लती से बयान दिया था और उनका मतलब था कि हमलों के बाद इस संस्था में काम करने वालों की संख्या काफ़ी बढ़ाई गई थी.
विवाद क्या था और कैसे बढ़ा?
इल्हान ओमर की स्पीच के बारे में तब चर्चा शुरू हुई जब 9 अप्रैल को टेक्सस से रिपब्लिकन नेता डैन क्रैनशॉ ने वीडियो जारी किया और इसे 'यकीन नहीं करने लायक' बताया.
इसके बाद फ़ॉक्स न्यूज़ समेत कई मीडिया चैनलों ने इसे रिपोर्ट करना शुरू किया और इस पर चर्चा की.
रिपब्लिकन नेशनल कमिटी की रॉना मैकडेनियल ने इल्हान ओमर को 'अमरीका विरोधी' बताया.
इसके बाद इल्हान ओमर ने कहा कि उन्हें मिल रही आलोचना 'ख़तरनाक है और उन्हें मौत की धमकी भी मिल रही है.'
उन्होंने अपने बयान की तुलना सितंबर 2011 के हमलों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बयान से की जिसमें उन्होंने कहा था कि "पूरी दुनिया आपको सुन रही है और जिन लोगों ने इन इमारतों को गिराया है वो भी जल्द ही हमारी आवाज़ सुनेंगे."
उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि "क्या बुश आतंकी हमले को कमतर कर पेश कर रहे थे? अगर वो मुसलमान होते तो क्या होता."
गुरुवार को न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपने पहले पन्ने पर 11 सितंबर 2011 के हमलों की तस्वीर छापी और लिखा, "ये रहा आपका कुछ."
अमरीका के सोशल मीडिया में इस तस्वीर पर काफ़ी चर्चा हुई और जहां एक तरफ़ कई लोग इसकी आलोचना कर रहे थे तो कुछ ने इसकी तारीफ़ की थी.
इसके बाद शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने इल्हान का वीडियो पोस्ट किया था जिसको लाखों बार शेयर किया गया.
इन सबके जवाब में सोशल मीडिया में कई लोग इल्हान ओमर के समर्थन में आने लगे और #IStandWithIlhan हैशटैग यानी 'मैं इल्हान के साथ हूं' शेयर करने लगे.
सीएनएन ने टीवी चर्चा में ये वीडियो दिखाया लेकिन प्रस्तुतकर्ता क्रिस कुमो ने इसके लिए माफ़ी मांगी. एमएसएनबीसी के प्रस्तुतकर्ता जॉय रीड ने इस वीडियो को प्रसारित करने से इनकार कर दिया.
डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने ट्रंप की आलोचना की. (इनमें कई ऐसे नेता भी शामिल हैं जो 2010 के राष्ट्रपति चुनावों में हिस्सा ले रहे हैं.)
एलिज़ाबेथ वॉरेन ने आरोप लगाया कि "राष्ट्रपति हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स की सदस्य के ख़िलाफ़ हिंसा की बात कर रहे हैं."
बर्नी सैंडर्स ने इसे इल्हान ओमर के ख़िलाफ़ 'ख़तरनाक और आपत्तिजनक हमला' कहा.
सीनेटर ऐमी क्लोबुचार और कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पर नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया.
क्रिस्टन गिलीबार्ड ने इल्हान ओमर के बयान का बचाव नहीं किया लेकिन ट्र्ंप की आलोचना को 'ख़तरनाक' बताया.
स्पीकर ऑफ़ द हाउस नैन्सी पेलोसी ने कहा कि ट्रंप ने जिन तस्वीरों का इस्तेमाल किया वो ग़लत था लेकिन ये भी कहा कि इल्हान ओमर ने हमलों को कमतर कर पेश किया है.
राशिदा तैलब और एलेक्ज़ेन्ड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ जैसे कांग्रेस और डेमोक्रेटिक पार्टी में शामिल कई महिला नेताओं ने डेमोक्रेटिक नेताओं से अपील की है कि वो इल्हान के समर्थन में सामने आएं.
सोशल मीडिया पर मिल रहे समर्थन के बारे में इल्हान ओमर ने एक ट्वीट कर सभी का धन्यवाद किया और कहा, "मेरा साथ देने और ऐसे प्रशासन के ख़िलाफ़ खड़े होने के लिए शुक्रिया जो इस देश में मुसलमानों पर प्रतिबंध लगा रहा है. हमें अमरीका के लिए मिलकर लड़ना होगा."
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