इमरान ख़ान को नोबेल शांति पुरस्कार क्यों दिलाना चाहता है पाकिस्तान

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पाकिस्तान में बहुत सारे लोगों ने अपने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को शांति का नोबेल सम्मान दिलाने के लिए देश भर में ऑनलाइन पेटिशन पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है.
इस पर अब तक तीन लाख से ज़्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं. इनका कहना है कि इमरान ख़ान ने भारतीय पायलट को रिहा कर पड़ोसी भारत से भारी तनाव को कम कर ख़ुद को एक बड़ा नेता साबित किया है.
भारत और पाकिस्तान परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं. भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीरआरपीएफ़ के एक काफ़िले पर हमला और 40 से ज़्यादा जवानों के मारे जाने के बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था. इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठनों के कैंपों पर हमला किया तो पाकिस्तान ने भी भारत के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया और पायलट को गिरफ़्तार कर लिया था.
इमरान ख़ान ने संसद में भारतीय पायलट अभिनंदन वर्तमान की रिहाई की घोषणा कर दी थी और इसके बाद से तनाव कुछ कम हुआ.

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गुरुवार को पाकिस्तान में हैश टैग नोबेल प्राइज़ फोर इमरान ख़ान ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था. इमरान ख़ान की घोषणा के बाद लोगों ने इस हैशटैग के साथ ट्वीट करना शुरू कर दिया था.
ब्रिटेन और पाकिस्तान में चेंज डॉट ओआरजी पर भी लोगों ने कैंपेन शुरू किया है. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने भी संसद को एक प्रस्ताव भेजा है.
इस प्रस्ताव में इमरान ख़ान के लिए संसद से प्रस्ताव पारित कर नोबेल प्राइज़ की मांग करने की बात कही गई है. फ़वाद चौधरी ने इस प्रस्ताव में लिखा है कि इमरान ख़ान ने तनाव को कम करने में अप्रत्याशित रूप से भूमिका अदा की है.
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पूरे मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्केण्डेय काटजू ने भी इमरान ख़ान की तारीफ़ की थी. काटजू ने ट्वीट किया था कहा था, ''मैं इससे पहले इमरान ख़ान की आलोचना करता हूं लेकिन उनकी स्पीच सुन मैं प्रशंसक बन गया हूं.''
मार्कण्डेय काटजू के इस ट्वीट को पाकिस्तानी मीडिया में काफ़ी तवज्जो मिली तो दूसरी तरफ़ भारत में इस ट्वीट के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर काफ़ी खरी-खोटी सुननी पड़ी.
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अपने एक और ट्वीट में इमरान ख़ान ने लिखा है, ''जब मैंने पाकिस्तान को फ़र्जी और कृत्रिम देश कहा था तो किसी पाकिस्तानी ने मुझे गाली नहीं दी थी. अब मैंने इमरान ख़ान की तारीफ़ की तो दर्जनों भारतीयों ने मुझे गाली दी. मुझे देशद्रोही, सनकी और पाकिस्तान परस्त कहा गया. अब आप ही बताइए कौन ज़्यादा परिपक्व है?''
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