You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मेनोपॉज़ में ठंडे पानी के रास्ते खुशी तलाशती महिलाएं
- Author, विल फेफे
- पदनाम, बीबीसी वेल्स न्यूज़
मेनोपॉज़ के दौरान महिलाएं कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती हैं. उनमें हार्मोनल बदलाव होते हैं जो दर्द, तनाव, उदासी और कुछ सेक्सुअल परेशानियों की वजह बनते हैं.
लेकिन, वेल्स में कई महिलाएं मेनोपॉज़ यानी मासिक धर्म के चक्र से निवृत्ति के इन प्रभावों से निपटने के लिए ठंडे पानी में तैराकी का तरीका अपना रही हैं.
ये महिलाएं 6 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले समुद्र के पानी में उतरती हैं और ठंड को मात देकर तैराकी करती हैं.
इनमें से कुछ महिलाओं का मानना है कि इस तरीके से उनकी मानसिक सेहत में सुधार भी हुआ है.
49 साल की एलीसन ओवेन कहती हैं, "जब मुझे कुछ सालों पहले मेनेपॉज़ हुआ तो पहले पता ही नहीं चला कि ये शुरू हो गया है. मैंने ऐसी महिलाओं की कहानियां पढ़ी थीं जिन्हें मेनोपॉज़ हुआ और जो बहुत तनाव और फिर डिप्रेशन में आ गईं."
एलीसन कहती हैं, "मैं अपने साथ ऐसा कुछ नहीं चाहती थी. इसलिए मैंने सोचा कि खुद को एक्टिव रखने और इस सबसे बाहर निकलने के लिए मुझे कुछ करना ही होगा."
शुरुआत की और बस ग्रुप बन गया
एलीसन ने पिछली गर्मियों में टीचर की अपनी नौकरी छोड़ दी और सेरिब्रल पाल्सी (एक तरह की दिमागी समस्या जिसमें शरीर के कुछ अंग प्रभावित होते हैं) से ग्रस्त अपनी बेटी की पूरी तरह देखभाल करने लगीं.
वे बताती हैं कि इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने स्वानसी में गावर प्रायद्वीप में कोल्ड विंटर स्वीमिंग यानि ठंडे पानी में तैराकी करना शुरू कर दिया.
पहले वो अकेली ही ऐसा करती थीं लेकिन बाद में उन्होंने अन्य महिलाओं से भी इससे जुड़ने के लिए बात की.
एलीसन बताती हैं, "इसकी शुरुआत बहुत रोमांचक और उत्साहभरी थी. इसने हमारे अंदर जैसे एक बच्चे को नींद से जगा दिया. इसने हमें याद दिलाया कि बच्चे, नौकरी और दूसरे कामकाजों से पहले हम कैसे हुआ करते थे."
वे कहती हैं, "इस प्रक्रिया में शरीर के पानी के अनुकूल होने से पहले पानी में टिके रहने के लिए 91 सैकेंड तक धैर्य बनाए रखने की जरूरत है."
एलीसन कहती हैं कि इस तरीके को अपना रहीं महिलाएं इतनी सकारात्मक रहीं कि उन्होंने अपने आप एक समूह बना लिया. अब तो गावर ब्लूटिट्स नाम से एक स्विमिंग क्लब बन चुका है जहां करीब 20 महिलाएं ठंडे पानी में तैराकी का लुत्फ़ उठाने के लिए एक साथ आती हैं.
मेनोपॉज़ क्या है?
एनएचएस के मुताबिक़ मेनोपॉज़ तब होता है जब महिलाओं को पीरियड्स यानी मासिक धर्म होने बंद हो जाते हैं और वो गर्भधारण नहीं कर सकतीं.
इसके कारण रातों में पसीना आना, गर्मी लगना, पेट के निचले हिस्से में और पैरों में दर्द होना, उदासी छाना या चिंता बढ़ना और याददाश्त कम होने जैसी समस्याएं होती है.
इससे महिलाओं की सेक्स लाइफ़ पर भी असर पड़ता है. उनमें यौन इच्छा कम हो जाती है और सेक्स के दौरान वैजाइनल ड्राइनेस और असहजता होती है.
अमूमन मेनोपॉजी 45 से 55 साल की उम्र में तब होता है जब महिलाओं में एस्ट्रोजन नाम के हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है.
एलीसन के साथ तैराकी करने वालीं पैट्रीशिया वुडहाउस कहती हैं, "मैं मेनोपॉज़ से गुज़र रही हूं. मुझे लगता है कि तैराकी शुरू करने से ये मेरे लिए थोड़ा आसान हुआ है. रातों में पसीना आना अब उतना बुरा नहीं रहा. मैं अब पहले जैसा तनाव भी महसूस नहीं करती."
वे कहती हैं कि ये तरीका आपको ऐसे 10 मिनट देता है जब आप किसी भी चीज़ के बारे में नहीं सोच रहे होते.
तैराकी से कैसे होता है फायदा?
युनिवर्सिटी ऑफ़ पोर्ट्समाउथ में कोल्ड वॉटर स्वीमिंग के विशेषज्ञ प्रोफेसर माइक टिपटॉन के मुताबिक़ ये सूमह ठंडे पानी में तैराकी के जिस तरह के प्रभावों की बात कर रहा है वो असामान्य नहीं हैं.
प्रोफेसर टिपटॉन बताते हैं, "इस बात के प्रमाण है कि ये तरीका कुछ चीज़ों में काम आता है, लेकिन हम नहीं जानते कि ये कैसे होता है. ठंडे पानी के प्रभावों को लेकर कई सारी थ्योरी हैं लेकिन कोई निश्चित प्रमाण नहीं हैं."
"इसका मुख्य मसला ये है कि इसमें शामिल विभिन्न कारणों को अलग-अलग करना बहुत मुश्किल होता है. कोल्ड वॉटर स्विमिंग में व्यायाम और सामाजीकरण शामिल होते हैं. इन दोनों बातों का मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर होता है."
प्रोफेसर टिपटॉन कहते हैं कि यही कारण है कि पानी के तापमान के असर का विश्लेषण करना भी बहुत मुश्किल होता है.
वह बताते हैं, "हर कोई जानता है कि ठंडे पानी में नहाना एक तरह से कोल्ड शॉक देता है. इससे शरीर में तनाव संबंधी हार्मोन्स रिलीज़ होते हैं. इसी कारण लोग कहते हैं कि वो हवा में होने जैसा या हल्का महूसस करते हैं.''
लेकिन, प्रोफेसर टिपटॉन इसे लेकर सावधान भी करते हैं. वह कहते हैं, "लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि वो एक ख़तरनाक काम कर रहे हैं. आराम देने की यही प्रक्रिया आपके लिए ठंडे पानी में सांस लेने में दिक्कत भी पैदा कर सकती है."
लेकिन, पैट्रीशिया इसे अपने आज़ाद होने जैसा मानती हैं. वे कहती हैं, "इसी तरह की आज़ादी बच्चों को होती है. उनमें कोई संकोच नहीं होता. कोई इस बात की फ़िक्र नहीं करता कि उस छोटी उम्र में वो कैसे दिखते, बस वो पानी में उतर जाते."
"हम भी बिल्कुल यही करते हैं, हम इस बात की चिंता नहीं करते कि हम कैसे दिखते हैं, यहां कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. यह सिर्फ़ खुशी के लिए है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)