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नए साल से पहले चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जॉन केली पद छोड़ेंगे- ट्रंप
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा है कि व्हाइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जॉन केली इस साल के आख़िर तक अपना पद छोड़ देंगे.
हाल के दिनों में आ रही ख़बरों के अनुसार जॉन केली पर पद से इस्तीफ़ा देने का दबाव बन रहा था.
कई मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है किकेली और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच रिश्ते ख़राब हुए हैं और दोनों के बीच बातचीत लगभग ना के बराबर है.
ट्रंप का कहना है कि "आने वाले दो-तीन दिनों" में इस पद के लिए नए नाम की घोषणा की जा सकती है.
थल सेना और जल सेना की टीमों के बीच फिलाडेलफिया में होने वाले एक फुटबॉल मैच देखने के लिए निकलने से पहले ट्रंप ने मीडिया के साथ बातचीत में ये घोषणा की है.
व्हाइट हाउस चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ नियुक्त किए जाने से पहले जॉन केली होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रमुख थे.
बीते साल जुलाई में ट्रंप ने उन्हें होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रमुख के पद के लिए नामित किया था और फिर बाद में रीन्स प्रीबस की जगह चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनाया था.
बीबीसी के उत्तर अमरीकी संवाददाता एंटनी ज़र्कर कहते हैं कि देखा जाए तो जॉन केली से पहले ट्रंप प्रशासन में तीन चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ और तीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बदले जा चुके हैं.
ट्रंप 20 जनवरी 2017 से सत्ता में आए थे और तभी से उनके प्रशासन से आला अधिकारियों का जाना सुर्खियों में बना हुआ है.
इससे पहले रीन्स प्रीबस चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के पद पर और रिक डियरबॉर्न और केटी वॉल्श डिप्टी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के पद पर काम कर चुके हैं.
एचआर मैक्मास्टर और माइक फ्लिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से और डीना पोवेल डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
बीते महीने समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक स्रोत के हवाले से ख़बर दी थी कि इसके बाद उप राष्ट्रपति माइक पेन्स के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के तौर पर काम कर रहे निक आयर्स को इस पद नियुक्त किया जा सकता है.
इसी साल खोजी पत्रकार बॉब वुडवॉर्ड की एक किताब आई थी जिसमें दावा किया गया था कि जॉन केली ने ट्रंप को कई बार 'इडियट' कहा है. बाद में केली ने इन दावों को खारिज कर दिया था.
किताब के अनुसार केली ने कई बार इस शब्द का इस्तेमाल किया था और ये भी कहा था कि "ट्रंप को कोई भी बात समझा पाना असंभव है."
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