यूएन में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने दिया इस्तीफ़ा

सयुंक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

साउथ कैरोलाइना की पूर्व गवर्नर हेली का इस्तीफ़ा ट्रंप प्रशासन के लिए एक चौंकाने वाली घटना के रूप में देखा जा रहा है.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया है. ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि हेली इस साल के आख़िर तक अपना पद छोड़ देंगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ये कहा है कि वो निकी हेली के साथ एक बार फिर काम करना चाहेंगे और निकी अपने लिए पसंदीदा काम भी चुन सकती हैं.

ट्रंप प्रशासन ने हेली को साल 2017 के जनवरी महीने में सयुंक्त राष्ट्र संघ का राजदूत बनाया था.

निकी हेली ने क्यों दिया इस्तीफ़ा?

इस साल अप्रैल में निकी हेली व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ सलाहकार से रूस पर पाबंदियों के बारे में दिए गए बयान पर उलझ गई थीं.

उसके बाद व्हाइट हाउस के एक सलाहकार लेरी कुडलो ने पत्रकारों को बताया था कि रूस पर पाबंदियों के बारे में निकी हेली का बयान एक भ्रम की वजह से दिया गया था.

निकी हेली ने इस पर तुरंत जवाब देते हुए कहा था कि वो कभी 'कंफ़्यूज़ नहीं होतीं.

उन्होंने ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले भी, उनके बारे में विवादास्पद बयान दिया था. इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने उन्हें एक अहम पद दिया.

राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने से इनकार

ओवल ऑफ़िस में अमरीकी राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए निकी हेली ने कहा, "शुक्रिया, राष्ट्रपति जी, ये मेरे पूरे जीवन के लिए एक सम्मान की बात है."

वहीं, ट्रंप ने कहा है, "निकी हेली मेरे लिए बहुत ख़ास रही हैं. उन्होंने बेहद शानदार काम किया है."

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा है कि यूएन में निकी हेली की जगह लेने वाले व्यक्ति के नाम की घोषणा अगले दो से तीन हफ़्तों में की जाएगी.

साल 2020 में राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल होने पर निकी हेली ने कहा है कि वह 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी करने नहीं जा रही हैं और अगले चुनाव में भी वह ट्रंप के लिए ही प्रचार करेंगी.

अजीत सिंह और राज कौर की बेटी

निकी हेली अमरीकी प्रशासन में अब तक सर्वोच्च पद पर पहुंची भारतीय मूल की महिला हैं.

अजीत सिंह रंधावा और राज कौर रंधावा की बेटी के रूप में जन्म लेने वाली निकी हेली बचपन से ही अपने परिवार की कंपनी के लिए अकाउंटिंग का काम किया करती थीं.

साल 2010 में निकी हेली ने अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली पहली गवर्नर, साउथ कैरोलाइना की पहली महिला गवर्नर और अमरीका की सबसे युवा गवर्नर बनने का रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद साल 2014 में उन्होंने एक बार फिर साउथ कैरोलाइना की गवर्नर बनने में सफलता पाई.

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