इसराइल के ख़ुफिया अभियान के बाद ग़ज़ा में झड़पें

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इसराइल की सेना और फ़लस्तीन के हमास लड़ाकों के बीच ग़ज़ा में हिंसक झड़पें हो रही हैं.
इन झड़पों की शुरुआत के एक दिन पहले इसराइल ने ग़ज़ा में एक गोपनीय अभियान चलाया था जिसमें सात चरमपंथियों और इसराइल के एक सैनिक की मौत हो गई थी.
सोमवार को चरमपंथियों ने इसराइल की तरफ 200 रॉकेट दागे. इनमें से एक ने खाली बस को निशाना बनाया और पास में ही मौजूद एक सैनिक गंभीर रुप से घायल हो गया.
इसके जवाब में इसराइल ने भी हमले किए. इसराइल के मुताबिक़ उसने हमास और इस्लामी जिहाद के ठिकानों को निशाना बनाया.
इन हमलों में तीन फ़लस्तीनी मारे गए. रिपोर्टों के मुताबिक़ इनमें से दो चरमपंथी थे.
इसके पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू अपने पेरिस दौरे को जल्दी ख़त्म करके वापस लौट आए. उनकी वापसी का मक़सद इसराइल के सुरक्षा प्रमुखों से मशविरा करना था. वो पहले विश्व युद्ध की समाप्ति के सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने गए थे.

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रविवार को क्या हुआ था?
हमास के एक कमांडर और इसराइल के एक सैनिक की रविवार को मौत हो गई थी.
फ़लस्तीनियों का कहना है कि नागरिक वाहन में सवार इसराइल की एक सैन्य टुकड़ी ने हमास कमांडर की जान ले ली.
फ़लस्तीनी सूत्रों के मुताबिक़ इसराइल की ये टुकड़ी ग़ज़ा पट्टी के करीब तीन किलोमीटर अंदर थी. ग़ज़ा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले हमास के लड़ाकों ने उनके वाहन को रोका.
इस समूह की सैन्य शाखा इज़्ज़ेदिन अल कसाम ब्रिगेड्स ने बताया कि इसराइली सैनिकों ने गोलियां चलाना शुरु कर दिया और इसमें एक स्थानीय कमांडर नूर बराख़ की मौत हो गई. रिपोर्टों के मुताबिक़ ये घटना ख़ान यूनिस के पास की है.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई. इसराइल के टैकों और विमानों ने भी इस इलाक़े में हमले किए.
समाचार एजेंसी एएफपी ने फ़लस्तीन के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि इन हमलों में हमास से जुड़े छह लोगों की मौत हो गई. हमले में मरने वाला सातवां व्यक्ति पॉपुलर रजिस्टेंस कमेटीज़ से जुड़ा था.
इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ) के मुताबिक़, हमले में शामिल स्पेशल यूनिट के एक सदस्य की मौत हुई और एक अन्य मामूली रूप से घायल हो गया.

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इसराइल ने कमांडर को क्यों मारा?
अभियान की गोपनीयता की वजह से इसराइल ने मिशन के बारे में ज़्यादा ब्योरा नहीं दिया है.
आईडीएफ ने कहा है कि इस अभियान का मक़सद 'चरमपंथियों को मारना या उन्हें अगवा करना नहीं बल्कि इसराइल की सुरक्षा को मजबूत करना था.'
बीबीसी के यरूशलम में मौजूद संवाददाता टॉप बैटमैन ने बताया है कि इसराइल के एक पूर्व जनरल के मुताबिक़, ये अभियान ख़ुफिया जानकारी जुटाने से जुड़ा लगता है जिसे सही तरह से अंजाम नहीं दिया जा सका. उनका कहना है कि ग़ज़ा के अंदर इसराइल के ऐसे किसी अभियान के बारे में जानकारी सामने आना आम बात नहीं है.

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रविवार के अभियान के बाद से क्या हुआ?
हमास के प्रवक्ता फावज़ी बारहोम ने इसे 'इसराइल का कायराना हमला' बताया है और इसकी निंदा की है.
आईडीएफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गाडि आइज़ेन कोट ने कहा है कि इसराइल की सैन्य टुकड़ी 'इसराइल की सुरक्षा से जुड़े बेहद अहम अभियान पर थी.' उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी.
इसराइल की सेना ने कहा है कि झड़पों के तुरंत बाद ग़ज़ा से इसराइल की ओर 17 राकेट दागे गए. इनमें से तीन को गिरा दिया गया.
इसराइल की सेना के मुताबिक़, सोमवार दोपहर बाद 200 रॉकेट और मोर्टार दागे गए. इनमें से 60 को बीच में ही रोक दिया गया.
इसराइली सेना ने बताया है कि हमास और इस्लामी जिहाद के ग़ज़ा स्थित 20 ठिकानों को विमानों और टैंकों के ज़रिए निशाना बनाया गया है. सेना के मुताबिक़, आने वाले घंटों में इन हमलों को तेज़ किया जाएगा.
ग़ज़ा में हमास के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि इसराइल के हमले में तीन लोग मारे गए और नौ अन्य लोग घायल हो गए.
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