You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरियाई प्रायद्वीप में जल्द ख़त्म हो सकता है तनाव: मून जेई-इन
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उम्मीद जताई है कि कोरियाई प्रायद्वीप में जारी तनाव जल्द ही खत्म हो सकता है. उनका कहना है कि अमरीका और उत्तर कोरिया की कोशिशों से जल्द ऐसा हो सकता है.
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध 1953 में ही खत्म हो गया था, लेकिन अब तक शांति समझौता नहीं हो सका है.
मून जेई-इन ने कहा कि वो उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन को परमाणु हथियार छोड़ने के लिए राज़ी करने की लगातार कोशिश करते रहे हैं.
उन्होंने किम जोंग-उन को एक 'सरल' व्यक्ति बताया.
सियोल में बीबीसी संवाददाता लॉरा बिकर को दिए इंटरव्यू में मून जई-इन ने उम्मीद जताई है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच बातचीत में कूटनीतिक मुश्किलें आ सकती हैं. लेकिन ऐसी सूरत में यूरोपीय देशों के नेता मध्यस्थता करने में उनकी मदद करेंगे.
इस साल मून जेई-इन और किम जोंग-उन के बीच तीन बार मुलाकातें हुई थी. वो किम जोंग-उन और डोनल्ड ट्रंप के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते रहे हैं.
कोरियाई प्रायद्वीप का तनाव खत्म कैसे होगा?
मून जेई-इन ने कहा कि उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में जारी तनाव खत्म करने को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति और दूसरे अमरीकी अधिकारियों से कई बार चर्चा की है.
उन्होंने कहा, "अगर उत्तर कोरिया युद्ध ख़त्म होने की घोषणा करता है तो इससे उसके और अमरीका के बीच के रिश्ते भी सुधरेंगे."
उन्होंने कहा कि वो जल्द ही ये होते देखना चाहते हैं और वो मानते हैं कि दक्षिण कोरिया की इस इच्छा से अमरीका भी इत्तेफाक रखता है.
पिछले साल मून जेई-इन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था. वहां उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया था. तनाव शुरू होने के बाद ऐसा करने वाले वो पहले दक्षिण कोरियाई नेता हैं.
उत्तर कोरिया में मून जेई-इन के भाषण को एक लाख पचास हज़ार लोगों ने स्टेंडिंग ओवेशन दिया था.
मून जेई-इन कहते हैं, "वहां भाषण देने को लेकर मैं बहुत घबराया हुआ था. मुझे परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बात करनी थी. मैं चाहता था कि मैं जो कहूं, उसे उत्तर कोरिया के लोग सकारात्मक रूप में ग्रहण करें. "
"मुझे उत्तर कोरिया के लोगों और दुनिया के लोगों, दोनों को ही संतुष्ट करना था और ये करना मेरे लिए कतई आसान नहीं था."
ये भी पढ़ें...
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)