इंडोनेशिया भूकंपः अपनी जान देकर सैकड़ों जान बचाने वाला 'हीरो'

इंडोनेशिया तबाही के दौर से गुज़र रहा है. शुक्रवार को देश में आए 7.5 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने कम से कम 844 लोगों की जान ले ली.

शुक्रवार को जब इंडोनेशिया की धरती हिली तो 21 साल के एंथोनियस गुनावान एगुअंग पालू एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर पर तैनात थे. वे बाटिक एयरलाइन के एक विमान को उड़ान भरने की इजाज़त दे रहे थे.

हालात देखते हुए एगुअंग के सहयोगी नियंत्रण टावर छोड़कर बाहर निकल गए, लेकिन वो तब तक वहां बने रहे जब तक विमान ने रनवे से उड़ान नहीं भर ली.

जैसे ही विमान उड़ा भूकंप के झटके तेज़ हो गए. देखते ही देखते नियंत्रण टावर की चार मंजिला इमारत ढह गई. ख़ुद को बचाने के लिए एगुअंग खिड़की से बाहर कूदे जिसकी वजह से उनके पैर, हाथ, पसलियों सहित कई हड्डियां टूट गईं.

उन्हें विमान के ज़रिए अस्पताल ले जाया जाना था, लेकिन विमान के पहुंचने से पहले ही अगुआंग ने दम तोड़ दिया.

एक हीरो

इंडोनेशिया के एयर नेविगेशन के प्रवक्ता योहानेस सिरैत ने एबीसी से कहा, ''एगुअंग के फ़ैसले ने सैकड़ों लोगों की ज़िंदगी बचाई.''

इंडोनेशिया के एयर नेविगेशन ने एगुअंग की तस्वीरें ट्विटर पर एक साझा करते हुए उन्हें श्रद्दांजलि दी. इन तस्वीरों में उनके पार्थिव शरीर को इंडोनेशियाई सेना के जवान अंतिम यात्रा के लिए ले जा रहे हैं.

एगुअंग की ये साहस से भरी कहानी इंटरनेट पर छाई हुई है और लोग उन्हें 'हीरो' कह रहे हैं.

बाटिक एयरलाइन के कैप्टन रिकोस्टा मैफ़ैला ने एगुअंग के प्रति आभार प्रकट करते हुए उनसे हुई उनके अंतिम शब्दों को इंस्टाग्राम पर लिखा.

इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी दोनों का दंश झेल रहा है. शुक्रवार को आई इस आपदा में 844 लोग मारे गए हैं. मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

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