वुसत का ब्लॉग: ये इतिहास पढ़ाकर संबंध सुधारने की बात...!

    • Author, वुसअतुल्लाह ख़ान
    • पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, पाकिस्तान से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

पाकिस्तानी बच्चों को घर या स्कूल में पढ़ाया या बताया जाता है कि मुसलमानों के आने से पहले हिंदुस्तान अंधेरों में डूबा हुआ था.

रोशनी यहां इस्लाम लेकर आया. ईरान, मध्य एशिया और अरब से सूफ़ी लोग आए तो भेदभाव से तंग आए हिंदू मुसलमान होने लगे.

बाहर से आकर हिंदुस्तान में बसने वाले तुर्क, ईरानी और अरब अपने साथ खान पान के नए तरीके लाए.

... तो ऐसे बना पाकिस्तान!

कपड़ों का फ़ैशन लाए. तस्वीरें बनाने का फ़न आया. शायरी और म्यूज़िक आया. ताजमहल जैसी ख़ूबसूरत इमारतें बनीं.

मुसलमान बादशाहों ने मुकामी हिंदुस्तानियों को तहजीब सिखाई. उनका रहन सहन अच्छा हुआ. हिंदू समंदर पार सफ़र करने से डरते थे. मुसलमान मल्लाहों की देखा देखी उनका समंदर से डर कम हुआ और वो हिंदुस्तान से बाहर जाने लगे और यूं उनके दिमाग से जाले उतरने लगे.

महमूद गज़नवी, मोहम्मद गौरी, शाहजहां, औरंगज़ेब हीरो हैं. पृथ्वीराज चौहान, शिवाजी, गांधी जी मुसलमान दुश्मन विलेन हैं.

1857 की जंग ए आज़ादी दरअसल अंग्रेज़ों और मुसलमानों की लड़ाई थी. इस जंग के बाद हिंदुओं ने मुसलमानों को हर मैदान में नीचा दिखाने के लिए अंग्रेज़ों से गठजोड़ कर लिया. चुंनाचे तंग आकर मुस्लिम लीग कायम हुई और फिर मुस्लिम लीग ने हिंदुओं और अंग्रेज़ों से मुसलमानों को आज़ाद करवाकर पाकिस्तान बनाया.

इतिहास का दूसरा पहलू

1947 में 20 लाख मुसलमान हिंदुओं और सिखों के हाथों मारे गए. 1965 के युद्ध में भारत को क़रारी हार हुई. चुंनाचे भारत ने पश्चिमी पाकिस्तान में बस रहे हिंदुओं से साजिश करके बांग्लादेश बना दिया.

भारतीय बच्चों को घर या स्कूल में पढ़ाया या बताया जाता है कि मुसलमानों के आने से पहले भारत में सुख चैन और प्रगति थी. साइंस और गणित में प्राचीन भारत सबसे आगे था और सोने की चिड़िया कहलाता था.

महमूद गज़नवी से औरंगज़ेब तक सब गैरमुल्की लुटेरे हैं. उन्होंने मंदिर तोड़े. उनके ऊपर मस्जिदें बनाईं. लाखों हिंदुओं को क़त्ल किया. ज़बरदस्ती मुसलमान बनाया. अगर पृथ्वीराज चौहान, शिवाजी वगैरह न होते तो हिंदुओं को ये गैरमुल्की मुसलमान ग़ुलाम बनाए रखते.

इनाम में पाकिस्तान!

अंग्रेज़ ने मुगलों का ख़ात्मा किया. मगर 1857 की जंग ए आज़ादी के हीरो मंगल पांडेय और झांसी की रानी हैं. अंग्रेज़ों ने भी मुसलमान बादशाहों की तरह भारत को खूब लूटा. मुसलमानों ने आज़ादी की लड़ाई में कांग्रेस का साथ देने की बजाए अंग्रेज़ों की हौसला अफ़जाई से लड़ाओ और हुकूमत करो की पॉलिसी के तहत मुस्लिम लीग बनाई.

मुस्लिम लीग ने भारतीय एकता को तोड़ने के लिए अंग्रेज़ी एजेंडा आगे बढ़ाया और इनाम में पाकिस्तान पाया.

भारत ने पाकिस्तान के साथ हमेशा शांति से रहने की कोशिश की मगर पाकिस्तान ने हमेशा भारत की पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की. भारत में रहने वाले मुसलमान मुंह से तो खुद को भारतीय कहते हैं पर उनके दिल पाकिस्तान के लिए धड़कते हैं. लिहाजा उन पर नज़र रखने की जरूरत है.

अब जब ये पाकिस्तानी और भारतीय बच्चे बड़े होकर राजनीति में जाते हैं. फ़ौज में भर्ती होते हैं. राजनयिक और बाबू बनते हैं. तो हम उन्हीं से उम्मीद रखते हैं कि वो भारत और पाकिस्तान के संबंधों में एक दिन सुधार लाएंगे.

क्या मुझे हंसने की इजाज़त है.

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