चीन पर भड़के डोनल्ड ट्रंप, किम जोंग-उन को बताया 'अच्छा दोस्त'

डोनल्ड ट्रंप

इमेज स्रोत, AFP

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीन को फटकार लगाते हुए कहा है कि वो उत्तर कोरिया के साथ सुधरते अमरीकी सम्बन्धों की राह में रोड़ अटका रहा है.

राष्ट्रपति ट्रंप का ये बयान ऐसे वक़्त में आया है जब अमरीका पर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर काफ़ी दबाव है.

ट्रंप ने लगातार कई ट्वीट किए और कहा कि वो दक्षिण कोरिया के साथ साझा युद्ध अभ्यास को जारी रखने की कोई वजह नहीं देखते क्योंकि इससे उत्तरो कोरिया में गुस्सा बढ़ रहा है.

डोनल्ड ट्रंप, किम जोन-उंग

इमेज स्रोत, Reuters

ट्रंप ने इस साल जून में किम जोंग-उन के साथ सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक मुलाकात के बाद दक्षिण कोरिया के साथ होने वाला सैन्य अभ्यास रोक दिया था.

यह बहस ऐसे वक़्त में छिड़ी है जब कई जानकारों का कहना है कि सिंगापुर में अमरीका के साथ हुई शिखरवार्ता के बाद उत्तर कोरिया अपने परमाणु स्थलों और रॉकेटों को नष्ट करने में तेज़ी दिखा रहा है.

इन ट्वीट्स में ट्रंप उत्तर कोरिया और चीन के नेताओं के साथ अपने निजी संबंधों की तारी़फ़ कर रहे हैं लेकिन साथ ही वो कोरियाई प्रायद्वीप दिक्कतों का दोष चीन के सर भी मढ़ रहे हैं.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 4

आजकल अमरीका पर यह दबाव है कि वह किम जोंग उन के साथ सिंगापुर हुई मुकालात के नतीजों को ज़मीन पर उतारकर दिखाए.

इस दबाव की बड़ी वजह ये है कि किम जोंग-उन से मुलाकात के तुरंत बाद ट्रंप ने ऐलान किया था कि उत्तर कोरिया से अब किसी तरह का परमाणु ख़तरा नहीं है.

हाल ही में अमरीका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अपना उत्तर कोरिया दौरा रद्द कर दिया था. उनका कहना था कि उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के मामले में जो प्रगति हुई है, वो नाकाफ़ी है.

डोनल्ड ट्रंप ने अपने हालिया ट्वीट में कहा है कि उत्तर कोरिया पर चीन के भारी दबाव में है क्योंकि अमरीका और चीन के बीच इस दौरान 'ट्रेड वॉर' चल रहा है.

डोनल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग

इमेज स्रोत, AFP

ट्रंप ने चीन पर उत्तर कोरिया को 'पर्याप्त मात्रा में मदद' पहुंचाने का आरोप भी लगाया. ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा, "इससे कोई मदद नहीं मिलेगी."

हालांकि इन सबके साथ ट्रंप ये भी कहते हैं कि उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन के साथ उनका रिश्ता 'बहुत अच्छा और गर्मजोशी वाला' है और इसलिए वो दक्षिण कोरिया के साथ 'वॉर गेम' यानी सैन्य अभ्यास फिर से शुरू नहीं करेंगे.

ट्रंप ये भी कहते हैं कि चीन के साथ जो विवाद है वो उनके और 'बहुत अच्छे राष्ट्रपति शी जिनपिंग' मिलकर सुलझा लेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)