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ट्रंप ने माना बेटे ने जानकारी के लिए की थी रूसी महिला से मुलाक़ात
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उनके बेटे ने जून 2016 में एक रूसी वकील से 'विपक्षी के बारे में जानकारी लेने के लिए' मुलाक़ात की थी और ये क़ानूनन था.
रूस से जुड़ी अधिवक्ता नतालिया वेसेलनित्सकाया और ट्रंप जूनियर के बीच ट्रंप टॉवर में हुई मुलाक़ात पर ये राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का अब तक का सबसे स्पष्ट बयान है.
विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट म्यूलर अमरीकी चुनावों में रूसी दख़ल की जांच कर रहे हैं. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों का कहना है कि रूस ने चुनावों को ट्रंप के पक्ष में करने के लिए काम किया था.
राष्ट्रपति ट्रंप इन सभी आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं. उन्होंने इसकी जांच को 'अमरीकी इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक साज़िश' क़रार दिया है.
रूस नवंबर 2016 में हुए अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है. इन चुनावों में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हरा दिया था.
क्या कहा है राष्ट्रपति ट्रंप ने?
रविवार को अमरीकी मीडिया में आई रिपोर्टों में कहा गया था कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने बेटे ट्रंप जूयनिर के रूसी वकील से मुलाक़ात के कारण क़ानूनी दिक़्क़त में फंसने को लेकर चिंतित हैं.
वाशिंगटन पोस्ट, सीएनएन और एपी जैसे मीडिया संस्थानों ने कई सूत्रों के हवाले से ये ख़बर प्रकाशित की थी.
इसके बाद ट्रंप ने ट्वीट किया, "फ़ेक न्यूज़ रिपोर्टिंग, बिलकुल मनगढ़ंत, कि मैं अपने बेटे की ट्रंप टॉवर में हुई मुलाक़ात को लेकर चिंतित हूं."
"ये मुलाक़ात एक विपक्षी के बारे में जानकारी लेने के लिए की गई थी और पूरी तरह क़ानूनी थी और ऐसा राजनीति में हमेशा से होता रहा है. और इससे आगे कुछ नहीं हुआ."
"मुझे तो इस बारे में पता भी नहीं था."
ट्रंप का ये ट्वीट अहम क्यों हैं?
ट्रंप पक्ष की ओर से इससे पहले इस मुलाक़ात के बारे में जो बयान आते रहे हैं, ये ट्वीट उनके उलट है.
इस मुलाक़ात के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स ने जब सबसे पहले ख़बर प्रकाशित की थी तब ट्रंप जूनियर ने कहा था कि नतालिया और उन्होंने रूसी बच्चों के अमरीकियों द्वारा गोद लिए जाने के कार्यक्रम के बारे में बात की थी.
हालांकि बाद में उन्होंने स्वीकार किया गया था कि वो बैठक के लिए इसलिए राज़ी हुए थे क्योंकि उनसे हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाने वाली जानकारियां देने का वादा किया गया था.
ट्रंप जूनियर ने मीटिंग तय करने के लिए हुए ईमेल आदान-प्रदान का ब्यौरा भी सार्वजनिक कर दिया था.
इसके बाद अमरीकी मीडिया ने कहा था कि ट्रंप जूनियर ने मुलाक़ात के बारे में जो पहला बयान दिया था उसमें राष्ट्रपति ट्रंप की भी भूमिका थी.
ट्रंप की टीम ने शुरुआत में इसका खंडन किया था लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया था कि ट्रंप ने ही अपने बेटे को पूरा बयान लिखवाया था.
अमरीकी पर्यवेक्षकों का कहना है कि ट्रंप का ताज़ा ट्वीट बताता है कि इससे पहले दिया गया बयान भ्रामक था.
इस बैठक पर इतना विवाद क्यों है?
अमरीकी नेताओं का अपने राजनीतिक विपक्षियों के बारे में जानकारियां जुटाना सामान्य बात है.
हालांकि, क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप जूनियर चुनाव अभियान के नियमों के उल्लंघन में शामिल हो सकते हैं, जिनके तहत किसी विदेशी व्यक्ति या सरकार से किसी भी तरह की महत्वपूर्ण चीज़ लेना अवैध है.
हिलेरी क्लिंटन पर जानकारी देने के प्रस्ताव पर उनका उत्साहित होकर जवाब देना षडयंत्र क़ानून (द कांस्प्रेसी लॉ) का उल्लंघन भी हो सकता है.
ट्रंप पक्ष का कहना है कि ट्रंप जूनियर को हिलेरी क्लिंटन के बारे में रूस से कोई अहम जानकारी नहीं मिल पाई थी.
ट्रंप के एक वकील ने रविवार को जारी बयान में कहा है कि इस मुलाक़ात में किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं हुआ है.
ट्रंप के वकील जे सेकूलो ने एबीसी न्यूज़ से कहा, "सवाल ये है कि किस क़ानून, नियम या विनियम का उल्लंघन हुआ है? किसी के पास कोई जवाब है?"
पिछले साल अमरीकी मीडिया में आई रिपोर्टों में कहा गया था कि राष्ट्रपति के कुछ सलाहकारों को डर है कि इस मामले में राष्ट्रपति का हस्तक्षेप उन्हें और उनके क़रीबी लोगों को क़ानूनी परेशानी में डाल सकता है.
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