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इसराइली सैनिक को थप्पड़ मारने वाली लड़की जेल से रिहा
वो फ़लस्तीनी लड़की, जिसने इसराइली सैनिक को कब्जा किए गए वेस्ट बैंक पर चांटा मारा था, उसे आठ महीने बाद जेल से रिहा कर दिया गया है.
अहद तमीमी नाम की इस लड़की इसराइली सेना के साथ हुई मारपीट का वो वीडियो काफ़ी वायरल हुआ था. अहद को वेस्ट बैंक से गिरफ़्तार किया गया था.
पिछेल साल आए वीडियो में अहद तमीमी को नबी सालेह में उनके घर के बाहर इजराइली सेना को थप्पड़ मारते और लात मारते हुए देखा गया था.
फ़लीस्तीनियों के लिए वो प्रतिरोध का प्रतीक बन चुकी हैं लेकिन कुछ का मानना है कि वो जबरदस्ती की पब्लिसिटी चाहने वाली हैं.
जिस शहर में उनका घर है वहां पहुंचते ही उन्हें उनके शुभचिंतकों की भीड़ ने घेर लिया.
इकट्ठा हुई भीड़ को अहद ने कहा, "जब तक यहां से कब्ज़ा हटाया नहीं जाता तब तक प्रतिरोध जारी रहेगा."
अहद तमीमी को दिसंबर में इसराइली सेना ने गिरफ़्तार किया था. तब वो 16 साल की थी, उन पर एक सैनिक पर हमला करने, पत्थर फेंकने और हिंसा भड़काने के 12 आरोप लगे थे.
मार्च में उन्होंने चार आरोपों को स्वीकार लिया था, जिनमें हिंसा भड़काने और हमला करने के आरोप शामिल थे.
अहद तमीमी का ये वीडियो 15 दिसंबर, 2017 को उनकी मां नरीमन ने बनाया था, जिसमें उनके घर के बाहर सड़क पर दो सैनिक उन पर चिल्ला रहे हैं और धक्का मार रहे हैं.
यह घटना वीडियो के रूप में नरीमन तमीमी के फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल अपलोड की गई थी. मारपीट के इस वीडियो को कई लोगों ने देखा.
फुटेज़ में वह एक सैनिक को लात मारते हुए दिखाई देती हैं और फिर उसके चेहरे पर थप्पड़ मारती हैं और दूसरे सैनिक को भी मारने की धमकी देती हैं.
अहद तमीमी ने प्री-ट्रायल सुनवाई में बताया कि उसने सैनिकों पर हमला इसलिए किया क्योंकि उन्होंने उस दिन रबड़ बुलेट से उसके 15 साल के चचेरे भाई मोहम्मद के सिर में गोली मार दी गई थी.
इसराइली सेना ने बताया कि उन्हें विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए तमीमी के घर भेजा गया था जहां फ़लीस्चीनी युवा इसराइली सेना पर पत्थर फेंक रहे थे.
हालांकि बाद में मोहम्मद की चोट के बारे में भी सेना की ओर बताया गया कि उसे चोट बाइक से गिरने पर लगी थी.
राष्ट्रीय प्रतीक
अहद तमीमी के मामले को इसराइली और फ़लीस्तीनी के बीच चल रहे विरोध को और भड़का दिया था.
घटना के बाद इसराइल के शिक्षा मंत्री नफ़्ताली बेनेट ने कहा कि उसका 'जीवन जेल में ही ख़त्म हो', वो इसी के लायक है.
कई इसराइली लोगों का कहना है कि अहद तमीमी का उसके परिवार ने शोषण किया है क्योंकि इन लोगों ने अहद के वीडियो का इस्तेमाल इसराइली सेना को भड़काने के लिए किया.
सोशल मीडिया पर अहद की मां पर भी हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए थे. जबकि इस घटना में शामिल होने वाले उनके भतीजे नूर पर हमला किया गया था.
हालांकि फ़लीस्तीनियों के लिए अहद एक राष्ट्रीय प्रतीक बन गई है, जो कब्ज़े वाली जगह पर सशस्त्र इसराइली सैनिकों के सामने बहादुरी से खड़ी रही. अहद तमीमी का चेहरा देश के गली नुक्कड़ों में पोस्टर की तरह इस्तेमाल किए गए.
अहद के पिता ने उनकी रिहाई के लिए एक ऑनलाइन याचिका अपलोड की, इस याचिका के समर्थन में 17 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए.
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