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ट्रंप-पुतिन की बैठक: अमरीकी नेता ने जताई आशंकाएं
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ़िनलैंड में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली बैठक को लेकर उन्हें कम ही उम्मीदें हैं.
अमरीकी टीवी नेटवर्क सीबीएस से बातचीत में ट्रंप ने कहा है कि पुतिन से मुलाक़ात होने पर कुछ बुरा नहीं होगा और हो सकता है कि शायद कुछ अच्छा ही हो जाये. पर इस मुलाक़ात के लिए मेरे ज़ेहन में बड़ी उम्मीदें नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि वो साल 2016 के अमरीकी चुनाव के दौरान कथित रूप से हैकिंग में शामिल 12 रूसी लोगों की बात उठायेंगे. हालांकि उनके प्रत्यर्पण के बारे में उन्होंने कुछ सोचा नहीं है.
रूस अमरीका के चुनाव में हैकिंग के किसी भी आरोप से इनकार करता है और इन्हें बेबुनियाद कहता आया है.
रूस और अमरीका के बीच कोई भी प्रत्यर्पण व्यवस्था नहीं है.
अमरीका में कुछ लोगों की राय ये भी है कि ट्रंप को हैकिंग के आरोपों के आधार पर पुतिन के साथ अपनी बैठक रद्द कर देनी चाहिए.
दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस मुलाक़ात की घोषणा शुक्रवार को अमरीका के डिप्टी अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेनस्टीन ने की थी.
वहीं रूस को उम्मीद है कि दोनों देशों के नेताओं की इस मुलाक़ात से आपसी संबंध बेहतर हो सकते हैं.
ट्रंप ने सीबीएस से और क्या कहा?
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा:
- मैं मुलाक़ातों में विश्वास रखता हूँ. उत्तर कोरिया और चीन के नेताओं के साथ मेरा बैठक करना अच्छा ही था.
- किसी से आगे बढ़कर मुलाक़ात की कोशिश करना कभी भी बुरा नहीं कहा जा सकता. क्या पता किस मुलाक़ात से कुछ अच्छा हो जाए.
- पुतिन से होने वाली मुलाक़ात के बाद क्या होने वाला है, मैं नहीं कह सकता. पर मैं इतना बता सकता हूँ कि मैं किस बारे में बात करूंगा.
- मैं मानता हूँ पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में कई ग़लत फ़ैसले लिए गए. चुनाव में हैकिंग के लिए भी डेमोक्रेटिक पार्टी ज़िम्मेदार है.
- मुझे कई लोगों ने बताया है कि रिपब्लिकन पार्टी को ही हैकिंग का निशाना बनाया गया. लेकिन हमारे पास काफ़ी अच्छा सुरक्षा सिस्टम है.
ट्रंप इन दिनों कर क्या रहे हैं?
डोनल्ड ट्रंप इन दिनों स्कॉटलैंड में आराम फ़रमा रहे हैं. वहाँ उनका एक बड़ा रिज़ॉर्ट है.
पुतिन से मुलाक़ात करने से पहले वो नेटो के शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले चुके हैं और उन्होंने अपनी ब्रिटेन यात्रा पूरी की है.
हालांकि डोनल्ड ट्रंप का ये ब्रिटेन दौरा कुछ हल्के विवादों में रहा है. ब्रिटेन में एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के ब्रेक्सिट प्लान को देखते हुए अमरीका शायद ब्रिटेन के साथ कोई व्यापारिक समझौता न करे.
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि यूरोप धीरे-धीरे अपना चरित्र खो रहा है क्योंकि अफ़्रीका और मध्य पूर्व के काफ़ी सारे लोग शरण लेने के बहाने यूरोप में आ गए हैं.
हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाक़ात के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने बीबीसी को दिये एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप ने ब्रेक्सिट को लेकर उन्हें बड़ी कठोर सलाह दी थी.
टेरीज़ा मे बोलीं, "ट्रंप ने कहा था कि मुझे ब्रेक्सिट पर यूरोपीय संघ के साथ बातचीत करने की बजाय उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा कर देना चाहिए."
वहीं ट्रंप और पुतिन की बैठक से पहले फ़िनलैंड के कुछ शहरों में प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं.
प्रदर्शनकारियों ने आह्वान किया है कि इस मुलाक़ात में राष्ट्रपति ट्रंप को मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
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